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Panipat News: ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला, 15 तक कर सकते हैं आवेदन
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माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। किसान बारिश में क्षति फसल को ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने टीमों का गठन किया है। इसको 15 दिन तक आवेदन कर सकते हैं।
एडीसी डॉ. पंकज यादव ने इसके लिए वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों को अपनी फसल खराब होने की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी है। प्रभावित सभी गांवों के किसान 15 सितंबर तक पोर्टल पर अपनी फसल की जानकारी अपलोड कर सकते हैं। जिला राजस्व विभाग के अधिकारी द्वारा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्राप्त दावों का विशेष गिरदावरी के रूप में सत्यापन किया जाएगा। आकलन के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा जारी किया जाएगा। प्रभावित किसान द्वारा दावा दर्ज करने के बाद, संबंधित राजस्व अधिकारी, कर्मचारी जैसे पटवारी, कानूनगो, सर्कल राजस्व अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी, उप मंडल अधिकारी (नागरिक), उपायुक्त नुकसान का आकलन करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल क्षति का विवरण जल्द से जल्द पोर्टल पर दर्ज कराएं।
डीएलएसए ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
डीएलएसए (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। डीएलएसए की सचिव एवं सीजेएम वर्षा शर्मा ने बताया कि किसानों को बारिश व बाढ़ से फसलों की क्षति का मुआवजा दिलाने के लिए जिला स्तर पर अधिवक्ता और पैरा लीगल वालंटियर की टीम बनाई हें। टीम गांव-गांव जाकर किसानों की मदद करेंगी। उन्होंने बताया कि किसान हेल्पलाइन नंबर 0180-26-40125 या नालसा हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल एचटीटीपीएस://क्षतिपूर्तिडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन शुरू किया है।
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पानीपत। किसान बारिश में क्षति फसल को ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। इसके लिए प्रशासन ने टीमों का गठन किया है। इसको 15 दिन तक आवेदन कर सकते हैं।
एडीसी डॉ. पंकज यादव ने इसके लिए वीरवार को जिला सचिवालय के सभागार में संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों को अपनी फसल खराब होने की जानकारी पोर्टल पर अपलोड करनी है। प्रभावित सभी गांवों के किसान 15 सितंबर तक पोर्टल पर अपनी फसल की जानकारी अपलोड कर सकते हैं। जिला राजस्व विभाग के अधिकारी द्वारा ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल पर प्राप्त दावों का विशेष गिरदावरी के रूप में सत्यापन किया जाएगा। आकलन के आधार पर निर्धारित मानकों के अनुसार मुआवजा जारी किया जाएगा। प्रभावित किसान द्वारा दावा दर्ज करने के बाद, संबंधित राजस्व अधिकारी, कर्मचारी जैसे पटवारी, कानूनगो, सर्कल राजस्व अधिकारी, जिला राजस्व अधिकारी, उप मंडल अधिकारी (नागरिक), उपायुक्त नुकसान का आकलन करेंगे। उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल क्षति का विवरण जल्द से जल्द पोर्टल पर दर्ज कराएं।
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डीएलएसए ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर
डीएलएसए (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण) ने हेल्पलाइन नंबर जारी किया है। डीएलएसए की सचिव एवं सीजेएम वर्षा शर्मा ने बताया कि किसानों को बारिश व बाढ़ से फसलों की क्षति का मुआवजा दिलाने के लिए जिला स्तर पर अधिवक्ता और पैरा लीगल वालंटियर की टीम बनाई हें। टीम गांव-गांव जाकर किसानों की मदद करेंगी। उन्होंने बताया कि किसान हेल्पलाइन नंबर 0180-26-40125 या नालसा हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क कर सकते हैं। सरकार ने क्षतिपूर्ति पोर्टल एचटीटीपीएस://क्षतिपूर्तिडॉटहरियाणाडॉटजीओवीडॉटइन शुरू किया है।
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