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Panipat News: हड़ताल पर रहे खाद और बीज विक्रेता, भटके किसान
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पानीपत। सीड एक्ट के संशोधन के विरोध में खाद और बीज विक्रेता हड़ताल पर चले गए हैं। इसके चलते हड़ताल के पहले दिन किसानों को बीज और खाद नहीं मिला। किसानों को पूरे दिन भटकना पड़ा। बीज की दुकानों पर अपेक्षाकृत बीज और दवा नहीं मिली। खाद और बीज विक्रेता सोमवार को पानीपत सीड्स एंड पेस्टीसाइड एसोसिएशन के बैनर तले एक सप्ताह की हड़ताल पर चले गए। सनौली रोड स्थित बीज मार्केट में सरकार के विरोध में प्रदर्शन किया।
हड़ताल के चलते करीब 500 दुकानें बंद रहीं। इसके चलते किसानों को धान और हरे चारे का बीज नहीं मिल पाया। किसानों को मंडी से खाली हाथ लौटना पड़ा। दुकानदार रमेश, जितेंद्र और हरबीर सिंह ने बताया कि पहले खाद या बीज का सैंपल आने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता था। अब नए संशोधन में जुर्माना दो लाख रुपये तक कर दिया है। इसके साथ दो से तीन साल तक सजा भी कर दी है। कृषि विभाग द्वारा उनके माध्यम से कंपनियों से गुणवतापूर्वक खाद, बीज व पेस्टीसाइड देने के शपथ पत्र मांगे जा रहे हैं। कंपनियों ने ऐसी स्थिति में खाद, बीज और पेस्टीसाइड की सप्लाई बंद कर दी है। अब धान की पौध व हरे चारे की बिजाई का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे समय में इस तरह के नियम चिंता पैदा करने वाले हैं।
बॉक्स
किसानों को नहीं मिल पाया खाद-बीज
हड़ताल के चलते किसान फंस गए हैं। उनको हड़ताल के चलते सोमवार को खाद, बीज व पेस्टीसाइड नहीं मिल पाया। जलालपुर गांव के मित्रपाल और कर्मबीर ने बताया कि उनको हरे चारे की बिजाई करनी है। वे सोमवार को बीज लेने मंडी में आए थे। यहां हड़ताल के चलते बीज नहीं मिल पाया है। उनको खाली हाथ लौटना पड़ा। एक या दो दिन में बीज नहीं मिला तो जमीन सूख जाएगी। इसकी दोबारा सिंचाई करनी पड़ेगी।
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हड़ताल के चलते करीब 500 दुकानें बंद रहीं। इसके चलते किसानों को धान और हरे चारे का बीज नहीं मिल पाया। किसानों को मंडी से खाली हाथ लौटना पड़ा। दुकानदार रमेश, जितेंद्र और हरबीर सिंह ने बताया कि पहले खाद या बीज का सैंपल आने पर एक हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाता था। अब नए संशोधन में जुर्माना दो लाख रुपये तक कर दिया है। इसके साथ दो से तीन साल तक सजा भी कर दी है। कृषि विभाग द्वारा उनके माध्यम से कंपनियों से गुणवतापूर्वक खाद, बीज व पेस्टीसाइड देने के शपथ पत्र मांगे जा रहे हैं। कंपनियों ने ऐसी स्थिति में खाद, बीज और पेस्टीसाइड की सप्लाई बंद कर दी है। अब धान की पौध व हरे चारे की बिजाई का सीजन शुरू हो गया है। ऐसे समय में इस तरह के नियम चिंता पैदा करने वाले हैं।
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किसानों को नहीं मिल पाया खाद-बीज
हड़ताल के चलते किसान फंस गए हैं। उनको हड़ताल के चलते सोमवार को खाद, बीज व पेस्टीसाइड नहीं मिल पाया। जलालपुर गांव के मित्रपाल और कर्मबीर ने बताया कि उनको हरे चारे की बिजाई करनी है। वे सोमवार को बीज लेने मंडी में आए थे। यहां हड़ताल के चलते बीज नहीं मिल पाया है। उनको खाली हाथ लौटना पड़ा। एक या दो दिन में बीज नहीं मिला तो जमीन सूख जाएगी। इसकी दोबारा सिंचाई करनी पड़ेगी।
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