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कांग्रेसी पार्षद दो फाड़, मेयर ने किया मनाने से इंकार
अमर उजाला, पानीपत
Updated Sat, 28 Sep 2013 11:44 PM IST
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पानीपत में कांग्रेस समर्थित पार्षद शहर के विकास के लिए दो फाड़ हो गए हैं। मेयर ने भी इन पार्षदों को मनाने से साफ इंकार कर दिया है। नोटिफिकेशन आने तक डी प्लान के तहत मिले पैसे से ज्यादा कुछ भी न लगाने की बात साफ कर दी है।
कांग्रेस समर्थित आठ पार्षदों ने समर्थन वापस लेने की धमकी और मेयर ने भी अपने स्तर पर डटे रहने से अंदरखाते दूरियां बढ़ने लगीं हैं। हालांकि अंदरखाते कांग्रेसी नेताओं ने डैमेज को कंट्रोल करने का प्रयास तेज कर दिए हैं।
कांग्रेस समर्थित आठ पार्षदों ने बाहरी कालोनियों के विकास में अनदेखी बरतने का आरोप लगाया है और बीती देर रात को रेस्ट हाउस में बैठक भी की। इनमें सीनियर डिप्टी मेयर के पति सुभाष बठला और वार्ड पांच के पार्षद जयकुमार समेत बाहरी क्षेत्र के पार्षद शामिल थे। ये सब कांग्रेस समर्थित हैं और इन्होंने मेयर चुनाव में खुला समर्थन दिया था।
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कांग्रेस समर्थित आठ पार्षदों ने हाउस की पहली मीटिंग में बाहरी कालोनियों के विकास के एजेंडों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। शनिवार को आठ पार्षदों का बागी होना शहर की सरकार को हिला देने वाला साबित रहा और राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई। वहीं, मेयर भूपेंद्र सिंह की भी मुश्किलें बढ़ गईं।
ढाई माह में ही बिखरने शुरू
नगर निगम का चुनाव दो जून को हुआ था और चार जून को गिनती हुई थी। तीन जुलाई को भूपेंद्र सिंह को मेयर और दो अगस्त को कांग्रेस समर्थित काजल बठला सीनियर डिप्टी मेयर और इनेलो की सीमा पाहवा डिप्टी मेयर बनी थीं। इसके बाद सभी वार्डों का एक समान विकास कराने का दावा किया था। 26 सितंबर को हाउस की पहली मीटिंग और मेयर बनने के ढाई माह बाद ही कांग्रेस समर्थित पार्षदों में दरार आ गई।
डी प्लान से कर रहे काम
मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि डी प्लान के तहत काम हो रहे हैं। गत दिनों सौंधापुर में लाखों रुपये के विकास कार्य शुरू कराए हैं और भावना चौक पर भी काम चल रहा है। ऐसे में कांग्रेस के पार्षदों का बागी होना ठीक नहीं है। वे किसी से भेदभाव नहीं करते।
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कांग्रेस समर्थित आठ पार्षदों ने समर्थन वापस लेने की धमकी और मेयर ने भी अपने स्तर पर डटे रहने से अंदरखाते दूरियां बढ़ने लगीं हैं। हालांकि अंदरखाते कांग्रेसी नेताओं ने डैमेज को कंट्रोल करने का प्रयास तेज कर दिए हैं।
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कांग्रेस समर्थित आठ पार्षदों ने बाहरी कालोनियों के विकास में अनदेखी बरतने का आरोप लगाया है और बीती देर रात को रेस्ट हाउस में बैठक भी की। इनमें सीनियर डिप्टी मेयर के पति सुभाष बठला और वार्ड पांच के पार्षद जयकुमार समेत बाहरी क्षेत्र के पार्षद शामिल थे। ये सब कांग्रेस समर्थित हैं और इन्होंने मेयर चुनाव में खुला समर्थन दिया था।
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कांग्रेस समर्थित आठ पार्षदों ने हाउस की पहली मीटिंग में बाहरी कालोनियों के विकास के एजेंडों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। शनिवार को आठ पार्षदों का बागी होना शहर की सरकार को हिला देने वाला साबित रहा और राजनीति एक बार फिर गर्म हो गई। वहीं, मेयर भूपेंद्र सिंह की भी मुश्किलें बढ़ गईं।
ढाई माह में ही बिखरने शुरू
नगर निगम का चुनाव दो जून को हुआ था और चार जून को गिनती हुई थी। तीन जुलाई को भूपेंद्र सिंह को मेयर और दो अगस्त को कांग्रेस समर्थित काजल बठला सीनियर डिप्टी मेयर और इनेलो की सीमा पाहवा डिप्टी मेयर बनी थीं। इसके बाद सभी वार्डों का एक समान विकास कराने का दावा किया था। 26 सितंबर को हाउस की पहली मीटिंग और मेयर बनने के ढाई माह बाद ही कांग्रेस समर्थित पार्षदों में दरार आ गई।
डी प्लान से कर रहे काम
मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि डी प्लान के तहत काम हो रहे हैं। गत दिनों सौंधापुर में लाखों रुपये के विकास कार्य शुरू कराए हैं और भावना चौक पर भी काम चल रहा है। ऐसे में कांग्रेस के पार्षदों का बागी होना ठीक नहीं है। वे किसी से भेदभाव नहीं करते।