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Panipat News: एंबुलेंस में ऑक्सीजन के सिलिंडर न भरने पर फ्लीट मैनेजर नौकरी निलंबित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 03 Apr 2024 02:28 AM IST
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Fleet manager job suspended for not filling oxygen cylinders in ambulance
माई सिटी रिपोर्टर
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पानीपत। एंबुलेंस में उपकरणों में खामियां होने से मरीजों की जान पर बन आती है। एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर का होना बेहद जरूरी है। इस जीवनदायी उपकरणों के रखरखाव में लापरवाही बरती जा रही थी। बार-बार निर्देश देने के बाद भी जब इस काम के जिम्मेदार फ्लीट मैनेजर ने गंभीरता नहीं दिखाई तो मुख्यालय के निर्देशों पर सिविल सर्जन ने फ्लीट मैनेजर को निलंबित कर दिया।
फ्लीट मैनेजर ऋषिपाल पिछले लगभग 20 साल से एनएचएम के माध्यम से नागरिक अस्पताल में कार्यरत है। फिलहाल फ्लीट मैनेजर का अतिरिक्त कार्यभार डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग को दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग के पास 28 एंबुलेंस है। इनमें से 16 एंबुलेंस नागरिक अस्पताल में तैनात रहती हैं। तीन एंबुलेंस को गर्भवतियों को घर से लाने व डिलीवरी के बाद उन्हें घर छोड़ने पर लगाया गया है। तीन एंबुलेंस इमरजेंसी सेवाओं में तैनात रहती है।
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दो लाइफ सेवर एंबुलेंस नवजातों के लिए खास तौर पर रहती हैं। बाकी एंबुलेंस सड़क हादसों में मौके पर पहुंचने के लिए तैनात की गई हैं। सभी एंबुलेंस में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा होनी चाहिए। इन एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर रहता है। कंपनी से ये सिलिंडर खरीदे जाते हैं और एंबुलेंसों में लगाए जाते हैं। मरीज को ले जाने से पहले एंबुलेंस कर्मी इनकी जांच करते हैं।
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पिछले कुछ समय से सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा को शिकायत मिल रही थी कि एंबुलेंस में लले ऑक्सीजन सिलिंडर समय पर नहीं भरते । कई बार मरीजों की जान पर बन चुकी है। इन शिकायतों पर सिविल सर्जन ने फ्लीट मैनेजर ऋषिपाल को नोटिस भी जारी किए थे। इसके बाद भी उनकी कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ। सिविल सर्जन ने इसकी रिपोर्ट एनएचएम मुख्यालय भेजी थी। अब उसे निलंबित कर दिया गया है।

तत्कालीन बाल रोग विशेषज्ञ पर भी गिर सकती है गाज

एसएनसीयू वार्ड से जनवरी फरवरी में हुए बड़ी संख्या में नवजातों के रेफर मामले में तत्कालीन बाल रोग विशेषज्ञ पर भी गाज गिर सकती है। उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे थे। इस मामले की जांच डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. शशि गर्ग कर रही हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें निजी अस्पतालों के एजेंटों के माध्यम से नवजातों को रेफर करने के साक्ष्य मिले हैं। अब साक्ष्यों को पुख्ता किया जा रहा है।




कई बार नोटिस दिए गए : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया फ्लीट मैनेजर को कई बार नोटिस दिए गए थे। उनकी कार्यप्रणाली सुधार नहीं हो रहा था। एंबुलेंस में ऑक्सीजन सिलिंडर का रखरखाव सही नहीं था। मरीज की जान से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जा सकता। इस पर उन्हें निलंबित किया गया है।
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