{"_id":"66106e97b219e9521b05ec14","slug":"entrepreneurs-asked-for-permission-to-exploit-groundwater-in-emergency-panipat-news-c-244-1-pnp1003-116348-2024-04-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Panipat News: उद्यमियों ने मांगी आपातकाल में भूजल दोहन की अनुमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Panipat News: उद्यमियों ने मांगी आपातकाल में भूजल दोहन की अनुमति
विज्ञापन
पानीपत। भूजल का दोहन करने पर उद्यमियों की समस्याएं बढ़ गई है। प्रदेश भूजल प्राधिकरण ने भूजल का बिना अनुमति दोहन करने पर 400 उद्यमियों को नोटिस जारी किया है। उन्हें अब भूजल प्राधिकरण कार्यालय में नोटिस देकर बुलाया गया है। वहीं उद्यमियों ने हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण को पत्र लिखकर मांग कि है कि प्राधिकरण उन्हें ये लिखकर दे कि वो उद्यमियों को 24 घंटे पानी की सप्लाई नहीं दे सकते, ताकि इसके आधार पर भूजल प्राधिकरण से आपातकाल स्थिति में भूजल दोहन की अनुमति मिल सके। इसके लिए एसएसवीपी तैयार नहीं है। उद्यमियों का कहना है कि एचएसवीपी बिजली की किल्लत से पूरा पूरा दिन पानी की सप्लाई नहीं दे पा रहा है। बॉयलर में पानी की कमी से बड़ा हादसा होने का भय बना रहता है। इसलिए उद्यमियों को मजबूरीवश भूजल का दोहन करना पड़ रहा है। शहर में 40 उद्यमियों के पास ही भूजल दोहन करने की अनुमति है।
जानकारी के अनुसार पानीपत में हर रोज आठ करोड़ लीटर पानी का दोहन हो रहा है। पिछले 10 साल में भूजल का स्तर 20 फुट तक गिर चुका है। समालखा व बापौली क्षेत्र डार्क जोन में आ चुके हैं। इसको लेकर हरियाणा भूजल प्राधिकरण चिंतित है। फिलहाल एचएसवीपी सेक्टर 29 पार्ट वन व टू में नहरी पानी की सप्लाई कर रहा है लेकिन विभाग पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने में सफल नहीं हो रहा है। इसको लेकर उद्यमी कई बार आपत्ति भी दर्ज करवा चुके हैं। पिछले 10 साल में पानीपत का भू-जल स्तर 25 फुट तक नीचे गिर गया। पानीपत की औद्योगिक इकाइयों, अवैध रूप से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लगे ट्यूबवेल लगातार भूमिगत जल का दोहन करते रहे। अब औद्योगिक क्षेत्र का शहर का भूजल स्तर 900 फीट पर जा चुका है।
पानी की कमी से बड़ा हादसा हो सकता ह : भीम
हरियाणा इंवायरमेट मैनेजमेंट सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष भीम राणा ने कहा कि भूजल प्राधिकरण भूजल का दोहन करने पर उन पर कार्रवाई कर रहा है। उनको मजबूरी में आपात स्थिति में भूजल का दोहन करना पड़ता है। एचएसवीपी उन्हें भरपूर मात्रा में पानी की सप्लाई नहीं दे पा रहा है। अधिकतर समय बिजली गुल रहती है। ऐसे में समय पर बॉयलर को पानी न मिलने पर बड़ा हादसा हो सकता है। उनको आपात स्थिति में भूजल दोहन की अनुमति मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
जेडएलडी की सौगात मिल जाए तो नहीं होगा दोहन : अरोड़ा
डायर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नितिन अरोड़ा ने बताया कि उनकी जीरो लिक्वेड डिस्चार्ज प्लांग की सौगात मिल जाए तो उनको भूजल का दोहन नहीं करना पड़ेगा। भूजल का दोहन बचेगा। अगर उनको पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाए तो उनको भूजल का दोहन नहीं करना पड़ेगा। उनको आपातकाल स्थिति के लिए भूजल का दोहन करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
वर्जन-
उद्यमियों को एक एक घंटा अतिरिक्त पानी दिया जाएगा। उद्यमियों को स्टोरेज टैंक की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वो टैंक बनाकर पानी स्टोर कर सकते हैं।
जगदीप सिंह, संपदा अधिकारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार पानीपत में हर रोज आठ करोड़ लीटर पानी का दोहन हो रहा है। पिछले 10 साल में भूजल का स्तर 20 फुट तक गिर चुका है। समालखा व बापौली क्षेत्र डार्क जोन में आ चुके हैं। इसको लेकर हरियाणा भूजल प्राधिकरण चिंतित है। फिलहाल एचएसवीपी सेक्टर 29 पार्ट वन व टू में नहरी पानी की सप्लाई कर रहा है लेकिन विभाग पर्याप्त मात्रा में पानी उपलब्ध कराने में सफल नहीं हो रहा है। इसको लेकर उद्यमी कई बार आपत्ति भी दर्ज करवा चुके हैं। पिछले 10 साल में पानीपत का भू-जल स्तर 25 फुट तक नीचे गिर गया। पानीपत की औद्योगिक इकाइयों, अवैध रूप से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में लगे ट्यूबवेल लगातार भूमिगत जल का दोहन करते रहे। अब औद्योगिक क्षेत्र का शहर का भूजल स्तर 900 फीट पर जा चुका है।
विज्ञापन
पानी की कमी से बड़ा हादसा हो सकता ह : भीम
हरियाणा इंवायरमेट मैनेजमेंट सोसायटी के प्रदेशाध्यक्ष भीम राणा ने कहा कि भूजल प्राधिकरण भूजल का दोहन करने पर उन पर कार्रवाई कर रहा है। उनको मजबूरी में आपात स्थिति में भूजल का दोहन करना पड़ता है। एचएसवीपी उन्हें भरपूर मात्रा में पानी की सप्लाई नहीं दे पा रहा है। अधिकतर समय बिजली गुल रहती है। ऐसे में समय पर बॉयलर को पानी न मिलने पर बड़ा हादसा हो सकता है। उनको आपात स्थिति में भूजल दोहन की अनुमति मिलनी चाहिए।
विज्ञापन
जेडएलडी की सौगात मिल जाए तो नहीं होगा दोहन : अरोड़ा
डायर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष नितिन अरोड़ा ने बताया कि उनकी जीरो लिक्वेड डिस्चार्ज प्लांग की सौगात मिल जाए तो उनको भूजल का दोहन नहीं करना पड़ेगा। भूजल का दोहन बचेगा। अगर उनको पर्याप्त मात्रा में पानी मिल जाए तो उनको भूजल का दोहन नहीं करना पड़ेगा। उनको आपातकाल स्थिति के लिए भूजल का दोहन करने की अनुमति मिलनी चाहिए।
वर्जन-
उद्यमियों को एक एक घंटा अतिरिक्त पानी दिया जाएगा। उद्यमियों को स्टोरेज टैंक की क्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। वो टैंक बनाकर पानी स्टोर कर सकते हैं।
जगदीप सिंह, संपदा अधिकारी हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण