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Panipat News: फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने फंदा लगाकर दी जान
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पानीपत। वधावाराम कॉलोनी स्थित एक फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी ने अपने वरिष्ठ अधिकारियों से परेशान होकर फंदा लगाकर जान दे दी। आरोप है कि वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारी का वेतन रोक लिया था। वरिष्ठ अधिकारियों ने कर्मचारी के साथ मारपीट भी की थी। इससे वह मानसिक रूप से परेशान चल रहा था।
कर्मचारी के आत्महत्या करने की सूचना पर तहसील कैंप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ करने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला नागरिक अस्पताल में भिजवाया। पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस उसकी धरपकड़ में जुटी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
वधावाराम कॉलोनी निवासी ज्योति ने बताया कि उसकी शादी 2019 में सुमित के साथ हुई थी। वे दो बेटों के माता-पिता बने। उसका पति सुमित पिछले करीब नौ माह से गोहाना रोड स्थित एक फाइनेंस कंपनी के पर्सनल लोन डिपार्टमेंट में बतौर डीएनए पद पर कार्यरत था। सुमित 20 दिन से अपनी ड्यूटी पर नहीं जा रहा था क्योंकि सुमित का ऑफिस में उसके सीनियर अधिकारी गौरव उपाध्याय और दुर्गा प्रसाद के साथ मासिक वेतन न देने पर विवाद चल रहा था। इससे सुमित बहुत परेशान चल रहा था। 19 मई को दुर्गा प्रसाद ने पुराना बस स्टैंड के सामने सुमित के साथ मारपीट भी की थी। इस संबंध में सिटी थाना में शिकायत भी दी गई थी। थाने से सुमित अपने घर चला गया था। वह काफी मानसिक परेशान था, इसी वजह वह दूसरी कमरे में लेट गया। वह अपने दोनों बेटों के साथ अलग कमरे में लेटी हुई थी। देर रात करीब ढाई बजे पत्नी ने उठकर देखा तो सुमित का शव शॉल के साथ पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। जिसे पड़ोसियों की मदद से फंदे से नीचे उतारा गया था। सुमित के शव के पास ही बेड पर एक सुसाइड नोट पड़ा था। जिसमें सुमित ने अपनी मौत का जिम्मेदार गौरव उपाध्याय को बताया था।
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सुमित ने सुसाइड नोट में मौत के जिम्मेदारों के बताए नाम
सुमित ने सुसाइड नोट में लिखा है कि सुमित कुमार पुत्र ओमकार पूरे होश हवास में यह कदम उठा रहा हूं। उसके साथ दुर्गा प्रसाद शर्मा व गौरव उपाध्याय ने मारपीट की है और उसका मेहनत का पैसा रोका है। मैं दुर्गा प्रसाद के दबाव में आकर यह कदम उठा रहा हूं। मेरी पत्नी व बच्चों को न्याय मिले यही सरकार से अनुरोध है। मेरी मौत का जिम्मेदार दुर्गा प्रसाद शर्मा है।
वर्जन-
तहसील कैंप पुलिस थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने गौरव उपाध्याय व दुर्गा प्रसाद पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है।
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कर्मचारी के आत्महत्या करने की सूचना पर तहसील कैंप थाना पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों से पूछताछ करने के बाद शव को कब्जे में लेकर जिला नागरिक अस्पताल में भिजवाया। पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयान के आधार पर कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस उसकी धरपकड़ में जुटी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
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वधावाराम कॉलोनी निवासी ज्योति ने बताया कि उसकी शादी 2019 में सुमित के साथ हुई थी। वे दो बेटों के माता-पिता बने। उसका पति सुमित पिछले करीब नौ माह से गोहाना रोड स्थित एक फाइनेंस कंपनी के पर्सनल लोन डिपार्टमेंट में बतौर डीएनए पद पर कार्यरत था। सुमित 20 दिन से अपनी ड्यूटी पर नहीं जा रहा था क्योंकि सुमित का ऑफिस में उसके सीनियर अधिकारी गौरव उपाध्याय और दुर्गा प्रसाद के साथ मासिक वेतन न देने पर विवाद चल रहा था। इससे सुमित बहुत परेशान चल रहा था। 19 मई को दुर्गा प्रसाद ने पुराना बस स्टैंड के सामने सुमित के साथ मारपीट भी की थी। इस संबंध में सिटी थाना में शिकायत भी दी गई थी। थाने से सुमित अपने घर चला गया था। वह काफी मानसिक परेशान था, इसी वजह वह दूसरी कमरे में लेट गया। वह अपने दोनों बेटों के साथ अलग कमरे में लेटी हुई थी। देर रात करीब ढाई बजे पत्नी ने उठकर देखा तो सुमित का शव शॉल के साथ पंखे पर फंदे से लटका हुआ था। जिसे पड़ोसियों की मदद से फंदे से नीचे उतारा गया था। सुमित के शव के पास ही बेड पर एक सुसाइड नोट पड़ा था। जिसमें सुमित ने अपनी मौत का जिम्मेदार गौरव उपाध्याय को बताया था।
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सुमित ने सुसाइड नोट में मौत के जिम्मेदारों के बताए नाम
सुमित ने सुसाइड नोट में लिखा है कि सुमित कुमार पुत्र ओमकार पूरे होश हवास में यह कदम उठा रहा हूं। उसके साथ दुर्गा प्रसाद शर्मा व गौरव उपाध्याय ने मारपीट की है और उसका मेहनत का पैसा रोका है। मैं दुर्गा प्रसाद के दबाव में आकर यह कदम उठा रहा हूं। मेरी पत्नी व बच्चों को न्याय मिले यही सरकार से अनुरोध है। मेरी मौत का जिम्मेदार दुर्गा प्रसाद शर्मा है।
वर्जन-
तहसील कैंप पुलिस थाना प्रभारी विजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने गौरव उपाध्याय व दुर्गा प्रसाद पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। आरोपियों की धरपकड़ की जा रही है।