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नहीं होगा फाल्गुन महोत्सव, एक महीना पहले द्वादशी पर श्याम मंदिर में पहुंचे हजारों श्रद्धालु
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Falgun festival will not happen, thousands of devotees reached Shyam temple on Dwadashi a month ago
- फोटो : Panipat
चुलकाना धाम स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री श्याम बाबा मंदिर में हर वर्ष द्वादशी पर होने वाले फाल्गुन महोत्सव कोविड-19 के कारण नहीं होगा। इसकी वजह से एक महीना पहले बुधवार को पड़ी द्वादशी (रोशनी वाली) पर हजारों लोगों ने मंदिर में पहुंचकर पूजा अर्चना की। उन्होंने श्याम बाबा के चरणों में माथा टेकते हुए उनका आशीर्वाद लिया। एक मार्च से 28 मार्च तक मंदिर के कपाट बंद होने की सूचना के बाद भी लोगों का तांता लगना मुख्य वजह माना जा रहा है।
श्री श्याम बाबा मंदिर चुलकाना में बुधवार को द्वादशी के अवसर पर भक्तों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों सहित दूर दराज के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने घंटों में लाइन में लगकर बाबा के दर्शन किए। इस दौरान काफी भक्त हाथों में बाबा का निशाना पीला झंडा लिए हुए भी थे और मंदिर प्रांगण बाबा के जयकारों से गुंजायमान रहा। इसके साथ श्रद्धालुओं ने मंदिर की पौराणिक मान्यताओं में विशेष स्थान रखने वाली पीपल के पेड़ की परिक्रमा करते हुए मोली बांधते हुए मन्नत मांगी। द्वादशी पर नवविवाहित जोड़े, संतान सुख प्राप्त करने वाले माता-पिता आदि ने विशेष पूजा करते हुए श्याम बाबा से आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान काफी भक्त बच्चों के बाल उतरवाते हुए भी दिखाई दिए।
हर वर्ष गांव चुलकाना स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर में फाल्गुन महोत्सव का आयोजन होली से पहले द्वादशी पर किया जाता है। जिसमें देश, विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के चरणों में नतमस्तक होते हुए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बाबा का निशान पीला झंडा लिए हुए पैदल भक्त भी जयकारे लगाते हुए नाचते गाते मंदिर में पहुंचते हैं। दो सप्ताह पहले मंदिर कमेटी के सदस्य इस संदर्भ में डीसी पानीपत से भी मिले थे, लेकिन अधिकारी ने उन्हें मेले के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइंस की पालना के लिए कहा था। मंदिर कमेटी के सचिव विजय अग्रवाल ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन का पालना नहीं कराया जा सकता है। इसलिए फाल्गुन महोत्सव मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित नहीं करने करने का फैसला लिया गया। इसके कारण 1 मार्च से 28 मार्च तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
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श्री श्याम बाबा मंदिर चुलकाना में बुधवार को द्वादशी के अवसर पर भक्तों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों सहित दूर दराज के क्षेत्रों से पहुंचे भक्तों ने घंटों में लाइन में लगकर बाबा के दर्शन किए। इस दौरान काफी भक्त हाथों में बाबा का निशाना पीला झंडा लिए हुए भी थे और मंदिर प्रांगण बाबा के जयकारों से गुंजायमान रहा। इसके साथ श्रद्धालुओं ने मंदिर की पौराणिक मान्यताओं में विशेष स्थान रखने वाली पीपल के पेड़ की परिक्रमा करते हुए मोली बांधते हुए मन्नत मांगी। द्वादशी पर नवविवाहित जोड़े, संतान सुख प्राप्त करने वाले माता-पिता आदि ने विशेष पूजा करते हुए श्याम बाबा से आशीर्वाद भी लिया। इस दौरान काफी भक्त बच्चों के बाल उतरवाते हुए भी दिखाई दिए।
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हर वर्ष गांव चुलकाना स्थित श्री श्याम बाबा मंदिर में फाल्गुन महोत्सव का आयोजन होली से पहले द्वादशी पर किया जाता है। जिसमें देश, विदेश से लाखों श्रद्धालु बाबा के चरणों में नतमस्तक होते हुए आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। बाबा का निशान पीला झंडा लिए हुए पैदल भक्त भी जयकारे लगाते हुए नाचते गाते मंदिर में पहुंचते हैं। दो सप्ताह पहले मंदिर कमेटी के सदस्य इस संदर्भ में डीसी पानीपत से भी मिले थे, लेकिन अधिकारी ने उन्हें मेले के दौरान कोविड-19 की गाइडलाइंस की पालना के लिए कहा था। मंदिर कमेटी के सचिव विजय अग्रवाल ने बताया कि लाखों श्रद्धालुओं को कोविड गाइडलाइन का पालना नहीं कराया जा सकता है। इसलिए फाल्गुन महोत्सव मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित नहीं करने करने का फैसला लिया गया। इसके कारण 1 मार्च से 28 मार्च तक मंदिर के कपाट बंद रहेंगे।
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