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दिवाली पर जगमगाएंगे सभी वार्ड
अमर उजाला, पानीपत
Updated Wed, 23 Oct 2013 11:54 PM IST
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पानीपत में दिवाली के अवसर पर शहर को जिला प्रशासन की तरफ से हाई मास्क लाइट के रूप में विशेष तोहफा मिलने वाला है।
नगर निगम शहर के हर वार्ड में एक-एक हाई मास्क लाइट लगाई जाएगी। प्रत्येक लाइट पर करीब ढाई लाख रुपये का खर्च आएगा। लाइटाें को दीवाली से पहले लगाए जाने की योजना है। दीवाली को हर कोई यादगार बनाना चाहता है। इसमें नगर निगम भी पीछे नहीं रहने वाला है। निगम ने इस दीवाली को शहरवासियों के लिए स्पेशल बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। योजना के तहत निगम के हर वार्ड में हाई मास्क लाइट लगाई जाएंगी।
साठ लाख रुपये होंगे खर्च
निगम के सभी 24 वार्डों में हाई मास्क लाइट लगाने पर करीब 60 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक लाइट पर 2.50 लाख के खर्च का खाका तैयार किया गया है। निगम के सभी पार्षदों से आग्रह किया गया है कि वे जहां पर लाइट लगाना चाहते हैं, उस जगह से संबंधित क्षेत्र के बारे में जानकारी जल्दी ही भेज दें।
निगम के सभी पार्षदों से मांगी सूची
निगम अधिकारियों ने सभी वार्डों के पार्षदोें से सूची मांगी है। इसके तहत पार्षदों को उन स्थानों का ब्योरा देना होगा जहां पर हाई मास्क लाइट लगाई जानी है। शर्त सिर्फ यही होगी कि पार्षद जहां पर पर लाइट लगवाना चाहता है, वह क्षेत्र अप्रूव्ड होना चाहिए। जो क्षेत्र अप्रूव्ड नहीं होगा, वहां पर लाइट नहीं लगाई जाएगी। निगम के लाइटिंग विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पार्षदों से संपर्क स्थापित करने में जुटे हैं।
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स्थान के बारे में पार्षद से सहमति होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। विभागीय कर्मियों की माने तो अभी दीवाली में समय भी कम रह गया है। इसके विपरीत जिला प्रशासन की तरफ से आदेश हैं कि लाइट लगाने का कार्य दीवाली सेे पहले ही हर हाल में निपटाना होगा।
अंधेरे और चौराहों को दी जाएगी प्राथमिकता
हाई मास्क लाइट लगाने के लिए मुख्य रूप से केवल उन्हीं क्षेत्रोेें को प्रमुखता दी जाएगी, जहां पर रात के समय ज्यादा अंधेरा रहता है। निगम के हर वार्ड में ऐसे बहुत क्षेत्र मिल जाएंगे, जहां पर रात के समय लोगों का आवागमन भी बहुत ज्यादा होता है। क्षेत्र की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए ही वहां हाई मास्क लाइट लगाई जाएगी। जिस टावर पर यह लाइट लगाई जाएगी, उसकी लंबाई अधिक साढ़े 12 मीटर रखी जाएगी। टावर पर चारों तरफ पांच लाइट लगाई जाएंगी। जो की अपनी रोशनी से आसपास के क्षेत्र को जगमग करेगी।
शहरवासियों को मिलेगी राहत
सुनसान और अंधेरे वाली जगहों और चौक चौराहों पर हाई मास्क लाइट लगने के बाद रात के समय आने-जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्टरियाें और कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों को देर रात को आना जाना पड़ता है। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना के होने का आशंका रहती है। रात के समय सुनसान जगहों पर कई बार लूटपाट और हाथापाई की वारदात भी सुनने को मिलती है। ऐसे में इस तरह के अंधेरे और सुनसान जगहों पर लाइट लग जाने से काफी राहत मिलेगी।
दीवाली से पहले होगा काम पूरा
जिला प्रशासन की तरफ से निगम केे लाइटिंग विभाग को आदेश दिए हैं कि लाइट लगाने का काम दिवाली से पहले ही पूरा कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए लाइटिंग विभाग ने भी कमर कस ली है। पार्षदों से बार-बार संपर्क किए जा रहे हैं कि जहां पर वे मास्क लाइट लगाना चाहते हैं, वहां की सूची जितनी जल्दी हो सके निगम कार्यालय में जमा करा दें। जैसे-जैसे जगह से संबंधित जानकारी निगम के लाइटिंग डिपार्टमेंट में आ रही है, उसी समय निगम अधिकारी और कर्मचारी मौका मुआयना करने के लिए पहुंच जाते हैं। वहां पर हर तरह की जानकारियों के बारे में जांच पड़ताल करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।
