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Panipat News: टोल प्लाजा पर नियमानुसार नहीं दी जा रही छूट
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पानीपत। पानीपत टोल प्लाजा पर स्थानीय निजी और कॉमर्शियल वाहन चालकों नियमानुसार छूट नहीं दी जा रही है। टोल कंपनी को नियमानुसार स्थानीय निजी वाहनों को टोल रेट का 25 और कॉमर्शियल (टैक्सी, बस, ट्रक ) को 50 प्रतिशत ही चार्जेज देना होता है।
यह नियम टोल शुरू होते ही 2008 में लागू हो गया था। आरोप हैं कि कंपनी सबको अंधेरे में रखा। इसके बोर्ड या अन्य किसी माध्यम से लोगों को जानकारी तक नहीं दी। यह बात एनएचएआई द्वारा पानीपत सीए ब्रांच के पूर्व चेयरमैन सीए जगदीश धमीजा को आरटीआई के तहत दी सूचना में सामने आया है। सीए जगदीश धमीजा ने बताया कि पानीपत टोल अधिकारियों ने स्थानीय वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
जिसके चलते लोग अपनी कार और विशेष तौर पर कॉमर्शियल गाड़ियों पर रियायती टोल रेट का फायदा नहीं ले पाए। वहीं कुछ लोगों के रियायती दर की मंजूरी ली लेकिन इनको भी कुछ दिन बाद बंद कर दिया गया।
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फ्लाईओवर का प्रयोग न करने पर भी चार गुना टोल वसूला जाता है। सीए जगदीश धमीजा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में स्थानीय लोगों ने 15.49 लाख बार पानीपत टोल को क्रॉस किया है, जबकि पानीपत टोल प्लाजा पर मात्र 11721 गाड़ियों को ही लोकल कार के तौर पर पंजीकृत किया गया है। वर्ष 2025-26 के पहले दो महीनों में ही पंजीकृत लोकल कार की संख्या 11721 से घटकर 2889 रह गई। पानीपत टोल प्लाजा पर पंजीकृत 8832 कारों की रियायती दर खत्म कर दी गई। इनसे अब चार गुना टोल वसूला जा रहा है।
इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में 2,42,296 बार लोकल कॉमर्शियल वाहनों ने पानीपत टोल को क्रॉस किया। जबकि पानीपत टोल प्लाजा पर मात्र 1195 गाड़ियों को ही लोकल कॉमर्शियल गाड़ियों के तौर पर पंजीकृत किया है। वर्ष 2025-26 के पहले दो महीने में ही पंजीकृत लोकल कॉमर्शियल गाड़ियों की संख्या 1195 से घटकर मात्र 325 रह गई। यहां 870 कॉमर्शियल गाड़ियों की रियायती दर खत्म कर दी। उनसे अब दो गुना टोल वसूला जा रहा है।
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यह नियम टोल शुरू होते ही 2008 में लागू हो गया था। आरोप हैं कि कंपनी सबको अंधेरे में रखा। इसके बोर्ड या अन्य किसी माध्यम से लोगों को जानकारी तक नहीं दी। यह बात एनएचएआई द्वारा पानीपत सीए ब्रांच के पूर्व चेयरमैन सीए जगदीश धमीजा को आरटीआई के तहत दी सूचना में सामने आया है। सीए जगदीश धमीजा ने बताया कि पानीपत टोल अधिकारियों ने स्थानीय वाहन चालकों को जागरूक करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया।
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जिसके चलते लोग अपनी कार और विशेष तौर पर कॉमर्शियल गाड़ियों पर रियायती टोल रेट का फायदा नहीं ले पाए। वहीं कुछ लोगों के रियायती दर की मंजूरी ली लेकिन इनको भी कुछ दिन बाद बंद कर दिया गया।
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फ्लाईओवर का प्रयोग न करने पर भी चार गुना टोल वसूला जाता है। सीए जगदीश धमीजा ने बताया कि वर्ष 2024-25 में स्थानीय लोगों ने 15.49 लाख बार पानीपत टोल को क्रॉस किया है, जबकि पानीपत टोल प्लाजा पर मात्र 11721 गाड़ियों को ही लोकल कार के तौर पर पंजीकृत किया गया है। वर्ष 2025-26 के पहले दो महीनों में ही पंजीकृत लोकल कार की संख्या 11721 से घटकर 2889 रह गई। पानीपत टोल प्लाजा पर पंजीकृत 8832 कारों की रियायती दर खत्म कर दी गई। इनसे अब चार गुना टोल वसूला जा रहा है।
इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में 2,42,296 बार लोकल कॉमर्शियल वाहनों ने पानीपत टोल को क्रॉस किया। जबकि पानीपत टोल प्लाजा पर मात्र 1195 गाड़ियों को ही लोकल कॉमर्शियल गाड़ियों के तौर पर पंजीकृत किया है। वर्ष 2025-26 के पहले दो महीने में ही पंजीकृत लोकल कॉमर्शियल गाड़ियों की संख्या 1195 से घटकर मात्र 325 रह गई। यहां 870 कॉमर्शियल गाड़ियों की रियायती दर खत्म कर दी। उनसे अब दो गुना टोल वसूला जा रहा है।