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Panipat News: मांगों के समर्थन में किसानों ने बुलंद की आवाज
Tue, 26 Aug 2025 01:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Tue, 26 Aug 2025 01:19 AM IST
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- किसान सभा का सम्मेलन आयोजित कर नई कमेटी का गठन
संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को छोटू राम किसान भवन में दूसरा तहसील स्तरीय सम्मेलन हुआ। अध्यक्षता सत्यनारायण ग्वालड़ा ने की। जिला सचिव राजपाल गाहल्याण ने कहा कि सरकार की किसान व जनविरोधी नीतियों और लगातार बढ़ती महंगाई ने किसानों व मजदूरों पर कर्ज का बोझ बढ़ा दिया है। फसल की लागत बढ़ने, प्राकृतिक आपदाओं और बीमारियों के साथ-साथ फसलों के उचित दाम न मिलने से किसान बैंकों और सूदखोरों के कर्ज में फंसते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से संकट और गहरा हुआ है। बहुराष्ट्रीय कंपनियां देशी बीजों को खत्म कर महंगे खाद-बीज व दवाइयां बेच रही हैं। साथ ही नकली खाद और दवाइयों से किसानों को नुकसान हो रहा है। पेट्रोल-डीजल व बिजली के दाम लगातार बढ़ने से छोटे किसान जमीन बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि फसल खरीद गारंटी कानून लागू हो, किसानों की फसल लाभकारी मूल्य पर खरीदी जाए, 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिले, खाद-बीज पर सब्सिडी बढ़ाई जाए, पोर्टल पंजीकरण खत्म किया जाए और 60 वर्ष से ऊपर किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
सतनारायण ग्वालड़ा बने प्रधान
जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक ने कहा कि संगठन किसान-मजदूर एकता के साथ सरकार की विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करेगा। इस मौके पर तहसील स्तरीय कमेटी का गठन कर शपथ दिलाई गई। जिसमें सर्वसम्मति से सतनारायण ग्वालड़ा को प्रधान, सीताराम मांडी को सचिव, राजबीर मलिक को कोषाध्यक्ष, मेहर सिंह को उपप्रधान, समेराम को सहसचिव, सुरेश कुमार पुठर को प्रेस सचिव और मास्टर कर्मवीर को मुख्य सलाहकार चुना गया।
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संवाद न्यूज एजेंसी
इसराना। अखिल भारतीय किसान सभा जिला कमेटी के नेतृत्व में सोमवार को छोटू राम किसान भवन में दूसरा तहसील स्तरीय सम्मेलन हुआ। अध्यक्षता सत्यनारायण ग्वालड़ा ने की। जिला सचिव राजपाल गाहल्याण ने कहा कि सरकार की किसान व जनविरोधी नीतियों और लगातार बढ़ती महंगाई ने किसानों व मजदूरों पर कर्ज का बोझ बढ़ा दिया है। फसल की लागत बढ़ने, प्राकृतिक आपदाओं और बीमारियों के साथ-साथ फसलों के उचित दाम न मिलने से किसान बैंकों और सूदखोरों के कर्ज में फंसते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार आने के बाद से संकट और गहरा हुआ है। बहुराष्ट्रीय कंपनियां देशी बीजों को खत्म कर महंगे खाद-बीज व दवाइयां बेच रही हैं। साथ ही नकली खाद और दवाइयों से किसानों को नुकसान हो रहा है। पेट्रोल-डीजल व बिजली के दाम लगातार बढ़ने से छोटे किसान जमीन बेचने पर मजबूर हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि फसल खरीद गारंटी कानून लागू हो, किसानों की फसल लाभकारी मूल्य पर खरीदी जाए, 300 यूनिट मुफ्त बिजली मिले, खाद-बीज पर सब्सिडी बढ़ाई जाए, पोर्टल पंजीकरण खत्म किया जाए और 60 वर्ष से ऊपर किसानों को 10 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाए।
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सतनारायण ग्वालड़ा बने प्रधान
जिला प्रधान डॉ. सुरेंद्र मलिक ने कहा कि संगठन किसान-मजदूर एकता के साथ सरकार की विरोधी नीतियों के खिलाफ संघर्ष करेगा। इस मौके पर तहसील स्तरीय कमेटी का गठन कर शपथ दिलाई गई। जिसमें सर्वसम्मति से सतनारायण ग्वालड़ा को प्रधान, सीताराम मांडी को सचिव, राजबीर मलिक को कोषाध्यक्ष, मेहर सिंह को उपप्रधान, समेराम को सहसचिव, सुरेश कुमार पुठर को प्रेस सचिव और मास्टर कर्मवीर को मुख्य सलाहकार चुना गया।
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