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नगर निगम शहर के हर वार्ड में एक-एक हाई मास्क लाइट लगाई जाएगी। प्रत्येक लाइट पर करीब ढाई लाख रुपये का खर्च आएगा। लाइटाें को दीवाली से पहले लगाए जाने की योजना है। दीवाली को हर कोई यादगार बनाना चाहता है। इसमें नगर निगम भी पीछे नहीं रहने वाला है। निगम ने इस दीवाली को शहरवासियों के लिए स्पेशल बनाने के लिए विशेष योजना तैयार की है। योजना के तहत निगम के हर वार्ड में हाई मास्क लाइट लगाई जाएंगी।
साठ लाख रुपये होंगे खर्च
निगम के सभी 24 वार्डों में हाई मास्क लाइट लगाने पर करीब 60 लाख रुपये खर्च होंगे। प्रत्येक लाइट पर 2.50 लाख के खर्च का खाका तैयार किया गया है। निगम के सभी पार्षदों से आग्रह किया गया है कि वे जहां पर लाइट लगाना चाहते हैं, उस जगह से संबंधित क्षेत्र के बारे में जानकारी जल्दी ही भेज दें।
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निगम के सभी पार्षदों से मांगी सूची
निगम अधिकारियों ने सभी वार्डों के पार्षदोें से सूची मांगी है। इसके तहत पार्षदों को उन स्थानों का ब्योरा देना होगा जहां पर हाई मास्क लाइट लगाई जानी है। शर्त सिर्फ यही होगी कि पार्षद जहां पर पर लाइट लगवाना चाहता है, वह क्षेत्र अप्रूव्ड होना चाहिए। जो क्षेत्र अप्रूव्ड नहीं होगा, वहां पर लाइट नहीं लगाई जाएगी। निगम के लाइटिंग विभाग के अधिकारी और कर्मचारी पार्षदों से संपर्क स्थापित करने में जुटे हैं।
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स्थान के बारे में पार्षद से सहमति होते ही काम शुरू करा दिया जाएगा। विभागीय कर्मियों की माने तो अभी दीवाली में समय भी कम रह गया है। इसके विपरीत जिला प्रशासन की तरफ से आदेश हैं कि लाइट लगाने का कार्य दीवाली सेे पहले ही हर हाल में निपटाना होगा।
अंधेरे और चौराहों को दी जाएगी प्राथमिकता
हाई मास्क लाइट लगाने के लिए मुख्य रूप से केवल उन्हीं क्षेत्रोेें को प्रमुखता दी जाएगी, जहां पर रात के समय ज्यादा अंधेरा रहता है। निगम के हर वार्ड में ऐसे बहुत क्षेत्र मिल जाएंगे, जहां पर रात के समय लोगों का आवागमन भी बहुत ज्यादा होता है। क्षेत्र की व्यस्तता को ध्यान में रखते हुए ही वहां हाई मास्क लाइट लगाई जाएगी। जिस टावर पर यह लाइट लगाई जाएगी, उसकी लंबाई अधिक साढ़े 12 मीटर रखी जाएगी। टावर पर चारों तरफ पांच लाइट लगाई जाएंगी। जो की अपनी रोशनी से आसपास के क्षेत्र को जगमग करेगी।
शहरवासियों को मिलेगी राहत
सुनसान और अंधेरे वाली जगहों और चौक चौराहों पर हाई मास्क लाइट लगने के बाद रात के समय आने-जाने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी। विशेष रूप से औद्योगिक क्षेत्रों में फैक्टरियाें और कंपनियों में काम करने वाले मजदूरों को देर रात को आना जाना पड़ता है। ऐसे में उनके साथ किसी भी तरह की अप्रिय घटना के होने का आशंका रहती है। रात के समय सुनसान जगहों पर कई बार लूटपाट और हाथापाई की वारदात भी सुनने को मिलती है। ऐसे में इस तरह के अंधेरे और सुनसान जगहों पर लाइट लग जाने से काफी राहत मिलेगी।
दीवाली से पहले होगा काम पूरा
जिला प्रशासन की तरफ से निगम केे लाइटिंग विभाग को आदेश दिए हैं कि लाइट लगाने का काम दिवाली से पहले ही पूरा कर दिया जाना चाहिए। इसके लिए लाइटिंग विभाग ने भी कमर कस ली है। पार्षदों से बार-बार संपर्क किए जा रहे हैं कि जहां पर वे मास्क लाइट लगाना चाहते हैं, वहां की सूची जितनी जल्दी हो सके निगम कार्यालय में जमा करा दें। जैसे-जैसे जगह से संबंधित जानकारी निगम के लाइटिंग डिपार्टमेंट में आ रही है, उसी समय निगम अधिकारी और कर्मचारी मौका मुआयना करने के लिए पहुंच जाते हैं। वहां पर हर तरह की जानकारियों के बारे में जांच पड़ताल करके आगे की कार्रवाई की जा रही है।