फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   CS not even mentioned in CM flying complaint and PWD investigation

Panipat News: सीएम फ्लाइंग की शिकायत और पीडब्ल्यूडी की जांच में सीएस का जिक्र तक नहीं

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 25 Apr 2024 07:24 AM IST
विज्ञापन
CS not even mentioned in CM flying complaint and PWD investigation
पानीपत। वार्ड नंबर आठ में नाला निर्माण घोटाले की सीएम फ्लाइंग द्वारा निगम के तीन अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ दर्ज करवाई गई एफआईआर के बाद इस मामले में एक नया मोड़ सामने आया है। इस नाले के बकाया काम को निवर्तमान पार्षद की सिफारिश पर निगम अधिकारियों ने दूसरी जगह शिफ्ट कराया था। निगम के सक्षम अधिकारियों ने इसके लिए चेंज ऑफ साइट (सीएस)की अनुमति तक दी थी। बकाया काम को दूसरे नाले में शिफ्ट करवाकर बनवा दिया गया, लेकिन सीएम फ्लाइंग की शिकायत और पीडब्ल्यूडी की जांच रिपोर्ट में चेंज ऑफ साइट का नाम या जिक्र तक नहीं किया गया। अब अधिकारी और ठेकेदार सीएम फ्लाइंग करनाल, निगम आयुक्त और सरकार को पत्राचार कर मामले की दोबारा जांच करवाने की मांग कर रहे हैं।
विज्ञापन

निगम अधिकारियों, ठेकेदार ने बताया कि वार्ड नंबर आठ में शिव चौक से वाल्मीकि धर्मशाला तक आरसीसी का नाला बनाने का काम निगम ने 14 सितंबर 2021 को द अमृत कोऑपरेटिव सोसायटी को दिया था। ठेकेदार ने यहां नाले का निर्माण शुरू कर दिया। आगे गली तंग होने की वजह से लोगों ने नाला बनाने का विरोध किया। करीब दो माह बाद 15 नवंबर 2021 को तत्कालीन पार्षद चंचल सहगल की ओर से निगम अधिकारियों से आग्रह किया गया कि वाल्मीकि धर्मशाला से कोचर स्वीट्स तक सड़क की चौड़ाई कम है। यहां नाले का निर्माण नहीं किया जा सकता। उन्होंने निगम से आग्रह किया कि जनहित में देखते हुए इस बकाया काम को दूसरी जगह महावीर मंदिर से वीर भवन चुंगी व पेट्रोल पंप तक व अन्य जगह नाले के निर्माण कराया जाए। जिस पर निगम अधिकारियों ने चेंज ऑफ साइट वर्क की सक्षम अधिकारियों से मंजूरी लेकर बकाया काम को दूसरे नाले के निर्माण कार्य में तब्दील करा दिया। निवर्तमान पार्षद ने 30 अप्रैल को निगम को इस काम के होने की रिपोर्ट भी लिखी।
विज्ञापन

पीडब्ल्यूडी व सीएम फ्लाइंग की जांच में इस बकाया काम के बदलाव को शामिल न करने पर तर्क दिया कि जिस समय जांच चल रही थी उस समय जेई मनोज कुमार की माता का देहांत हो गया था। पूरा रिकार्ड उनके पास था और वे गांव चले गए थे। गांव से आने के बाद रिकॉर्ड सौंपा गया। बावजूद केवल अधूरे नाले के निर्माण को दर्शाया गया है। जिससे ये घोटाला नजर आता है जबकि असल में चेंज ऑफ वर्क के अनुसार इसमें घोटाला नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


बॉक्स
पीडब्ल्यूडी की जांच रिपोर्ट
सीएम फ्लाइंग ने इस नाले के निर्माण कार्य की भौतिक जांच लोक निर्माण विभाग के उपमंडल अभियंता प्रवीण छिक्कारा और कनिष्ठ अभियंता तरुण कुमार ने निगम की मापक पुस्तिका के अनुसार कराई। जिसमें 1284.7 मीटर लंबाई निर्माण के काम का एस्टिमेट स्वीकृत मिला। जिसमें से 372 मीटर का ही निर्माण किया गया। ठेका कंपनी को 1290 मीटर कार्य निर्माण की झूठी मापक पुस्तिका तैयार कर राशि की अदायगी की गई। इससे 918 मीटर के अधिक क्षेत्र के फर्जी बिल बनाकर करीब 45 लाख रुपये अदा कर सरकारी राशि का गबन किया गया।

वर्जन:
जो काम किया वह नहीं दर्शाया- ठेकेदार
एफआईआर में लगे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। वाल्मीकि धर्मशाला तक नाला बनाया था। इससे आगे गली की चौड़ाई कम थी। पार्षद की सिफारिश पर निगम ने साइट बदलकर दूसरी जगह नाला बनाने के निर्देश दिए। निर्देशानुसार दूसरी जगह नाला बना दिया है। सभी तथ्य हमारे पास हैं। इसकी दोबारा से जांच की मांग की गई है।
दिलावर मलिक, ठेकेदार।

वर्जन:
विरोध भी हुआ और काम भी : निवर्तमान पार्षद
पहले एक साइड नाला बनना था। आगे सड़क तंग थी, लोगों ने विरोध किया। इसके बाद दोनों साइड यहां नाला बनवाया। बचा हुआ काम महावीर मंदिर से वीर भवन चुंगी व पेट्रोल पंप तक व अन्य जगह कराया। साइट चेंज के लिए भी आग्रह किया था। निगम अधिकारियों से कहा था कि जितना काम हुआ है उसी के अनुसार भुगतान किया जाए।
विजय सहगल, निवर्तमान पार्षद पति, वार्ड आठ।


वर्जन:
दूसरे काम के नहीं दिखाए सबूत : जांच अधिकारी
जो मौके पर पैमाइश मिली उसकी के अनुरूप रिपोर्ट दी गई है। हमने निगम अधिकारियों से कहा था कि अगर कोई ऐसा सबूत हो तो उसे दिखाएं, निगम में जमा करवाएं या सीएम फ्लाइंग को दें लेकिन ऐसा कोई सबूत नहीं मिला। इसलिए मौका रिपोर्ट के आधार पर जो भी नियमानुसार कार्रवाई बनी वह की गई।

प्रवीण छिक्कारा, एसडीओ, पीडब्ल्यूडी।


वर्जन:
आरोप निराधार, दोबारा हो जांच: एक्सईएन
आरोप निराधार हैं। नाले की साइट चेंज की परमिशन सक्षम अधिकारी से मिली थी। उसी के अनुरूप काम करवाया है। इसमें कोई घोटाला नहीं है। सरकार से इसकी दोबारा से जांच कराने की मांग की जा रही है।
नवीन कुमार, तत्कालीन एक्सईएन, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed