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रिफाइनरी में आपदा ड्रिल का अभ्यास
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पानीपत। पानीपत रिफाइनरी में किया गया आपदा ड्रिल का अभ्यास।
- फोटो : Panipat
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मतलौडा। पानीपत रिफाइनरी के क्रूड टैंक एरिया के टैंक नंबर 301 एवं 302 में शनिवार को आकस्मिक डबल फायर परिदृश्य का ऑनसाइट आपदा ड्रिल का आयोजन किया गया। ये ड्रिल पानीपत रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्पलेक्स (पीआरपीसी) में विभिन्न विभागों की तैयारियों, कार्यसाधकता, आपातकालीन समन्वयकों की ओर से कार्य प्रणाली के उचित आंकलन करने के लिए आयोजित की गई।
योजना के अनुसार, शनिवार को दोपहर 2:30 बजे ड्रिल को सक्रिय किया गया। स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हुए दोपहर तीन बजे आपदा घोषित की गई। इसके बाद उससे होने वाले खतरों से बचने का गंभीरतापूर्वक अभ्यास किया गया। आपातकालीन कॉल आते ही तुरंत पानीपत रिफाइनरी के मेन फायर स्टेशन एवं सेटेलाइट फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां साइट पर पहुंची। टैंक फार्म एरिया में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए एवं आस पास फैलने से रोकने तथा टैंक को ठंडा रखने के लिए वॉटर कर्टेन वॉटर स्प्रे सिस्टम एचवीएलआरएम का इस्तेमाल किया गया। आग बुझाने के लिए फोम का प्रयोग किया गया। इस आपदा ड्रिल के दौरान सभी आपातकालीन समन्वयकों ने अपनी भूमिका निभाते हुए आपदा प्रबंधन मे सहयोग दिया।
कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख गोपाल चंद्र सिकदर को इसकी सूचना दी गई, जो तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन किया और उचित दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद लगभग एक घंटे के प्रयासों के बाद शाम चार बजे स्थिति पर पूरी तरह सफलतापूर्वक नियंत्रण कर स्थिति के सामान्य होने की घोषणा की गई।
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इस अभ्यास के दौरान किसी भी जान माल एवं संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ । इसके मद्देनजर आपसी सहायता साझेदार जैसे थर्मल पावर स्टेशन, एनएफएल को भी अलर्ट पर रखा गया। ड्रिल अभ्यास के बाद एक डिब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। जहां आपातकालीन तैयारी योजना में और सुधार के लिए आपातकालीन समन्वयकों की दी गई रिपोर्ट की समीक्षा की गई।
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योजना के अनुसार, शनिवार को दोपहर 2:30 बजे ड्रिल को सक्रिय किया गया। स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हुए दोपहर तीन बजे आपदा घोषित की गई। इसके बाद उससे होने वाले खतरों से बचने का गंभीरतापूर्वक अभ्यास किया गया। आपातकालीन कॉल आते ही तुरंत पानीपत रिफाइनरी के मेन फायर स्टेशन एवं सेटेलाइट फायर स्टेशन से दमकल गाड़ियां साइट पर पहुंची। टैंक फार्म एरिया में लगी आग को नियंत्रित करने के लिए एवं आस पास फैलने से रोकने तथा टैंक को ठंडा रखने के लिए वॉटर कर्टेन वॉटर स्प्रे सिस्टम एचवीएलआरएम का इस्तेमाल किया गया। आग बुझाने के लिए फोम का प्रयोग किया गया। इस आपदा ड्रिल के दौरान सभी आपातकालीन समन्वयकों ने अपनी भूमिका निभाते हुए आपदा प्रबंधन मे सहयोग दिया।
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कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख गोपाल चंद्र सिकदर को इसकी सूचना दी गई, जो तुरंत घटना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति का आकलन किया और उचित दिशा-निर्देश दिए। इसके बाद लगभग एक घंटे के प्रयासों के बाद शाम चार बजे स्थिति पर पूरी तरह सफलतापूर्वक नियंत्रण कर स्थिति के सामान्य होने की घोषणा की गई।
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इस अभ्यास के दौरान किसी भी जान माल एवं संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ । इसके मद्देनजर आपसी सहायता साझेदार जैसे थर्मल पावर स्टेशन, एनएफएल को भी अलर्ट पर रखा गया। ड्रिल अभ्यास के बाद एक डिब्रीफिंग सत्र आयोजित किया गया। जहां आपातकालीन तैयारी योजना में और सुधार के लिए आपातकालीन समन्वयकों की दी गई रिपोर्ट की समीक्षा की गई।