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30 लाख टैक्स घटाने में गोलमोल रिपोर्ट, निगम ने भेजा नोटिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 19 Nov 2021 01:45 AM IST
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Equipped report in reducing tax of 30 lakhs, corporation sent notice
पानीपत। लाखों रुपये का संपत्ति कर घटाने वाले प्रकरण में निगम के सामने अब चुनौती और संपत्ति मालिक के सामने मुसीबत खड़ी हो चुकी है। निगम अधिकारी पहले टैक्स आकलन सही नहीं कर पाए, इसके बाद मौके की रिपोर्ट तक सही नहीं की। बावजूद इसके संपत्ति मालिक को नोटिस तक जारी कर दिया गया है। हैरानी की बात ये है कि इस नोटिस के जवाब में संपत्ति मालिक को ही ये सिद्ध करना होगा कि उक्त संपत्ति शोरूम नहीं बल्कि गोदाम है। इसके लिए निगम ने संपत्ति मालिक को 30 दिन का नोटिस भेजा है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर संपत्ति पर पुराना 30 लाख का टैक्स जोड़ दिया जाएगा।
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ये था मामला,ऐसे चली कार्रवाई
सनौली रोड स्थित एक मार्बल शोरूम को निगम के कर शाखा के अधिकारियों व कर्मचारियों ने कागजों में गोदाम दिखा दिया। इससे कर नियमों की श्रेणी बदल गई और संपत्ति का कर 31.5 लाख से 1.3 लाख रुपये बन गया। 30 लाख का टैक्स घटाने को ‘अमर उजाला’ ने अपने कई अंकों में प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस पर निगम ने संज्ञान लिया और एक टीम गठित की। इस टीम ने चार दिन बाद मौके पर जाकर गोलमोल रिपोर्ट बनाकर निगम आयुक्त को प्रस्तुत कर दी।
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रिपोर्ट में लिखा गया कि संपत्ति पर वाणिज्यिक गतिविधियां हो रही हैं। इसमें स्पष्ट नहीं किया गया कि संपत्ति शोरूम कैटेगरी है या गोदाम की कैटेगरी। जिसके तहत संपत्ति के 30 लाख रुपये कम किए गए हैं। इस पर निगम ने संबंधित संपत्ति के मालिक को नोटिस जारी किया है। जिसमें संपत्ति का रिकार्ड तलब किया गया है कि संपत्ति का उपयोग किस श्रेणी से किया जा रहा है।
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निगम कमेटी की रिपोर्ट और नोटिस
नगर निगम की चार सदस्यीय कमेेटी ने मौके पर जाकर रिपोर्ट में लिखा कि इस इमारत का इस्तेमाल वाणिज्यिक गतिविधि में है। इस पर निगम ने इमारत मालिक को नगर निगम अधिनियम 1996 की धारा 146 के तहत एक माह का नोटिस जारी किया है। इस दौरान संपत्ति मालिक को रिपोर्ट देकर सिद्ध करना होगा कि ये इमारत वाणिज्यिक नहीं गोदाम है। इसके लिए संपत्ति मालिक को पुुरानी फॉयर एनओसी या भवन निर्माण का नक्शा देना होगा। इसके अलावा अन्य कोई ऐसा सरकारी दस्तोवज जिससे ये सिद्ध हो सके कि ये गोदाम है। अगर ऐसा नहीं होता तो इसके एक सप्ताह बाद निगम संपत्ति पर पुराने 30 लाख के टैक्स को जोड़ देगा। जिसकी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की बजाए भवन मालिक की होगी।

नोटिस भेज मांगा जवाब
उक्त इमारत की श्रेणी के लिए संबंधित संपत्ति मालिक को निगम ने नोटिस भेजा है। इसके जवाब के लिए उनके पास 30 दिन का समय होगा। संतोषजनक जवाब न मिलने पर पुराना बिल जोड़ दिया जाएगा।
जितेंद्र कुमार, डीएमसी, नगर निगम, पानीपत।
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