फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   d

लंबित करों की वसूली नहीं कर सका निगम तो विज ने की आयुक्त को सस्पेंड करने की सिफारिश

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 22 Oct 2020 12:36 AM IST
विज्ञापन
d
नगर निगम की आय में इस वित्तीय वर्ष करीब 130 करोड़ रुपये का सभी मदों से रिकवर किया जाना तय किया गया था, लेकिन कोरोना काल के चलते रिकवरी कम हो पाई। निगम सिर्फ नौ करोड़ रुपये की ही रिकवरी करने में सफल हो पाया है। इसी कारण हरियाणा के शहरी स्थानीय निकाय मंत्री अनिल विज ने पानीपत नगर निगम के आयुक्त को निलंबित करने की सिफारिश की है। विज ने मुख्य सचिव को आधिकारिक पत्र लिखकर कर वसूली की बीते और वर्तमान वर्ष की तुलनात्मक रिपोर्ट भेजी है। विज ने तर्क दिया है कि नगर निगम आयुक्त सरकार का पैसा खजाने में पहुंचाने में पूरी तरह फेल रहे। उन्होंने लिखा है कि बीते वर्ष की तुलना इस बार के आंकड़े निराशाजनक हैं।
विज्ञापन

वहीं निगम आयुक्त सुशील कुमार बताते हैं कि आय के प्रमुख स्त्रोत प्रॉपर्टी टैक्स के बड़े बकायादारों से रिकवरी के लिए उन्होंने करीब 52 लोगों को नोटिस भी भेजे हैं। सभी बकायादारों पर एक लाख रुपये से ज्यादा टैक्स बनता है, जिसका कुल करोड़ों में होता है। आयुक्त ने बताया कि इस सप्ताह से ही निगम बड़े बकाएदारों की इमारतों पर सीलिंग कार्रवाई शुरू करने जा रहा है। इसके लिए प्लान बनाया जा रहा है।
विज्ञापन

विधायक प्रमोद विज भी उठा चुके हैं मुद्दा
हाल में हुई निगम सदन की बैठक में इस मुद्दे को शहरी विधायक प्रमोद विज ने भी उठाया था। उन्होंने भी निगम की आय के संबंध में निगम अधिकारियों को आगाह किया था कि उन्हें अपनी आय के साधन बढ़ाने चाहिए। हर बार राज्य सरकार ग्रांट भेजकर उन्हें पैसा नहीं देगी। इससे विकास के कार्य भी रुक जाएंगे। इस हिसाब से माना जा रहा है कि शहरी विधायक की रिपोर्ट पर ही विज ने आयुक्त को निलंबित करवाने की मुख्य सचिव हरियाणा को सिफारिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed