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फर्जी आरसी बनवाकर पानीपत के डीलर को ठगों ने बेची क्रेटा कार, 10.10 लाख रुपये ठगे
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फर्जी आरसी बनवाकर पानीपत के कार सेल परचेज करने वाले डीलर को तीन ठगों ने मिलकर क्रेटा कार बेच दी और बदले में 10.10 लाख रुपये ऐंठ लिए। डीलर एजेंसी में सर्विस कराने पहुंचा तो पता चला कि आरसी पर कोई क्रेटा कार रजिस्टर्ड नहीं है। पीड़ित ने आरोपियों को कॉल कर रुपये वापस मांगे तो वे टाल मटोल करते रहे। अंत में पीड़ित ने सेक्टर 13-17 थाना पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
गांव गढ़ी बेसक निवासी कुर्बान ने बताया कि उसका सेक्टर 13-17 में कार सेल परचेज का ऑफिस है। गत एक माह पहले करनाल निवासी उसका दोस्त राजेश गोयल आया। जिसके साथ करनाल के ही गांव सौकंड निवासी ललित और विनय आए। ललित और विनय ने कहा कि उनके पास एक सफेद रंग की क्रेटा कार है, जो बिकने के लिए उनके पास आई है। उन्होंने खरीदने का ऑफर दिया तो उसने 10.10 लाख रुपये में कार खरीद ली। विनय ने शपथ पत्र दिया। जिस पर ललित ने बतौर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए और गाड़ी की आरसी और कागजात दे दिए। कार लेने के बाद वह कार की सर्विस कराने के लिए एजेंसी में गया तो पता चला कि कार का ह्युंडई कंपनी में कोई रिकार्ड नहीं है। उसने ललित को फोन कर उपरोक्त धोखाधड़ी के बारे में सूचना दी तो उसने जल्द रुपये लौटाने की बात कही। पीड़ित ने कहा कि आरोपी फर्जी आरसी बनवाकर गाड़ी बेचने का धंधा करते हैं, लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे रुपये ऐंठते हैं।
मालिक के बारे में पूछा तो बोले- जरूरी काम से बाहर गए हैं
पीड़ित ने बताया कि उसने गाड़ी के असल मालिक के बारे में पूछा तो आरोपियों ने कहा कि वह किसी काम से बाहर गए हैं। उन्होंने झांसा दिया कि वह उसे सेलर अंडरटेकिंग लेटर दे देते हैं। वहीं कार से संबंधित दस्तावेज भी दे देते हैं। इसके बावजूद भी कोई दिक्कत आती है तो वह जिम्मेदार हैं।
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रुपये वापस मांगने पर एक दूसरे पर टालते रहे
पीड़ित ने बताया कि उसने रुपये बारे ललित को फोन किया तो उसने कहा कि कार मालिक, विकास निवासी बासा, वरुण शर्मा, सुभाष आदि विकास के दोस्त हैं। 10 लाख रुपये भी वरुण शर्मा और सुभाष ले गए हैं। उनके मिलते ही वह रुपये वापस दिलवा देगा। उसने अपने लेवल पर जांच की तो पता चला कि वरुण धोखाधड़ी से लोगों से फर्जी आरसी दिखाकर गाड़ी बेचने के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठता है।
पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीआईए-1 को सौंपी गई है। सीआईए मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।
-सुनीता, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी
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गांव गढ़ी बेसक निवासी कुर्बान ने बताया कि उसका सेक्टर 13-17 में कार सेल परचेज का ऑफिस है। गत एक माह पहले करनाल निवासी उसका दोस्त राजेश गोयल आया। जिसके साथ करनाल के ही गांव सौकंड निवासी ललित और विनय आए। ललित और विनय ने कहा कि उनके पास एक सफेद रंग की क्रेटा कार है, जो बिकने के लिए उनके पास आई है। उन्होंने खरीदने का ऑफर दिया तो उसने 10.10 लाख रुपये में कार खरीद ली। विनय ने शपथ पत्र दिया। जिस पर ललित ने बतौर गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए और गाड़ी की आरसी और कागजात दे दिए। कार लेने के बाद वह कार की सर्विस कराने के लिए एजेंसी में गया तो पता चला कि कार का ह्युंडई कंपनी में कोई रिकार्ड नहीं है। उसने ललित को फोन कर उपरोक्त धोखाधड़ी के बारे में सूचना दी तो उसने जल्द रुपये लौटाने की बात कही। पीड़ित ने कहा कि आरोपी फर्जी आरसी बनवाकर गाड़ी बेचने का धंधा करते हैं, लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे रुपये ऐंठते हैं।
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मालिक के बारे में पूछा तो बोले- जरूरी काम से बाहर गए हैं
पीड़ित ने बताया कि उसने गाड़ी के असल मालिक के बारे में पूछा तो आरोपियों ने कहा कि वह किसी काम से बाहर गए हैं। उन्होंने झांसा दिया कि वह उसे सेलर अंडरटेकिंग लेटर दे देते हैं। वहीं कार से संबंधित दस्तावेज भी दे देते हैं। इसके बावजूद भी कोई दिक्कत आती है तो वह जिम्मेदार हैं।
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रुपये वापस मांगने पर एक दूसरे पर टालते रहे
पीड़ित ने बताया कि उसने रुपये बारे ललित को फोन किया तो उसने कहा कि कार मालिक, विकास निवासी बासा, वरुण शर्मा, सुभाष आदि विकास के दोस्त हैं। 10 लाख रुपये भी वरुण शर्मा और सुभाष ले गए हैं। उनके मिलते ही वह रुपये वापस दिलवा देगा। उसने अपने लेवल पर जांच की तो पता चला कि वरुण धोखाधड़ी से लोगों से फर्जी आरसी दिखाकर गाड़ी बेचने के नाम पर लोगों से रुपये ऐंठता है।
पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच सीआईए-1 को सौंपी गई है। सीआईए मामले की गहनता से जांच में जुटी हुई है।
-सुनीता, सेक्टर 13-17 थाना प्रभारी