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Panipat News: शीतला माता के दर्शनों को उमड़े श्रद्धालु, गुड़ से बने पकवानों का लगाया भोग
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पानीपत। शीतला सप्तमी पर सोमवार को मंदिरों में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। महिलाएं ने अपने घरों में तैयार पकवानों का माता को भोग लगाया और बच्चों में सुख समृद्धि की प्रार्थना की। इस दिन देवी शीतला को ठंडे व बासी भोजन का भोग लगाया जाता है। जिले में करीब तीन सौ स्थानों पर माता का पूजन किया गया।
शीतला सप्तमी रविवार शाम को शुरू हुई थी। सूर्य उदय तिथि को सप्तमी का पूजन माना गया। ऐसे में महिलाएं और बच्चे सोमवार अल सुबह ही शीतला माता के मंदिर में पहुंचे। गोहाना मोड़ सहित जिले में अन्य मंदिरों और प्रतिष्ठानों पर माता का पूजन किया गया। गोहाना मोड़ स्थित शीतला माता के मंदिर में शहर के दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। ऐसे में मंदिर के बाहर गली पूरी भर गई। यहां मंदिर में माता को भोग लगाने का सिलसिला सुबह करीब नौ बजे तक चलता रहा। इसके बाद ही लोगों ने अपने परिवार के साथ भोजन किया।
पाथरी के शीतला माता मंदिर में हर बुधवार को पूजा
जिला के पाथरी गांव स्थित शीतला माता मंदिर में चैत्र मास के हर बुधवार को पूजा की जाती है। यहां श्रद्धालु मंगलवार शाम को ही पहुंचना शुरू हो जाते हैं और रात को 12 बजते ही माता के दर्शन शुरू हो जाते हैं। बुधवार को पूरा दिन माता के दर्शन होते हैं। मंदिर कमेटी द्वारा पार्किंग और दर्शनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां प्रदेश समेत पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी श्रद्धालु आते हैं। माता के भोग में आटा और गुड़ से बने पकवान लेकर आते हैं।
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मंदिर में दर्शनों के लिए की व्यवस्था
मंदिर कमेटी ने माता के दर्शनों के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। यहां मंदिर परिसर में ग्रिल लगाई गई हैं। भक्त एक बार प्रवेश कर दर्शन करने के बाद ही बाहर निकल पाएगा। मंदिर परिसर से कुछ दूरी पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस व प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। ग्रामीण बिजेंद्र मलिक ने बताया कि बैरीकेडिंग करने के साथ पेयजल को लेकर प्रबंध किए गए हैं। गांव के स्वयंसेवकों की भी ड्यूटी लगाई गई है।
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शीतला सप्तमी रविवार शाम को शुरू हुई थी। सूर्य उदय तिथि को सप्तमी का पूजन माना गया। ऐसे में महिलाएं और बच्चे सोमवार अल सुबह ही शीतला माता के मंदिर में पहुंचे। गोहाना मोड़ सहित जिले में अन्य मंदिरों और प्रतिष्ठानों पर माता का पूजन किया गया। गोहाना मोड़ स्थित शीतला माता के मंदिर में शहर के दूर-दूर से श्रद्धालु पहुंचे। ऐसे में मंदिर के बाहर गली पूरी भर गई। यहां मंदिर में माता को भोग लगाने का सिलसिला सुबह करीब नौ बजे तक चलता रहा। इसके बाद ही लोगों ने अपने परिवार के साथ भोजन किया।
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पाथरी के शीतला माता मंदिर में हर बुधवार को पूजा
जिला के पाथरी गांव स्थित शीतला माता मंदिर में चैत्र मास के हर बुधवार को पूजा की जाती है। यहां श्रद्धालु मंगलवार शाम को ही पहुंचना शुरू हो जाते हैं और रात को 12 बजते ही माता के दर्शन शुरू हो जाते हैं। बुधवार को पूरा दिन माता के दर्शन होते हैं। मंदिर कमेटी द्वारा पार्किंग और दर्शनों के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं। यहां प्रदेश समेत पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली से भी श्रद्धालु आते हैं। माता के भोग में आटा और गुड़ से बने पकवान लेकर आते हैं।
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मंदिर में दर्शनों के लिए की व्यवस्था
मंदिर कमेटी ने माता के दर्शनों के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। यहां मंदिर परिसर में ग्रिल लगाई गई हैं। भक्त एक बार प्रवेश कर दर्शन करने के बाद ही बाहर निकल पाएगा। मंदिर परिसर से कुछ दूरी पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। पुलिस व प्रशासन ने भी सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध कर लिए हैं। ग्रामीण बिजेंद्र मलिक ने बताया कि बैरीकेडिंग करने के साथ पेयजल को लेकर प्रबंध किए गए हैं। गांव के स्वयंसेवकों की भी ड्यूटी लगाई गई है।