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संभालें अपना दिल, कहीं बंद न हो जाए धड़कन

Sat, 28 Sep 2013 11:52 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Sat, 28 Sep 2013 11:52 PM IST
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Handle your heart
पानीपत। दिल का नाम सुनते ही हर किसी की धड़कन तेज होने लगती है। पर संभलकर। जब दिल पर अटैक आता है तो धड़कन भी उसी तेजी से बंद हो जाती हैं। जितनी तेजी से दिल धड़कता है। यहां हम खान-पान अनदेखी के चलते होने वाले हार्ट अटैक की कर रहे हैं।
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हर वर्ष की भांति 29 सितंबर को वर्ल्ड हार्ट डे मनाया जाता है।  इस बार इसका स्लोगन महिलाओं और बच्चों में हार्ट की बीमारी है। इस दिन अस्पतालों में कार्यक्रम होंगे और लोगों को जागरूक किया जाएगा। वे कार्यक्रम में तो गंभीर नजर आएंगे। लेकिन बाहर आते ही वहीं सब सामान्य करने लग जाएंगे। अमर उजाला माई सिटी ने हार्ट अटैक के बारे में कई विशेषज्ञों से बात की और वर्ल्ड हार्ट डे पर कारणों और सावधानियों को पहुंचाने का भी प्रयास किया।
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20 प्रतिशत हार्टअटैक से मौत
विशेषज्ञों की माने तो लोग भागदौड़ और व्यस्तता के चलते हार्ट अटैक को गले से लगा रहे हैं। विश्व में हर साल हार्टअटैक से मरने वालों की संख्या 17 करोड़ 70 लाख हैं। जिनमें से महिलाओं की संख्या 86 लाख हैं। इनमें से भी सबसे अधिक मरने वाले भारतीय हैं। यह एक चिंता का विषय है। चिकित्सकों की माने तो जिले में हर साल करने वालों में 20 से 25 प्रतिशत हार्ट के मरीज हैं। प्रदेश में भी हर 12वीं मौत दिल का दौरा पड़ने से हो रही है।
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जंक और फास्ट फूड है कारण
फोर्टिस एस्कोर्ट हार्ट इंस्टीट्यूट के कार्डियोलॉजी एंड कैथ लैब के निदेशक डा. एस भंडारी ने बताया कि हार्ट अटैक जंक फूड, सोडा और पैटीज खाने से कारण पैदा होते हैं। लोग ड्रिंक अधिक करते हैं और व्यायाम की तरफ कोई ध्यान नहीं रखते। जिससे मोटापा बढ़ जाता है और हार्ट अटैक के कारण बढ़ने लगते हैं। यह बीमारी 30 से 40 साल की उम्र के युवक और युवतियों में होने लगी है।

स्ट्रेस और भागदौड़ भी बड़ा कारण
मदान अस्पताल के संचालक डॉ. अनंत मदान ने बताया कि हार्ट अटैक में लाइफ स्टाइल भी बड़ा कारण है। अपने देश के लोग एक दूसरे से आगे निकलने के चक्कर में रहते हैं और सप्ताह के सातों दिनों काम करते रहते हैं। वे काम के आगे आराम को नहीं देखते। कई बार काम की अधिकता के चलते स्ट्रेस में आ जाते हैं और उनको हार्ट की बीमारी शुरू हो जाती है। पश्चिमी देशों में ऐसा नहीं है। वे लोग काम करने के साथ आराम भी करते हैं। देश में लोगों को आराम नहीं है और उनका खाना भी हैवी होता है।


ये हैं लक्षण
हार्ट के मरीज को पहले ही बीमारी का आभास हो जाता है। उसकी पैदल चलते समय सांस फूल जाती हैं, छाती में भारी दर्द होना, गले के पास, पेट के ऊपरी भाग और कभी-कभी कमर में तेज दर्द होना, धड़कन बढ़ जाना, शरीर पसीना-पसीना होना, कंपन होना और उल्टी आना हृदय रोग के प्रारंभिक लक्षण है।
ये बरते सावधानी
1. चर्बीयुक्त खाने से परहेज रखें।
2. दाल और फ्रूट ज्यादा न खाएं।
3. जंक फूड, स्पाइसी और ऑयली फूड से बचें।
4. छाती में दर्द होते ही चेकअप कराएं।
5. व्यक्ति को सामान्य तौर पर भी चेकअप कराते रहना चाहिए।
6. व्यक्ति को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए।
7. शराब, धूम्रपान और अन्य नशों से दूर रहें।
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