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धर्म हेतु साका जिन कीआ सीस दिया पर सिर न दियाण
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Mon, 21 Dec 2015 12:21 AM IST
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साहिब श्री गुरु तेग बाहदुर जी के 340वें शहीदी पर्व को समर्पित श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की अगुवाई में 35वां सालाना शहीदी समागम श्री गुरु तेग बहादुर सेवादल पानीपत की तरफ से मनाया गया।
जिसमें विशेष तौर पर सिमरदीप सिंह, शगुनदीप सिंह साथी संत सुरजीत सिंह ढाढ़ी गुरप्रीत सिंह ने गुरु की शहीदी के बारे में विस्तार से बताते हुए कीर्तन द्वारा गुरु की महिमा का गुणगान कर संगतों को निहाल किया।
रविवार को जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही में शहीदी पर्व का यह समागम रविवार को सुबह पांच से शाम तीन बजे चला। दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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सभी ने मथा टेककर सुख शांति की कामना की। शबद कीर्तन में ठीकरि फोरि दिलीसि सिरि प्रभ पुर कीआ व्याम करी न किनहु आन तेग बहादुर के चलत भयो जगत को सोक भजन गाकर उपस्थित संगत को वाणी की मधुरता से भावविभोर कर दिया।
वहीं धर्म हेतु साका जिन कीआ सीस दिया पर सिरर न दिया भजन गाकर गुरु जी के व्यक्तित्व को दर्शाया। कार्यक्रम के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इस मौके पर प्रधान जरनेल सिंह, बलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, सतवीर सिंह, अरविंद्र सिंह दिलावरी, रिंकू, लक्की, परमिंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, प्रीत, कुलभूषण नारंग मौजूद रहे।
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जिसमें विशेष तौर पर सिमरदीप सिंह, शगुनदीप सिंह साथी संत सुरजीत सिंह ढाढ़ी गुरप्रीत सिंह ने गुरु की शहीदी के बारे में विस्तार से बताते हुए कीर्तन द्वारा गुरु की महिमा का गुणगान कर संगतों को निहाल किया।
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रविवार को जीटी रोड स्थित गुरुद्वारा पहली पातशाही में शहीदी पर्व का यह समागम रविवार को सुबह पांच से शाम तीन बजे चला। दिनभर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
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सभी ने मथा टेककर सुख शांति की कामना की। शबद कीर्तन में ठीकरि फोरि दिलीसि सिरि प्रभ पुर कीआ व्याम करी न किनहु आन तेग बहादुर के चलत भयो जगत को सोक भजन गाकर उपस्थित संगत को वाणी की मधुरता से भावविभोर कर दिया।
वहीं धर्म हेतु साका जिन कीआ सीस दिया पर सिरर न दिया भजन गाकर गुरु जी के व्यक्तित्व को दर्शाया। कार्यक्रम के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया गया। इस मौके पर प्रधान जरनेल सिंह, बलजीत सिंह, गुरप्रीत सिंह, सतवीर सिंह, अरविंद्र सिंह दिलावरी, रिंकू, लक्की, परमिंद्र सिंह, बलविंद्र सिंह, प्रीत, कुलभूषण नारंग मौजूद रहे।