{"_id":"60ca3ae98ebc3e335b68ea9f","slug":"d-panipat-news-knl733889189","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए एक महीने में तैयार होगा आईसीयू वार्ड","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए एक महीने में तैयार होगा आईसीयू वार्ड
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कोरोना वायरस की पहली लहर ने बुजुर्गों और दूसरी लहर ने युवाओं को अपनी जद में लिया। अब तीसरी लहर बच्चों पर भरी पड़ने की आशंका जताई जा रही है। पहली और विशेष तौर पर दूसरी लहर से सीख लेते हुए तीसरी लहर से बच्चों को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में जुट गया है। सिविल अस्पताल अगले एक महीने में बच्चों के लिए इंटेंसिव केयर यूनिट (आईसीयू) तैयार करेगा। हालांकि अभी यह तय नहीं है कि बच्चों का आईसीयू कितने बेड का होगा। सिविल अस्पताल में बच्चों के लिए विशेष आईसीयू वार्ड के साथ 25 बेड का एक वार्ड भी बनाया जाएगा। सभी सीएचसी में 25-25 बेड के वार्ड बनाए जाएंगे। साथ ही सिविल अस्पताल में 15 वेंटिलेटर को इंस्टाल करने का काम चल रहा है। 14 वेंटिलेटर इंस्टाल किए जा चुके हैं, शेष एक वेंटिलेटर भी जल्द ही इंस्टाल कर लिया जाएगा। इन 15 वेंटिलेटर को मिलाकर अब कुल 29 वेंटिलेटर हो गए हैं। इतना ही नहीं सिविल अस्पताल की ओर से और वेंटिलेटर की डिमांड मुख्यालय भेजी गई है। संभावना जताई जा रही है कि वेंटिलेटर की संख्या 40 के ऊपर जा सकती है। सिविल अस्पताल व सभी बाल रोग विशेषज्ञ बच्चों को कोरोना से बचाने के लिए आवश्यक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही उपकरणों की डिमांड पीएमओ को भेज चुके हैं।
छह डॉक्टरों समेत 12 सदस्यीय कमेटी का गठन
बच्चों पर भारी मानी जा रही तीसरी लहर से निपटने के लिए छह डॉक्टरों समेत 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी का इंचार्ज एमएस डॉ. आलोक जैन को बनाया गया है। इन पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराने की ओवरऑल जिम्मेदारी रहेगी। डिप्टी एमएस इनका साथ देंगे। बाल रोग विशेषज्ञ कोरोना से लड़ने के लिए आवश्यक उपकरणों की लिस्ट तैयार करेंगे, जिससे समय रहते इन्हें उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ को कमेटी में शामिल किया गया है।
वर्तमान हालात : दो बाल रोग विशेषज्ञों पर दो लाख बच्चों के इलाज का जिम्मा
मात्र सिविल अस्पताल में ही एसएनसीयू वार्ड हैं। किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। जिले की 7 सीएचसी में मात्र 13 सामान्य डॉक्टर हैं। जिले में 12 साल से कम आयु के बच्चों की संख्या लगभग दो लाख है। इन बच्चों के स्वास्थ्य का जिम्मा महज दो डॉक्टरों पर है।
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शिक्षा विभाग तैयार कर रहा 18 वर्ष की आयु से कम बच्चों और किशोरों का डेटा
शिक्षा विभाग को जिले भर के 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अध्यापक गांव-गांव जाकर सर्वे कर रहे हैं। बच्चों और किशोरों का डेटा तैयार किया जा रहा है। एक सप्ताह में ये डेटा उपायुक्त को दिया जाएगा।
एसएनसीयू वार्ड में महज 13 इंक्यूबेटर
सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में महज 13 इंक्यूबेटर यानि बच्चों के लिए बेड हैं। अगर इससे अधिक संख्या में बच्चे दाखिल होते हैं तो एक इंक्यूबेटर पर दो दो बच्चों को दाखिल करना पड़ता है। ऐसे में एक बच्चे से दूसरे बच्चे को संक्रमण का खतरा रहता है।
सिविल अस्पताल में बनेगा आईसीयू वार्ड : डॉ. ग्रोवर
सिविल अस्पताल व सभी सीएचसी में 25-25 बेड के वार्ड बनाए जाएंगे। सिविल अस्पताल में आईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। जरूरी सामान की डिमांड भेजी जा रही है। तीसरी लहर से निपटने के लिए विभाग की तैयारियां पुख्ता हैं। कोविड अस्पताल में फिलहाल मरीज दाखिल नहीं किए जा रहे हैं।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन
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छह डॉक्टरों समेत 12 सदस्यीय कमेटी का गठन
बच्चों पर भारी मानी जा रही तीसरी लहर से निपटने के लिए छह डॉक्टरों समेत 12 सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया है। इस कमेटी का इंचार्ज एमएस डॉ. आलोक जैन को बनाया गया है। इन पर इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार कराने की ओवरऑल जिम्मेदारी रहेगी। डिप्टी एमएस इनका साथ देंगे। बाल रोग विशेषज्ञ कोरोना से लड़ने के लिए आवश्यक उपकरणों की लिस्ट तैयार करेंगे, जिससे समय रहते इन्हें उपलब्ध कराया जा सके। साथ ही पैरामेडिकल स्टाफ को कमेटी में शामिल किया गया है।
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वर्तमान हालात : दो बाल रोग विशेषज्ञों पर दो लाख बच्चों के इलाज का जिम्मा
मात्र सिविल अस्पताल में ही एसएनसीयू वार्ड हैं। किसी भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र या प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। जिले की 7 सीएचसी में मात्र 13 सामान्य डॉक्टर हैं। जिले में 12 साल से कम आयु के बच्चों की संख्या लगभग दो लाख है। इन बच्चों के स्वास्थ्य का जिम्मा महज दो डॉक्टरों पर है।
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शिक्षा विभाग तैयार कर रहा 18 वर्ष की आयु से कम बच्चों और किशोरों का डेटा
शिक्षा विभाग को जिले भर के 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों और किशोरों का डेटा तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। अध्यापक गांव-गांव जाकर सर्वे कर रहे हैं। बच्चों और किशोरों का डेटा तैयार किया जा रहा है। एक सप्ताह में ये डेटा उपायुक्त को दिया जाएगा।
एसएनसीयू वार्ड में महज 13 इंक्यूबेटर
सिविल अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में महज 13 इंक्यूबेटर यानि बच्चों के लिए बेड हैं। अगर इससे अधिक संख्या में बच्चे दाखिल होते हैं तो एक इंक्यूबेटर पर दो दो बच्चों को दाखिल करना पड़ता है। ऐसे में एक बच्चे से दूसरे बच्चे को संक्रमण का खतरा रहता है।
सिविल अस्पताल में बनेगा आईसीयू वार्ड : डॉ. ग्रोवर
सिविल अस्पताल व सभी सीएचसी में 25-25 बेड के वार्ड बनाए जाएंगे। सिविल अस्पताल में आईसीयू वार्ड बनाया जा रहा है। जरूरी सामान की डिमांड भेजी जा रही है। तीसरी लहर से निपटने के लिए विभाग की तैयारियां पुख्ता हैं। कोविड अस्पताल में फिलहाल मरीज दाखिल नहीं किए जा रहे हैं।
-डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन