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पैक्स में लाखों का गबन

Sat, 21 Sep 2013 11:57 PM IST
अमर उजाला, पानीपत
अमर उजाला, पानीपत Updated Sat, 21 Sep 2013 11:57 PM IST
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embezzlement in pacs
पानीपत में जिले के खोतपुरा गांव की पैक्स (प्राइमरी एग्रीकल्चर कोआपरेटिव सोसाइटी) में किसानों को लोन और खाद देने के नाम पर लाखाें रुपये के गबन का मामला सामने आया है। आरोप पैक्स के एक सेल्समैन पर लगे हैं।
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इसमें मृतक किसानों के नाम लाखों की राशि और खाद जारी कर दिया। यही नहीं सात किसानों की हिस्सा राशि और दो कर्मचारियों का लाखों रुपये का एरियर और लाखों रुपये की सब्सिडी निकालकर चपत लगाई। पानीपत सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक की प्राथमिक जांच में गबन का मामला सामने आने पर सोसाइटी और बैंक में खलबली मच गई।
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जीएम खुलकर आए सामने
पानीपत सेंट्रल कोआपरेटिव बैंक के जीएम हरिमोहन गोदारा इस अनियमिता के पकड़े जाने पर खुलकर सामने आ गए हैं। उन्होंने सेल्समैन सुंदर सिंह पर इसके आरोप लगाए हैं। हरिमोहन गोदारा ने इसको लेकर शनिवार को अपने कार्यालय में पत्रकार वार्ता में पूरे मामले से पर्दा उठाया। उन्होंने बताया कि सेल्समैन सुंदर सिंह को पकड़े जाने पर पैक्स कमेटी ने बर्खास्त कर दिया है और उन्होंने दो प्रबंधकों रामकुमार और बलकार को सस्पेंड कर दिया है। इसकी रिपोर्ट उच्चाधिकारियों और पुलिस को दी जाएगी।
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मृत लोगों के नाम जारी किया लोन
खोतपुरा पैक्स के अंतर्गत जांच में पता लगा कि तीन किसानों को मौत के बाद लोन और खाद जारी कर दी। इसकी जांच सामने आने से सब हैरान हैं। हरिमोहन गोदारा ने बताया कुटानी निवासी ब्रह्मपाल की मौत फरवरी 2009 को हो गई थी। उसकी मौत के बाद 2012 में एमसीएल (मैक्सिमम क्रेडिट लिमिट) बनाकर 75 हजार रुपये नगद निकलवा लिए और इसके चार माह बाद 24,570 रुपये की उसके नाम खाद जारी कर दी। इसी गांव के प्रेम सिंह की मौत अगस्त 2003 में हो गई थी। उसके नाम पर मई 2012 को 75 हजार रुपये नकद निकलवा लिए और सितंबर माह में 24,570 रुपये की खाद जारी कर दी। कृष्ण की मौत जनवरी 2012 को हो गई थी और उसकी तरफ सोसाइटी का 1,20,350 रुपये पेंडिंग था। उसके खाते में जनवरी 2013 को 24,702 रुपये की खाद चढ़ा दी।

लाखों की सब्सिडी को भी चपत
पैक्स में लोगों को मिलने वाली सब्सिडी पर भी चपत लगा दी। यह सब्सिडी गांव के लोगों को हरिजन कल्याण निगम, डीआरडीए और महिला विकास निगम के माध्यम से योजना के तहत मिलती है। आरोप है कि सेल्समैन 30 मार्च 2013 को सब्सिडी के 2,26,510 रुपये निकाल ले गया।

किसानों की हिस्सा राशि भी निकाली
खोतपुरा पैक्स में मृतक सात किसानों की हिस्सा राशि भी निकाल ली। इनमें बलबीर के खाते से 3,250, प्रेम सिंह के 1,300, राममेहर के 1,510, बलजीत के 2,700, रामफल के 1,010, रामेश्वर के 2,200 और कर्मा के 3,070 रुपये निकाल लिए। इन सातों किसानों के खाते से फरवरी 2013 को एक ही दिन 15,040 रुपये की यह राशि निकाल ली।  जबकि इस राशि को सोसाइटी से निकाला नहीं जा सकता। किसान के सदस्य न बनने पर दूसरे किसान से राशि लेकर उसको दे दी जाती है और उक्त किसान की हिस्सा राशि को दूसरे किसान के खाते में डायवर्ट कर दिया जाता है।

कर्मचारियों का लाखों का एरियर भी डकारा
पैक्स में गबन किसानों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि कर्मचारियाें को भी जेब तक भी पहुंच गया। कर्मचारियों के लाखों रुपये डकार लिए। पैक्स के क्लर्क विनोद कुमार का एरियर कस 51,580 रुपये एक बार और 77,520 रुपये दूसरी बार और इसी तरह क्लर्क रामकुमार का 51,580 और 77,520 रुपये दूसरी बार निकाल लिए। यहीं नहीं तीन कर्मचारियों को हटाए जाने के बाद ढाई-ढाई लाख रुपये का हाउस लोन भी दिया।


ऐसे उठा मामले से पर्दा
जीएम हरिमोहन गोदारा ने बताया कि सेल्समैन सुंदर सिंह का बैंक में आना-जाना ज्यादा बढ़ गया। वह बिना काम भी यहां आ जाता था। उसको उसके काम पर शक हुआ और मामले की जांच करानी चाही। उसने प्राथमिक जांच में खोतपुरा पैक्स के प्रबंधक रामकुमार को अलूपुर स्थानांतरित कर दिया और उनकी जगह रणजीत दलाल को लगा दिया। उनकी प्राथमिक जांच में ही पैक्स में लाखाें रुपये के गबन से पर्दा उठा।
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