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Panipat News: यमुना में ठोकरें न लगाने से बढ़ते जलस्तर से खादर के किसान चिंतित

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 14 Aug 2024 05:06 AM IST
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Farmers of Khadar worried due to rising water level in Yamuna due to lack of water logging
सनौली। पहाड़ों पर बारिश होने से जिले में यमुना का जल स्तर दो दिनों से बढ़ता जा रहा है। सनौली यमुना पुल बॉर्डर पर मंगलवार को जल स्तर चेतावनी निशान 230 के आसपास बह रहा था। हालांकि खतरे का निशान 231.50 पर है। हथिनी कुंड बैराज से यमुना में सोमवार को अलग-अलग घंटों में 20 से लेकर करीब 35 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। जो मंगलवार को सनौली यमुना में आने लगा हैं। हथिनी कुंड बैराज से छोड़ा गया पानी तकरीबन 24 घंटे में पानी पहुंचता है लेकिन अगर यमुना में पानी का जल स्तर ज्यादा हो तो फिर 24 घंटे से भी पहले पहुंच जाता है।
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सिंचाई विभाग के अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को यमुना में दो लाख क्यूसेक से भी ज्यादा पानी चल रहा है। राणा माजरा गांव से यमुना जिला की सीमा में प्रवेश करती है। ग्रामीणों के अनुसार मंगलवार को वहां पर मिट्टी का कटाव हुआ है। जिससे ग्रामीणों में तटबंध को लेकर भय बना हुआ है। हालांकि सिंचाई विभाग के अधिकारी यमुना के पानी व तटबंध पर पूरी नजर रखे हुए है। गौरतलब है कि यमुना में इस बार पत्थरों की यमुना तटबंध पर 12 नई ठोकरें व 12 पुरानी ठोकरों की मरम्मत करनी थी लेकिन समय पर पत्थर नहीं पहुंच पाया तो सिंचाई विभाग द्वारा जिन स्थानों पर पत्थरों की ठोकरें लगनी थी। उन स्थानों पर मिट्टी के कट्टे भरकर अस्थायी रूप से स्टड बना दिए गए लेकिन यमुना में अब पानी ज्यादा आना शुरू हुआ है तो मिट्टी के कट्टों के स्टड पानी में डूब चुके हैं। जिसके चलते यमुना के आसपास के गांव के ग्रामीण मिट्टी के कट्टों के स्थान पर पत्थरों की ही मजबूती के साथ ठोकरें लगाने की मांग कर रहे थे। गांव राणा माजरा, मिर्जापुर व खोजकीपुर में यमुना तटबंध के किनारे डाला हुआ है पर उसे लगाना शुरू नहीं किया गया। यमुना तटबंध पर पत्थर की ठोकरें लगाने से पहले उस पत्थर को स्टेप में लगाकर उसकी विभाग के अधिकारियों द्वारा पैमाइश की जाती है और उसके बाद तटबंध पर ठोकर लगाई जाती है। इस बारे में सिंचाई विभाग के जेई मोहित ने बताया कि पत्थरों की पैमाइश करके जल्द ही पत्थरों की ठोकर लगाई जाएगी।
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