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Panipat News: डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लेकर बांट दिए फर्जी नियुक्ति पत्र, स्कूल पहुंचे तो हुआ खुलासा
Fri, 05 Jun 2026 12:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत
Updated Fri, 05 Jun 2026 12:49 AM IST
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पानीपत। सरकारी विभागों में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (एचकेआरएन) के तहत क्लर्क की नौकरी दिलाने का झांसा देकर युवाओं से करीब 19.85 लाख रुपये की ठगी की गई। आट्टा गांव की एक युवती से डेढ़ लाख रुपये लेकर उसे समालखा के एक सरकारी स्कूल का फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया गया। स्कूल पहुंचने पर जब उसने सत्यापन किया तो पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
समालखा क्षेत्र के आट्टा गांव निवासी काजल ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उनके चाचा संदीप पशुपालन विभाग में चालक के पद पर कार्यरत हैं। इसी विभाग में तैनात अनुराग ने उनसे संपर्क कर एचकेआरएन के माध्यम से सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बाद काजल और उसकी बुआ की बेटी ने प्रक्रिया शुल्क के नाम पर 12-12 हजार रुपये तथा नौकरी दिलाने के एवज में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिए।
रुपये लेने के बाद आरोपियों ने काजल को समालखा के एक सरकारी स्कूल का नियुक्ति पत्र सौंप दिया। जब वह स्कूल पहुंची तो उसे बताया गया कि वहां किसी प्रकार की भर्ती या नियुक्ति नहीं हुई है। इसी तरह उसकी बुआ की बेटी पायल को जौसीपुर गांव के स्कूल का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया, जो जांच में फर्जी निकला।
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जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इसी तरह कई अन्य युवाओं से भी ठगी की है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब 19.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पशुपालन विभाग में कार्यरत अनुराग, संदीप और घरौंडा निवासी शुभम के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन युवकों से भी की ठगी, फर्जी हाजिरी तक लगवाई
शिकायत में यह भी सामने आया कि तीन अन्य युवकों जतिन, दीपक और संदीप से भी डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने फर्जी रजिस्टर में उनकी हाजिरी तक दर्ज करवाई, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
मामले से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -देवेंद्र, प्रभारी, शहर थाना, पानीपत
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समालखा क्षेत्र के आट्टा गांव निवासी काजल ने एसपी को दी शिकायत में बताया कि उनके चाचा संदीप पशुपालन विभाग में चालक के पद पर कार्यरत हैं। इसी विभाग में तैनात अनुराग ने उनसे संपर्क कर एचकेआरएन के माध्यम से सरकारी नौकरी लगवाने का भरोसा दिया। इसके बाद काजल और उसकी बुआ की बेटी ने प्रक्रिया शुल्क के नाम पर 12-12 हजार रुपये तथा नौकरी दिलाने के एवज में डेढ़-डेढ़ लाख रुपये दिए।
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रुपये लेने के बाद आरोपियों ने काजल को समालखा के एक सरकारी स्कूल का नियुक्ति पत्र सौंप दिया। जब वह स्कूल पहुंची तो उसे बताया गया कि वहां किसी प्रकार की भर्ती या नियुक्ति नहीं हुई है। इसी तरह उसकी बुआ की बेटी पायल को जौसीपुर गांव के स्कूल का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया, जो जांच में फर्जी निकला।
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जांच में सामने आया कि आरोपियों ने इसी तरह कई अन्य युवाओं से भी ठगी की है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में करीब 19.85 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर पशुपालन विभाग में कार्यरत अनुराग, संदीप और घरौंडा निवासी शुभम के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
तीन युवकों से भी की ठगी, फर्जी हाजिरी तक लगवाई
शिकायत में यह भी सामने आया कि तीन अन्य युवकों जतिन, दीपक और संदीप से भी डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लेकर पीडब्ल्यूडी विभाग में नौकरी दिलाने का झांसा दिया गया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने फर्जी रजिस्टर में उनकी हाजिरी तक दर्ज करवाई, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
मामले से जुड़े दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -देवेंद्र, प्रभारी, शहर थाना, पानीपत