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Panipat News: डॉक्टरों ने दो घंटे रखी पेन डाउन हड़ताल, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
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पानीपत। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर जिला नागरिक अस्पताल में चिकित्सकों की दो घंटे हड़ताल रही। जिसके चलते सुबह नौ से 11 बजे तक ओपीडी पूरी तरह से बंद रखी। मरीजों को इस दौरान काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि इमरजेंसी सेवाएं जारी रही। चिकित्सकों ने अस्पताल परिसर में एकत्रित होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लंबित मांगों को पूरा किए जाने की मांग की।
जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक शनिवार की सुबह नौ से 11 बजे तक पेन डाउन हड़ताल पर रहे। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको सीएम की घोषणा में शामिल किया गया था। दो साल बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। एसोसिएशन की ओर से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी लिखित में मांगपत्र दिया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से चिकित्सकों की मांगें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि सर्विस में चिकित्सकों को जिस वक्त पीजी करने जाना होता है, तो एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने पड़ते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि पुरानी पॉलिसी को लागू कर दिया जाए। पहले यह राशि 50 लाख थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिसकी वजह से चिकित्सकों को दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल करनी पड़ रही है।
बॉक्स
नोटिस बोर्ड पर लिखा : 11 बजे तक नहीं बनेगी ओपीडी स्लिप
हरियाणा चिकित्सकों की हड़ताल का असर हर जिले में देखने को मिला। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से सबसे ज्यादा इलाज करवाने आए मरीज प्रभावित हुए। नोटिस बोर्ड पर भी लिखा गया कि 11 बजे तक ओपीडी स्लिप नहीं बनेगी, क्योंकि डॉक्टर हडताल पर चले गए है। मरीजों ने 11 बजे तक इंतजार किया, लेकिन तब तक मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। 11 बजे के बाद डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं शुरू की।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन। गतिशील सुनिश्चित कॅरियर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने की मांग। ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल करने की मांग। स्पेशलिस्ट के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में प्रमोशन। जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।
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मरीजों से बातचीत:
आठ बजे से लाइन में लगा, 11:30 बजे कटी पर्ची
कोहंड निवासी 50 वर्षीय श्यामा ने बताया कि वह एलर्जी की दवाई लेने के लिए सुबह आठ बजे पानीपत नागरिक अस्पताल आया था, यहां आकर पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर है, 11 बजे तक लाइन में लगा रहा। उसके बाद उसकी पर्ची कटी और उसने इलाज कराया।
पहले पता होता, बाहर से ले लेता दवाई
परमहंस कुटिया निवासी जगजीत सिंह ने बताया कि उसे पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। वह दवाई लेने के लिए सुबह साढ़े नौ बजे नागरिक अस्पताल आ गया था। जहां पर दो घंटे इंतजार के बाद उसका नंबर आया। उसे पहले पता होता तो वह निजी अस्पताल से दवाई लेता।
दांत में दर्द से पूरी रात नहीं सो पाया, सुबह से लाइन में लगा
विकास नगर से नागरिक अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे प्रसून ने बताया कि उसके दांत में दर्द है, वह पूरी रात नहीं सो पाया। सोचा था सुबह दवाई लेने से आराम मिलेगा, लेकिन अस्पताल पहुंचा तो यहां डॉक्टर की हड़ताल मिली, जिस वजह सुबह आठ बजे लाइन में लगा था, उसका साढ़े 11 बजे नंबर आया।
पहले ही हालत थे खराब, हड़ताल से और हुई
पलड़ी गांव से पहुंचे 70 वर्षीय रामफल ने बताया कि उसे खांसी,जुखाम व बुखार है, वह दवाई लेने अस्पताल पहुंचा था, लेकिन वहां पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं, दो घंटे इंतजार करने से उसकी तबीयत और खराब हो गई।
वर्जन
सरकार जल्द पूरी करे मांगें
