Panipat: गोल्डन कंपनी में लगी आग, कारपेट व कंबल राख, श्रमिकों ने भागकर बचाई जान
गोल्डन देश का नामी कंबल का ब्रांड है, सिवाह गांव के पास कंपनी स्थित है। दमकल विभाग की 12 गाड़ियों ने आठ घंटे बाद आग पर काबू पाया। पानीपत, समालखा, एनएफएल व रिफाइनरी से दमकल विभाग की गाड़ियां पहुंची।
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पानीपत के सिवाह गांव के पास स्थित कंबल की नामी गोल्डन कंपनी में आग लग गई। यहां काम कर रहे 150 श्रमिकों ने भागकर अपनी जान बचाई। आग लगने की सूचना पर कंपनी में हड़कंप मच गया। श्रमिकों ने पहले तो अपने स्तर पर आग बूझाने का प्रयास किया लेकिन आगे देखते ही देखते भड़क गई। कंपनी के कर्मचारियों ने इसकी सूचना दमकल विभाग व सेक्टर 29 थाना पुलिस को दी।
आग को देखते हुए रिफाइनरी, एनएफएल व समालखा से भी दमकल विभाग की गाड़ियां यहां पहुंची। 12 गाड़ियों ने आग बूझाने के लिए दो दो चक्कर लगाए। आठ घंटे की मशक्कत के बाद शाम चार बजे आग पर काबू पा लिया गया। श्रमिकों ने कड़ी मेहनत करके अपनी जान कोजोखिम में डालकर काफी कंबल व कारपेट को जलने से बचा भी लिया है। इसमें करोड़ों रुपये के नुकसान का आकलन है।
बताया जा रहा है कि सिवाह गांव के पास स्थित गोल्डन टैक्सो फैब प्राइवेट लिमिटेड में तीनों शिफ्टों में काम चलता है। तीनों शिफ्टों में 150-150 श्रमिक काम करते हैं। यहां सुबह छह बजे दिन की पहली शिफ्ट शुरू हुई थी। गोदाम में अचानक से शार्ट सर्किट हो गया और आग लग गई।
श्रमिकों ने कंपनी में लगे अग्निशयन के यंत्रों से पहले तो खुद आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन कंबल जल्द आग पकड़ गए। धीरे धीरे आग पूरे गोदाम में फैल गई। यहां श्रमिकों के फंसने का भय पैदा हो गया। कंपनी के अधिकारियों ने श्रमिकों को तुरंत बाहर आने के निर्देश दिए। 150 श्रमिकों ने यहां से भाग कर अपनी जान बचाई।

श्रमिकों ने आग से काफी कंबल व कारपेट को बचाकर पार्क में भी रखा। जो माल तैयार था। उसको भी बाहर निकाला गया। करोड़ों रुपये का माल स्वाहा हो गया। कंपनी में खड़ी तीन जेसीबी की मदद से गोदाम की तीन दीवारों को तोड़ा गया। छत की टीम को उखाड़ा गया।
दमकल विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर शाम चार बजे तक काबू पा लिया। विदित है कि गोल्डन कंपनी कंबल की जानी मानी कंपनी है। इस कंपनी से 50 से अधिक देशों में कंबल का निर्यात भी होता है।