{"_id":"64ba9001b5db2f6cbf0b934a","slug":"two-convicted-of-three-murders-sentenced-to-life-imprisonment-in-panipat-of-haryana-2023-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब जीवन सलाखों के पीछे: तीन दिन में की थी तीन हत्याएं, रोहतक के लकड़ी कारोबारी के बेटे समेत दो को उम्रकैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम","slug":"crime"}}
अब जीवन सलाखों के पीछे: तीन दिन में की थी तीन हत्याएं, रोहतक के लकड़ी कारोबारी के बेटे समेत दो को उम्रकैद
Fri, 21 Jul 2023 07:32 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, पानीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Fri, 21 Jul 2023 07:32 PM IST
सार
दोषियों ने 26 से 28 सितंबर की रात में तीन हत्या की थी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में सुनवाई चल रही थी। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। कोई चश्मदीद गवाह न होने पर घटनास्थल से बरामद मिट्टी और आधा गमछा और बनियान अहम सबूत रहे।
विज्ञापन
jail, jail demo
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हरियाणा के पानीपत में जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुदेश कुमार शर्मा की अदालत ने सनौली रोड पर कामगार हरनारायण हत्याकांड में रोहतक के लकड़ी कारोबारी के बेटे समेत दो को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। दोनों ने 26 से 28 सितंबर को एक के बाद एक तीन हत्याओं को अंजाम दिया था। इनमें दो हत्या एक ही दिन में अंजाम दी थी। कोर्ट ने हरनारायण हत्याकांड में यह सजा सुनाई है। दोषियों पर 25-25 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर एक-एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी।
विज्ञापन
जिला न्यायवादी राजेश कुमार चौधरी ने बताया कि किला थाना पुलिस ने 29 सितंबर 2020 को काशीगिरी मंदिर के पास सनौली रोड शिव चौक स्थित राज कॉलोनी निवासी हरनारायण का शव बरामद किया था। उसके सिर से खून निकल रहा था और उसके गले में गमछा बंधा था। पुलिस को पोस्टमार्टम में पता चला कि हरनारायण की सिर में चोट मार व गला घोंटकर हत्या की गई है।
विज्ञापन
पुलिस ने इसमें हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया था। एसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए-1 और 3 की संयुक्त टीम गठित की थी। सीआइए-1 ने एक अक्तूबर को रोहतक के कलावड़ जिला निवासी आशीष और समालखा के आजाद नगर निवासी सोनू को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पुलिस रिमांड में बताया कि वे दोनों 28 सितंबर को सनौली रोड पर खड़े थे।
विज्ञापन
इस बीच हरनारायण और राजेंद्र आ गए। उनके साथ शराब खरीदने को लेकर झगड़ा हो गया। उन्होंने हरनारायण के साथ मारपीट की और आधा गमछा फाड़कर उसकी गले में लपेटकर हत्या कर दी। राजेंद्र वहां से भाग गया। वह उनको सनौली रोड पर बैंक ऑफ बडौदा के पास मिला।
राजेंद्र की भी पीट-पीटकर व गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी। उन्होंने 26 सितंबर की रात को जीटी रोड पर गोशाला के पीछे दयाल कॉलोनी में एक व्यक्ति की मारपीट कर गला घोंटकर हत्या कर दी थी। वह भी उनके पास बैठकर शराब पीता था।
पुलिस ने सबूत जुटाए, ये सजा में मजबूत रहे
तीनों हत्याओं में कोई चश्मदीद गवाह नहीं था। जांच अधिकारी एसआई जयबीर ने हरनारायण के शव के पास खून से सनी मिट्टी बरामद की थी। इसके अलावा आरोपी आशीष से आधा गमछा, खून से सना बनियान व पायजामी बरामद की थी। जिनको लैब में भेजा गया था। जहां पर दोनों के खून सैंपल मैच हुए थे। एफएसएल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ये सबूत आरोपियों को दोषी करार देने में सिद्ध हुए।
लकड़ी कारोबारी का बेटा है आशीष
रोहतक के आशीष के पिता का लकड़ी का कारोबार है। आशीष नशे का आदी था और उसकी लत से परेशान होकर उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी। परिजनों ने उसे दो बार नशा केंद्र में भर्ती कराया था, लेकिन वह 28 अगस्त को भागकर पानीपत आ गया था। जहां उसकी समालखा के सोनू से मुलाकात हुई। सोनू भी नशे की लत से माता-पिता से झगड़ा कर पांच साल पहले पानीपत आकर रहने लगा था। वह संजय चौक पुल के नीचे साधु बनकर रहता था। वह दोनों रात को नशा करने लगे। यहां इनके साथ राजेंद्र, हरनारायण और एक अन्य भी बैठता था। दोनों ने इन तीनों की हत्या कर दी थी। एक शव की शिनाख्त नहीं हो पाई थी।