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को 9 से 11 बजे तक दो घंटे हड़ताल रही। इमरजेंसी सेवाएं शुरू थीं। उनकी मांगें सरकार जल्द पूरी करे। इसके बावजूद सरकार मांगे नहीं मानती है तो एसोसिएशन आगामी फैसला लेगा।
-डॉ. रिंकू सांगवान, जिलाध्यक्ष, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन।
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जिला नागरिक अस्पताल के चिकित्सक शनिवार की सुबह नौ से 11 बजे तक पेन डाउन हड़ताल पर रहे। हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के जिला प्रधान डॉ. रिंकू सांगवान ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में विशेषज्ञों के लिए अलग से कैडर बनाने की मांग की जा रही है। इसको सीएम की घोषणा में शामिल किया गया था। दो साल बीत जाने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। एसोसिएशन की ओर से स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज को भी लिखित में मांगपत्र दिया गया था, लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिसकी वजह से चिकित्सकों की मांगें लंबित हैं। उन्होंने बताया कि सर्विस में चिकित्सकों को जिस वक्त पीजी करने जाना होता है, तो एक-एक करोड़ रुपये के दो बांड भरने पड़ते हैं। एसोसिएशन की मांग है कि पुरानी पॉलिसी को लागू कर दिया जाए। पहले यह राशि 50 लाख थी, लेकिन सरकार की ओर से कोई कदम नहीं उठाया जा रहा है। जिसकी वजह से चिकित्सकों को दो घंटे की पेन डाउन हड़ताल करनी पड़ रही है।
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नोटिस बोर्ड पर लिखा : 11 बजे तक नहीं बनेगी ओपीडी स्लिप
हरियाणा चिकित्सकों की हड़ताल का असर हर जिले में देखने को मिला। डॉक्टरों के हड़ताल पर जाने से सबसे ज्यादा इलाज करवाने आए मरीज प्रभावित हुए। नोटिस बोर्ड पर भी लिखा गया कि 11 बजे तक ओपीडी स्लिप नहीं बनेगी, क्योंकि डॉक्टर हडताल पर चले गए है। मरीजों ने 11 बजे तक इंतजार किया, लेकिन तब तक मरीजों की संख्या बढ़ गई थी। 11 बजे के बाद डॉक्टरों ने अपनी सेवाएं शुरू की।
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हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन की प्रमुख मांगें
डॉक्टरों के लिए एक विशेषज्ञ कैडर का गठन। गतिशील सुनिश्चित कॅरियर प्रगति (एसीपी) योजना लागू हो। एसएमओ की सीधी भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए। पीजी के लिए बॉन्ड राशि एक करोड़ से 50 लाख किए जाने की मांग। ग्रामीण क्षेत्रों को दूरस्थ घोषित कर पीजी कोटा बहाल करने की मांग। स्पेशलिस्ट के लिए अतिरिक्त इंसेटिव। डॉक्टर की 10 साल में प्रमोशन। जल्द पीजी पॉलिसी बनाने की मांग।
मरीजों से बातचीत:
आठ बजे से लाइन में लगा, 11:30 बजे कटी पर्ची
कोहंड निवासी 50 वर्षीय श्यामा ने बताया कि वह एलर्जी की दवाई लेने के लिए सुबह आठ बजे पानीपत नागरिक अस्पताल आया था, यहां आकर पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर है, 11 बजे तक लाइन में लगा रहा। उसके बाद उसकी पर्ची कटी और उसने इलाज कराया।
पहले पता होता, बाहर से ले लेता दवाई
परमहंस कुटिया निवासी जगजीत सिंह ने बताया कि उसे पिछले एक सप्ताह से बुखार आ रहा है। वह दवाई लेने के लिए सुबह साढ़े नौ बजे नागरिक अस्पताल आ गया था। जहां पर दो घंटे इंतजार के बाद उसका नंबर आया। उसे पहले पता होता तो वह निजी अस्पताल से दवाई लेता।
दांत में दर्द से पूरी रात नहीं सो पाया, सुबह से लाइन में लगा
विकास नगर से नागरिक अस्पताल में दवाई लेने पहुंचे प्रसून ने बताया कि उसके दांत में दर्द है, वह पूरी रात नहीं सो पाया। सोचा था सुबह दवाई लेने से आराम मिलेगा, लेकिन अस्पताल पहुंचा तो यहां डॉक्टर की हड़ताल मिली, जिस वजह सुबह आठ बजे लाइन में लगा था, उसका साढ़े 11 बजे नंबर आया।
पहले ही हालत थे खराब, हड़ताल से और हुई
पलड़ी गांव से पहुंचे 70 वर्षीय रामफल ने बताया कि उसे खांसी,जुखाम व बुखार है, वह दवाई लेने अस्पताल पहुंचा था, लेकिन वहां पता चला कि डॉक्टर हड़ताल पर हैं, दो घंटे इंतजार करने से उसकी तबीयत और खराब हो गई।
वर्जन
सरकार जल्द पूरी करे मांगें
हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन के आह्वान पर शनिवार को 9 से 11 बजे तक दो घंटे हड़ताल रही। इमरजेंसी सेवाएं शुरू थीं। उनकी मांगें सरकार जल्द पूरी करे। इसके बावजूद सरकार मांगे नहीं मानती है तो एसोसिएशन आगामी फैसला लेगा।
-डॉ. रिंकू सांगवान, जिलाध्यक्ष, हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज एसोसिएशन।