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तीन महीने बाद भी लोगों को नहीं मिल पाया पीने का स्वच्छ पानी, लोग खरीद कर पीने को मजबूर
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वार्ड नंबर 3 के सुधीर नगर में पीने के पानी की समस्या पर रोष प्रदर्शन करते हुए लोग।
- फोटो : Panipat
वार्ड-3 के सुधीर नगर में करीब 150 घरों में तीन महीने बाद भी पीने का साफ पानी नहीं मिल सका है। समस्या को लेकर लोग धरना-प्रदर्शन करने से लेकर नेताओं, जनप्रतिनिधियों, निगम अधिकारियों व सीएम विंडो पर भी शिकायत कर चुके हैं। अब परेशान लोगों ने गुहार मुख्यमंत्री मनोहर लाल को लगाई है। लोगों का कहना है कि उनके घरों में आने वाले गंदे पानी से उनके स्वास्थ्य के साथ तो खिलवाड़ हो ही रहा है, साथ में उनके घर के उपकरण जाम हो चुके हैं। पाइपलाइन में मिट्टी जम चुकी है, आरओ चोक हो चुके हैं, पानी की मोटरें मिट्टी जमने से खराब हो चुकी हैं। इसके बाद भी इन लोगों की सुध लेने वाला कोई नहीं है।
लोगों का कहना है कि 45 डिग्री की तपा देने वाली भयंकर गर्मी में लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पानी के कैंपरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जो पानी सरकारी ट्यूबवेल के नलों से आ रहा है, वह गंदा और मिट्टी युक्त है। जो अन्य किसी काम के उपयोग में भी नहीं लाया जा सकता। इससे लोगों में खासा रोष है। लोगों ने बताया कि वार्ड-3 के सुधीर नगर में मंसाराम हाई स्कूल के पास पहले पब्लिक हेल्थ का बड़ा ट्यूबवेल था जो ठप हो चुका है। अब निगम वहां छोटे ट्यूबवेल लगा रहा है। इन छोटे ट्यूबवेल में से गंदा और मिट्टी युक्त पानी आ रहा है।
जब किसी ने नहीं सुनीं तो फिर से लगाई सीएम विंडो पर शिकायत
स्थानीय निवासी नरेश वर्मा व अन्य लोगों ने बताया कि जब निगम लोगों से हर तरह का टैक्स वसूल रहा है तो पानी की सप्लाई का जिम्मा भी निगम का ही है। कई बार पार्षद भी मौके पर आई, उनको समस्या दिखाई। उन्होंने समस्या को माना भी और कहा कि उन्हें ट्यूबवेल की जगह उपलब्ध करवाई जाए, वे ट्यूबवेल लगवा देंगी। अब लोग ट्यूबवेल के लिए कहां से जगह उपलब्ध करवाएंगे।
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सीएम विंडो पर दिखाया शिकायत का समाधान
लोगों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत की थी। इस पर जवाब आया तो कहा गया कि अधिकारियों ने रिपोर्ट में ये कहा है कि जब तक ट्यूूबवेल से मिट्टी वाला पानी आता रहेगा, तब तक वे कुछ नहीं कर सकते। मिट्टी वाला पानी बंद होने के बाद ही पानी साफ आना शुरू होगा और शिकायत को बंद करने की कार्रवाई कर दी। अब लोग तीन महीने से इसी इंतजार में हैं कि कब उन्हें साफ पानी मिलेगा।
11केवी के तार से उलझा काम : पार्षद
मामला संज्ञान में है, जिसके चलते सुधीर नगर में ट्यूबवेल भी लगवाया जा रहा है। इस गली में मशीन जाने में समस्या है। ऊपर 11केवी के तार हैं। जैसे-तैसे मशीन को अंदर तक पहुंचाकर ट्यूबवेल लगवा दिया जाए, इसके लिए निगम अधिकारी व ठेकेदार कोशिश कर रहे हैं। रोज वहां का दौरा किया जाता है। जल्द समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
-अंजलि शर्मा, पार्षद, वार्ड -3
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लोगों का कहना है कि 45 डिग्री की तपा देने वाली भयंकर गर्मी में लोगों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है। पानी के कैंपरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जो पानी सरकारी ट्यूबवेल के नलों से आ रहा है, वह गंदा और मिट्टी युक्त है। जो अन्य किसी काम के उपयोग में भी नहीं लाया जा सकता। इससे लोगों में खासा रोष है। लोगों ने बताया कि वार्ड-3 के सुधीर नगर में मंसाराम हाई स्कूल के पास पहले पब्लिक हेल्थ का बड़ा ट्यूबवेल था जो ठप हो चुका है। अब निगम वहां छोटे ट्यूबवेल लगा रहा है। इन छोटे ट्यूबवेल में से गंदा और मिट्टी युक्त पानी आ रहा है।
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जब किसी ने नहीं सुनीं तो फिर से लगाई सीएम विंडो पर शिकायत
स्थानीय निवासी नरेश वर्मा व अन्य लोगों ने बताया कि जब निगम लोगों से हर तरह का टैक्स वसूल रहा है तो पानी की सप्लाई का जिम्मा भी निगम का ही है। कई बार पार्षद भी मौके पर आई, उनको समस्या दिखाई। उन्होंने समस्या को माना भी और कहा कि उन्हें ट्यूबवेल की जगह उपलब्ध करवाई जाए, वे ट्यूबवेल लगवा देंगी। अब लोग ट्यूबवेल के लिए कहां से जगह उपलब्ध करवाएंगे।
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सीएम विंडो पर दिखाया शिकायत का समाधान
लोगों ने बताया कि इससे पहले भी उन्होंने सीएम विंडो पर शिकायत की थी। इस पर जवाब आया तो कहा गया कि अधिकारियों ने रिपोर्ट में ये कहा है कि जब तक ट्यूूबवेल से मिट्टी वाला पानी आता रहेगा, तब तक वे कुछ नहीं कर सकते। मिट्टी वाला पानी बंद होने के बाद ही पानी साफ आना शुरू होगा और शिकायत को बंद करने की कार्रवाई कर दी। अब लोग तीन महीने से इसी इंतजार में हैं कि कब उन्हें साफ पानी मिलेगा।
11केवी के तार से उलझा काम : पार्षद
मामला संज्ञान में है, जिसके चलते सुधीर नगर में ट्यूबवेल भी लगवाया जा रहा है। इस गली में मशीन जाने में समस्या है। ऊपर 11केवी के तार हैं। जैसे-तैसे मशीन को अंदर तक पहुंचाकर ट्यूबवेल लगवा दिया जाए, इसके लिए निगम अधिकारी व ठेकेदार कोशिश कर रहे हैं। रोज वहां का दौरा किया जाता है। जल्द समस्या का समाधान करवा दिया जाएगा।
-अंजलि शर्मा, पार्षद, वार्ड -3