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भूख हड़ताल पर बैठे गेस्ट टीचर
अमर उजाला ब्यूरो/पानीपत
Updated Wed, 15 Jul 2015 12:03 AM IST
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प्रदेश में हटाए अतिथि अध्यापक, लैब सहायक और कंप्यूटर अध्यापकों की बहाली की मांग पर हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने सर्व कर्मचारी संघ के साथ मिलकर मंगलवार को मुख्यालय पर 12 घंटे की भूख हड़ताल की और कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
भूख हड़ताल पर बैठे हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतबीर कुंडू ने कहा कि प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी है। पिछले एक साल में सरकार की ओर से बनाई सभी नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं। जोकि उनके साथ सरासर नाइंसाफी है।
लेकिन प्रदेश का कर्मचारी वर्ग अब किसी भी कीमत पर सरकार की ज्यादती सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यदि अपने फैसले को हटाए अतिथि अध्यापकों, लैब सहायक और कंप्यूटरों अध्यापकों को वापिस नहीं बुलाया तो पूरे प्रदेश का कर्मचारी वर्ग उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठेगा।
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सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान तेजपाल ने बताया कि अतिथि अध्यापकों ने बड़ी मेहनत के साथ शिक्षा के स्तर में सुधार किया है। इसके अभी ओर बेहतर होने की भी संभावनाएं थी। लेकिन सरकार ने दमनकारी नीति का प्रयोग करते हुए फिर से एचटेट की परीक्षा पास करना अनिवार्य कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाकर नाइंसाफी की है।
उनका कहना है कि जब इन अध्यापकों केे रखा था तो सभी आवश्यक योग्यताओं की जांच की गई थी। लेकिन सरकार बदलते ही प्रदेश सरकार ने नियमों में परिवर्तन कर अध्यापकों के साथ ज्यादती की है। लेकिन प्रदेश का कर्मचारी वर्ग उनके साथ अन्याय नहीं होने देगा।
सर्वकर्मचारी संघ के जिला सचिव धर्मबीर सारसर ने कहा कि प्रदेश में सभी विभागों में करीब डेढ़ लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें काफी कम वेतन पर रखा है। सरकार चुनाव से पहले उन्हें पक्का करने वादा किया था। लेकिन अभी तक एक भी कर्मचारी को पक्का नहीं किया।
इससे उन्हें हर समय अपनी नौकरी के जाने का भय बना रहता है। सर्वकर्मचारी संघ सदस्य इस मांग पर कई बार सरकार से बातचीत कर चुुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार नहीं हैं। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व प्रधान महावीर मलिक ने कहा कि सरकार ने धोखे से प्रदेश के हजारों युवाओं को बेरोजगार कर उनके साथ नाइंसाफी की है।
इसका खामियाजा तो उसे भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक कि हटाए अतिथि अध्यापकों को दोबारा वापसी नहीं होती। इस मौके पर जयदीप सिंह, दलबीर सिंह, भगत सिंह, विनोद कुमार, अमर दीप सिंह, गुलाब सिंह, वेद सिंह, रामपाल सिंह और सर्वकर्मचारी संघ से राजपाल रोडवेज, भलेराम शर्मा, प्रमोद, मदनलाल, रामफल, सतपाल, सीताराम, अनूप मलिक और रविंद्र कुमार मौजूद रहे।
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भूख हड़ताल पर बैठे हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के जिला प्रधान सतबीर कुंडू ने कहा कि प्रदेश सरकार की कर्मचारी विरोधी है। पिछले एक साल में सरकार की ओर से बनाई सभी नीतियां कर्मचारी विरोधी हैं। जोकि उनके साथ सरासर नाइंसाफी है।
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लेकिन प्रदेश का कर्मचारी वर्ग अब किसी भी कीमत पर सरकार की ज्यादती सहन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से यदि अपने फैसले को हटाए अतिथि अध्यापकों, लैब सहायक और कंप्यूटरों अध्यापकों को वापिस नहीं बुलाया तो पूरे प्रदेश का कर्मचारी वर्ग उनके साथ भूख हड़ताल पर बैठेगा।
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सर्वकर्मचारी संघ के जिला प्रधान तेजपाल ने बताया कि अतिथि अध्यापकों ने बड़ी मेहनत के साथ शिक्षा के स्तर में सुधार किया है। इसके अभी ओर बेहतर होने की भी संभावनाएं थी। लेकिन सरकार ने दमनकारी नीति का प्रयोग करते हुए फिर से एचटेट की परीक्षा पास करना अनिवार्य कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाकर नाइंसाफी की है।
उनका कहना है कि जब इन अध्यापकों केे रखा था तो सभी आवश्यक योग्यताओं की जांच की गई थी। लेकिन सरकार बदलते ही प्रदेश सरकार ने नियमों में परिवर्तन कर अध्यापकों के साथ ज्यादती की है। लेकिन प्रदेश का कर्मचारी वर्ग उनके साथ अन्याय नहीं होने देगा।
सर्वकर्मचारी संघ के जिला सचिव धर्मबीर सारसर ने कहा कि प्रदेश में सभी विभागों में करीब डेढ़ लाख कर्मचारी काम कर रहे हैं। इन्हें काफी कम वेतन पर रखा है। सरकार चुनाव से पहले उन्हें पक्का करने वादा किया था। लेकिन अभी तक एक भी कर्मचारी को पक्का नहीं किया।
इससे उन्हें हर समय अपनी नौकरी के जाने का भय बना रहता है। सर्वकर्मचारी संघ सदस्य इस मांग पर कई बार सरकार से बातचीत कर चुुके हैं। लेकिन सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार नहीं हैं। हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ के पूर्व प्रधान महावीर मलिक ने कहा कि सरकार ने धोखे से प्रदेश के हजारों युवाओं को बेरोजगार कर उनके साथ नाइंसाफी की है।
इसका खामियाजा तो उसे भुगतना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई तब तक जारी रहेगी, जब तक कि हटाए अतिथि अध्यापकों को दोबारा वापसी नहीं होती। इस मौके पर जयदीप सिंह, दलबीर सिंह, भगत सिंह, विनोद कुमार, अमर दीप सिंह, गुलाब सिंह, वेद सिंह, रामपाल सिंह और सर्वकर्मचारी संघ से राजपाल रोडवेज, भलेराम शर्मा, प्रमोद, मदनलाल, रामफल, सतपाल, सीताराम, अनूप मलिक और रविंद्र कुमार मौजूद रहे।