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Panipat News: यूपी की तरफ यमुना में रेत खनन से हरियाणा में फिर मंडराया बाढ़ का खतरा

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 30 May 2024 05:47 AM IST
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Danger of flood again looms in Haryana due to sand mining in Yamuna towards UP
सनौली। यूपी की तरफ यमुना में रेत खनन से हरियाणा के किसानों ने एक बार फिर से आने वाले मानसून में बाढ़ का खतरा सताने लगा है। गांव नवादा पार व पत्थरगढ़ के बीच पिछले वर्ष 11 जुलाई को यमुना का तटबंध टूटने से आई बाढ़ का दंश आसपास के एक दर्जन से ज्यादा गांव के ग्रामीण व किसान अभी तक नहीं भूले हैं। बाढ़ के चलते विभिन्न गांवों के किसानों की हजारों एकड़ फसल बर्बाद हो गई थी। जिससे सड़कें व रास्ते टूटने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा था। जल्द ही मानसून सीजन शुरू होने वाला है और यमुना तलहटी के गांवों के ग्रामीण तटबंध टूटने का कारण यूपी की तरफ दो जगहों मंडवार व नंगला राई गांव में चल रही रेत की खान को मान रहे हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि यूपी सरकार की परमिशन ने ठेकेदार यमुना में रेत का खनन करते हैं, लेकिन ठेकेदार अवैध रूप से यमुना में बहुत ज्यादा गहराई तक रेत का खनन करते हैं। जिससे यमुना में कुंड बनने से पानी का बहाव हरियाणा की तरफ हो जाता है। इसलिए ही यमुना का तटबंध हरियाणा की तरफ से टूट जाता है। यमुना के आसपास के गांव के ग्रामीणों का कहना है कि 2013 में भी यमुना का तटबंध टूटने से तलहटी के गांवों के ग्रामीणों को भारी परेशानी हुई थी। ग्रामीणों का कहना है कि इस बार भी यूपी की तरफ गांव मंडावर व नंगला राई में यूपी सरकार की मंजूरी से खनन चल रहा है और ग्रामीणों को आशंका है कि 2024 में भी बारिश के मौसम में कही यमुना का तटबंध न टूट जाए।
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सलीम अहमद सरपंच पत्थरगढ, जोगिंद्र सरपंच नवादा आर, मोहसिन सरपंच जलालपुर द्वितीय, संजय त्यागी सरपंच सनौली खुर्द, गोविंद शर्मा सरपंच प्रतिनिधि तामशाबाद, प्रदीप कश्यप रामड़ा आर व राजदीप रावल सरपंच रिशपुर, जानी रावल ब्लाॅक समिति चेयरमैन बापौली आदि ने सरकार व पानीपत जिला प्रशासन से इस बार यमुना में पहले से बाढ़ बचाव को लेकर प्रबंध करने की मांग की है। सरपंचों का कहना है कि सिंचाई विभाग के एक्सईएन व एसडीओ को पहले से ही यमुना के तटबंध का निरीक्षण कर लिया जाए और जहां पर जरूरत है, वहां पर पत्थरों की ठोकरें लगाई जाएं ताकि यमुना में ज्यादा पानी आने पर तटबंध को न तोड़ सके। यमुना तलहटी के गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि यूपी की तरफ ज्यादा गहराई तक किया जाना वाला रेत का खनन ही तटबंध टूटने का कारण होता है। पिछले वर्ष भी पानीपत के गांव तामशाबाद के सामने यूपी की तरफ रेत की खान चल रही थी और यूपी के ठेकेदार ने साथ लगते पानीपत के किसानों की जमीन से भी रेत का खनन कर लिया गया था। पानीपत के किसानों की मांग पर जमीन की निशानदेही करवाई गई तो एसडीएम समालखा के रिपोर्ट पर माइनिंग अधिकारी की शिकायत पर पानीपत के सनौली खुर्द पुलिस थाना में यूपी के ठेकेदार के खिलाफ केस दर्ज किया गया पर उसमें आगे कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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