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हैंडलूम नगरी पर्यटक स्थलों के नाम से भी विश्व में बनाएगी पहचान
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Tue, 27 Sep 2016 12:43 AM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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पानीपत। युद्धों की धरती से जाने जानी वाली हैंडलूम नगरी पानीपत अब पर्यटक स्थलों के रूप में भी विश्व में अपनी पहचान बनाएगी। ऐतिहासिक काला आंब व हाली झील को डेवलेप कर पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। हाली झील को सूरजकुंड की तर्ज पर बनाने के लिए करीब 23 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार कर लिया है। वहीं काला आंब को पर्यटक स्थल बनाने के लिए रिफाइनरी ने जिम्मेदारी ली है। इनके मूर्त रूप लेते ही शहर ही नहीं जिले में आय के नए स्त्रोत भी स्थापित होंगे।
जिला प्रशासन इसके अंतर्गत विभिन्न विभाग पानीपत को ऐतिहासिक स्थलों की धुंधली होती तस्वीर को साफ करने की दिशा में आगे बढ़ने लगे हैं। नगर निगम ने मशहूर शायर अल्ताफ हुसैन हाली के नाम से करीब 23 एकड़ में बनी ही हाली की झील व पार्क को नया रूप देने का प्रस्ताव तैयार किया है। डीपीआर के अनुसार हाली की झील को सूरजकुंड की तर्ज पर बसाया जाएगा। इस पर करीब 23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी गत दिनों पानीपत के दौरे में हाली झील को पर्यटक स्थल बनाने की घोषणा की थी। नगर निगम का प्रस्ताव मंजूर होते ही टेंडर लगा दिए जाएंगे। इसके बाद करीब 12 माह में ही इसको मूर्त रूप देने की योजना है।
काला आंब को आईओसीएल देगा मूर्त रूप
पानीपत की तीसरी लड़ाई का सूचक काला आंब अपनी खोती विरासत को फिर से पाएगा। आईओसीएल ने काला आंब को नया रूप देने की जिम्मेदारी ली है। आईओसीएल ने इसको लेकर खुद आगे आकर केंद्रीय मंत्री से मांग की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 14 जनवरी को काला आंब में आयोजति समारोह में भी इसको पर्यटक केंद्र बनाने की घोषणा की थी। आईओसीएल ने इसके बाद जिला प्रशासन के साथ बैठक कर काला आंब में आधुनिक रूप देने की बात दोहराई थी। जिला प्रशासन भी इसको लेकर तैयार हो गया था।
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कलंदर साहब की दरगाह विश्व प्रसिद्ध
कलंदर साहब की दरगाह विश्व प्रसिद्ध है। देश व प्रदेश के कोने-कोने ही नहीं बल्कि दूसरे देशों से भी जायरिन दरगाह में अपनी मन्नत मांगते हैं। यहीं नहीं खास दिनों में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। यहां पर कई पत्थर आज भी पुराने समय की तकनीकी के उदाहरण हैं। प्रशासन द्वारा कलंदर दरगाह में सुविधा व इस तरफ जाने वाले रास्ते को बेहतर बनाने की जरूरत है।
सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है और पानीपत के हाली पार्क व काला आंब को सबसे पहले पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। इसके बाद दूसरे स्थलों में यथा संभव कदम उठाए जाएंगे। पर्यटन स्थल बनने के बाद लोगों की आय के साधन भी बढ़ेंगे।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।
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जिला प्रशासन इसके अंतर्गत विभिन्न विभाग पानीपत को ऐतिहासिक स्थलों की धुंधली होती तस्वीर को साफ करने की दिशा में आगे बढ़ने लगे हैं। नगर निगम ने मशहूर शायर अल्ताफ हुसैन हाली के नाम से करीब 23 एकड़ में बनी ही हाली की झील व पार्क को नया रूप देने का प्रस्ताव तैयार किया है। डीपीआर के अनुसार हाली की झील को सूरजकुंड की तर्ज पर बसाया जाएगा। इस पर करीब 23 करोड़ रुपये की लागत आएगी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी गत दिनों पानीपत के दौरे में हाली झील को पर्यटक स्थल बनाने की घोषणा की थी। नगर निगम का प्रस्ताव मंजूर होते ही टेंडर लगा दिए जाएंगे। इसके बाद करीब 12 माह में ही इसको मूर्त रूप देने की योजना है।
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काला आंब को आईओसीएल देगा मूर्त रूप
पानीपत की तीसरी लड़ाई का सूचक काला आंब अपनी खोती विरासत को फिर से पाएगा। आईओसीएल ने काला आंब को नया रूप देने की जिम्मेदारी ली है। आईओसीएल ने इसको लेकर खुद आगे आकर केंद्रीय मंत्री से मांग की थी। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 14 जनवरी को काला आंब में आयोजति समारोह में भी इसको पर्यटक केंद्र बनाने की घोषणा की थी। आईओसीएल ने इसके बाद जिला प्रशासन के साथ बैठक कर काला आंब में आधुनिक रूप देने की बात दोहराई थी। जिला प्रशासन भी इसको लेकर तैयार हो गया था।
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कलंदर साहब की दरगाह विश्व प्रसिद्ध
कलंदर साहब की दरगाह विश्व प्रसिद्ध है। देश व प्रदेश के कोने-कोने ही नहीं बल्कि दूसरे देशों से भी जायरिन दरगाह में अपनी मन्नत मांगते हैं। यहीं नहीं खास दिनों में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। यहां पर कई पत्थर आज भी पुराने समय की तकनीकी के उदाहरण हैं। प्रशासन द्वारा कलंदर दरगाह में सुविधा व इस तरफ जाने वाले रास्ते को बेहतर बनाने की जरूरत है।
सरकार पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है और पानीपत के हाली पार्क व काला आंब को सबसे पहले पर्यटक स्थल बनाया जाएगा। इसके बाद दूसरे स्थलों में यथा संभव कदम उठाए जाएंगे। पर्यटन स्थल बनने के बाद लोगों की आय के साधन भी बढ़ेंगे।
डॉ. चंद्रशेखर खरे, डीसी पानीपत।