फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Entrepreneurs will appeal to CM today

सीएम से आज उद्यमी लगाएंगे गुहार

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 07 Dec 2021 01:54 AM IST
विज्ञापन
Entrepreneurs will appeal to CM today
पानीपत। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कोयले से संचालित उद्योगों को आठ घंटे चलने की अनुमति दी है। अगर कोई उद्योग आठ घंटे से अधिक चलते मिला तो उस पर कार्रवाई होगी। इसके अलावा उद्योगों को सप्ताह में पांच ही दिन चलाया जाएगा। सीपीसीबी के इस फैसले से उद्यमी नाराज है। इस फैसले के खिलाफ उद्यमी मंगलवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल से मिलेंगे और मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाएंगे।
विज्ञापन

उद्यमियों का मत है कि सीपीसीबी के इस फैसले से उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। उद्यमियों ने सीपीसीबी के इस फैसले के खिलाफ सोमवार को डाइंग यूनिट बंद रखीं। किसी भी फैक्टरी में बॉयलर नहीं चले। टेक्सटाइल नगरी को इससे एक दिन में करीब 100 करोड़ रुपये के नुकसान का अनुमान है। सोमवार को 500 फैक्टरियां बंद होने के बावजूद शहर का एक्यूूआई 220 दर्ज किया गया है। वायु में धुएं व धूल के कणों की मात्रा अधिक थी।
विज्ञापन

सिर्फ एक शिफ्ट में काम होने से शहर के लगभग 60 हजार श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। एक शिफ्ट में महज 20 हजार लोग ही काम कर रहे हैं। ऐसे में उत्पादन भी करीब 60 प्रतिशत तक कम हो रहा है। अब उत्पादन घटने से उत्पादों की कीमत बढ़ने का डर सता रहा है। मार्केट के ऑर्डर पूरे नहीं हो पा रहे। बायर समय पर माल न मिलने पर ऑर्डर कैंसल करने की चेतावनी भी दे रहे हैं। अगर ऑर्डर कैंसल हुए तो उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

कंस्ट्रक्शन पर रोक जरूरी
बोर्ड ने कंस्ट्रक्शन के कार्यों पर रोक लगाई है, लेकिन इसका कोई खास फायदा नहीं हो रहा है। हर जगह निर्माण कार्य चल रहे हैं। सड़कों पर धूल उड़ रही है। प्रशासन की ओर से पेड़ पौधों पर पानी का छिड़काव नहीं कराया जा रहा है इसलिए एक्यूआई नहीं घट रहा है। बोर्ड का फोकस सिर्फ डाइंग यूनिट पर ही है।
सिर्फ 75 उद्योगों में ही पीएनजी व एलपीजी की सप्लाई
पानीपत में 2 हजार उद्योग कोयले पर चलते हैं। सिर्फ 75 उद्योगों में ही पीएनजी व एलपीजी की सप्लाई है। सीपीसीबी की टीमें फील्ड में उद्योगों की मॉनीटरिंग भी कर रही है। उद्यमियों का कहना है कि पानीपत का एक्यूआई बहुत ज्यादा नहीं है। इसलिए पानीपत को 24 घंटे उद्योग चलाने की अनुमति मिलनी चाहिए। इन नियमों के लागू होने से कंबल, चादर, डाइंग व प्रिटिंग के कारोबार पर खासा प्रभाव पड़ेगा। उत्पादन 60 प्रतिशत तक कम हो रहा है।
पीक पर चल रहा कंबल का सीजन
कोरोना, लॉकडाउन व किसान आंदोलन में टेक्सटाइल नगरी को लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। अब उद्यमियों को विदेशों को अच्छे ऑर्डर मिले हैं। कंबल का पीक सीजन चल रहा है। उद्यमियों बायर के ऑर्डर पूरा करने में जुटे हैं। पानीपत का एक्सपोर्ट भी तीन हजार करोड़ रुपये बढ़ा है। अब अच्छे आर्डर मिलने से उद्योग को संजीवनी मिली थी। अब सीपीसीबी के आदेशों से उद्योगों को बड़ा नुकसान होने का भय है।

मुख्यमंत्री से मिलने जाएंगे
सीपीसीबी के निर्देशों का उद्योगों पर बुरा असर पड़ रहा है। उद्यमियों को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। वो इस मुद्दे पर मंगलवार को सीएम से मिलने जाएंगे। उम्मीद है कि सरकार इस मामले में हस्तक्षेप करेगी। -प्रीतम सचदेवा, प्रधान पानीपत इंडस्ट्रियल एसोशिएशन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed