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Panipat News: नोहरा में समुदाय विशेष के तीन परिवारों को गांव छोड़ने फतवा जारी, पुलिस ने किया तलब
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मतलौडा (पानीपत)। नूंह हिंसा के बाद पानीपत में सौहार्द खराब के हर रोज मामले सामने आ रहे हैं। अब थाना मतलौडा पुलिस के अंतर्गत आने वाले नोहरा गांव के कुछ युवकों के संगठन ने समुदाय विशेष के लोगों के खिलाफ गांव छोड़ देने का फतवा जारी कर दिया। यहां गांव में समुदाय विशेष के तीन परिवार रहते हैं।
साथ ही गांव में किसी भी काम या फेरी के लिए समुदाय विशेष के लोगों के आने पर भी रोक लगा दी। यह जिले में नूंह हिंसा के बाद चौथा मामला है। इससे पहले धमीजा कॉलोनी, कृष्णा गार्डन में तीन जगह और समालखा स्थिति समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल पर विवाद हो चुका है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनको थाने में बुलाकर उनके भविष्य को देखते हुए चेतावनी देकर छोड़ दिया है।
दरअसल गांव नोहरा के एक युवा क्लब के सदस्यों ने समुदाय विशेष के तीन परिवार को गांव छोड़ने का फैसला सुनाया था। ग्रामीणों व अन्य लोगों ने उनका समर्थन किया। साथ ही समुदाय विशेष के लोगों के गांव में आने पर रोक लगा दी । यह मामला बुधवार की शाम को सामने आया। इस पर थाना प्रभारी ट्रेनी आईपीएस मनप्रीत सिंह ने फतवा जारी करने वाले युवाओं व अन्य ग्रामीणाें की पहचान कराई और बृहस्पतिवार को उन्हें थाना में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में सबका बराबर योगदान है।
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इस पर युवाओं को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने इसके लिए माफी मांगी। पुलिस ने इनसे लिखित में लिया और चेतावनी देकर छोड़ दिया। ट्रेनी आईपीएस मनप्रीत सिंह ने कहा कि यह उम्र युवाओं के पढ़ने लिखने की है। परिजन भी उनको समाज व देश की मजबूती में सहयोग करने के लिए प्रेरित करें। किसी प्रकार के असामाजिक कार्यों में संलिप्तता मिलने पर भविष्य खराब हो जाएगा। किसी के झगड़े या विवाद का मिल बैठकर समाधान करना चाहिए। इसको जाति व धर्म के रंग नहीं देना चाहिए।
नोहरा गांव के कुछ युवकों ने समुदाय विशेष के परिवारों को गांव छोड़ने का फैसला सुनाया था। आरोपियों को थाने में बुलाकर समझाया गया है और माफी मांगने पर लिखित में लिया है। युवाओं के भविष्य को देखते हुए उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया है। पुलिस गांव व उक्त युवाओं पर नजर रखे हुए है। शरारती तत्वों को गांव की शांति भंग नहीं करने देंगे। - मनप्रीत सिंह, ट्रेनी आईपीएस एवं थाना प्रभारी
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साथ ही गांव में किसी भी काम या फेरी के लिए समुदाय विशेष के लोगों के आने पर भी रोक लगा दी। यह जिले में नूंह हिंसा के बाद चौथा मामला है। इससे पहले धमीजा कॉलोनी, कृष्णा गार्डन में तीन जगह और समालखा स्थिति समुदाय विशेष के धार्मिक स्थल पर विवाद हो चुका है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर उनको थाने में बुलाकर उनके भविष्य को देखते हुए चेतावनी देकर छोड़ दिया है।
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दरअसल गांव नोहरा के एक युवा क्लब के सदस्यों ने समुदाय विशेष के तीन परिवार को गांव छोड़ने का फैसला सुनाया था। ग्रामीणों व अन्य लोगों ने उनका समर्थन किया। साथ ही समुदाय विशेष के लोगों के गांव में आने पर रोक लगा दी । यह मामला बुधवार की शाम को सामने आया। इस पर थाना प्रभारी ट्रेनी आईपीएस मनप्रीत सिंह ने फतवा जारी करने वाले युवाओं व अन्य ग्रामीणाें की पहचान कराई और बृहस्पतिवार को उन्हें थाना में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि किसी को भी माहौल बिगाड़ने की इजाजत नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। उन्होंने कहा कि देश की आजादी में सबका बराबर योगदान है।
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इस पर युवाओं को अपनी गलती का अहसास हुआ और उन्होंने इसके लिए माफी मांगी। पुलिस ने इनसे लिखित में लिया और चेतावनी देकर छोड़ दिया। ट्रेनी आईपीएस मनप्रीत सिंह ने कहा कि यह उम्र युवाओं के पढ़ने लिखने की है। परिजन भी उनको समाज व देश की मजबूती में सहयोग करने के लिए प्रेरित करें। किसी प्रकार के असामाजिक कार्यों में संलिप्तता मिलने पर भविष्य खराब हो जाएगा। किसी के झगड़े या विवाद का मिल बैठकर समाधान करना चाहिए। इसको जाति व धर्म के रंग नहीं देना चाहिए।
नोहरा गांव के कुछ युवकों ने समुदाय विशेष के परिवारों को गांव छोड़ने का फैसला सुनाया था। आरोपियों को थाने में बुलाकर समझाया गया है और माफी मांगने पर लिखित में लिया है। युवाओं के भविष्य को देखते हुए उनको चेतावनी देकर छोड़ दिया है। पुलिस गांव व उक्त युवाओं पर नजर रखे हुए है। शरारती तत्वों को गांव की शांति भंग नहीं करने देंगे। - मनप्रीत सिंह, ट्रेनी आईपीएस एवं थाना प्रभारी