फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   state highway in army canteen

स्टेट हाईवे के दायरे में आई फौजी कैंटीन,बाबरपुर में ठेका बंद कराया

Fri, 07 Apr 2017 12:52 AM IST
ब्यूरो पानीपत
ब्यूरो पानीपत Updated Fri, 07 Apr 2017 12:52 AM IST
विज्ञापन
state highway in army canteen
श्‍ाराव ठेके का ‌िवविरेेध्‍ - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
सुप्रीम कोर्ट की शराब के ठेेकों को लेकर नई गाइड लाइन के दायरे में पानीपत में आर्मी कैंटीन भी आ गई है। आबकारी अधिकारियों ने कैंटीन अधिकारियों से मिलकर शराब की बिक्री बंद करा दी है। ऐसे में कैंटीन अधिकारियों ने दूूसरी जगह तलाश करना शुरू कर दिया है। इन सबके बीच दूसरे क्षेत्रों में खुल रहे शराब के ठेकों का विरोध तेज हो गया है। वीरवार शाम को गांव बाबरपुर में रेलवे लाइन के नजदीक खोले जा रहे शराब का ठेका खुलने की जानकारी होेने पर बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष पहुंच गए। उन्होंने शराब का ठेका तुरंत बंद करने के लिए कहा। महिलाओं ने ठेका बंद न होेने पर बोतलों को बाहर फेंकने की चेतावनी तक दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को शांत किया। शराब ठेकेदार ने ठेका बंद करने पर सहमति जताई। इसके बाद लोग शांत हुए।
विज्ञापन

गांव बाबरपुर में वीरवार दोपहर बाद जीटी रोड से 400 मीटर अंदर और रेलवे की जमीन पर शराब का ठेका खोला जा रहा था। ठेका खोलने के लिए खोखा रखकर शराब उतारी जा रही थी। इसकी जानकारी होते ही गांव बाबरपुर की महिलाएं और पुरुष पहुंच गए। कमलेश, संतोष, बबली, कृष्णा, रामकली, गुलशन आहुजा, सतप्रकाश उर्फ बिट्टू, रामनारायण, रविंद्र शर्मा आदि ने शराब ठेका खोलने का विरोध किया।
विज्ञापन

ठेकेदार बोला परमिशन ली है, लेकिन अधिकारी बोले नहीं दी परमिशन
सतप्रकाश ने बताया कि शराब ठेकेदार सोनीपत निवासी बृजेश ने कहा कि वह एक्साइज अधिकारियों की अनुमति के बाद ही शराब का ठेका खोल रहा है। इसके बाद एक्साइज अधिकारियों को सूचित किया गया। मौके पर पहुंचे एक्साइज अधिकारियों ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की गाइड लाइन के अनुसार जीटी रोड से 500 मीटर की दूरी तक कोई भी शराब का ठेका नहीं खोला जा सकता। एक्साइज अधिकारियों ने कहा कि उन्होंने ठेका खोलने की परमिशन नहीं दी। इसके बाद ग्रामीण भड़क गए और शराब ठेका तुरंत बंद करने की बात कही। लोगों के भड़कने पर शराब ठेकेदार ने शराब की पेटियाें को गाड़ी में लोड करवा दिया। ठेकेदार ने कहा कि वह खोखे को भी जल्द ही उठा लेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

स्कूल और मंदिर के नजदीक था ठेका
महिलाओं ने बताया कि जिस स्थान पर शराब का ठेका खोला जा रहा था, उससे महज 50 मीटर के अंदर देवी मंदिर और प्राइमरी स्कूल है। शराब का ठेका खुलने पर युवा वर्ग पर गलत असर पड़ता। रोजाना सुबह पूजा-अर्चना के लिए जाने वाली महिलाओं का जीना दूभर हो जाता।
दो दिनों में पांच ठेके करवाए बंद
जिले में पिछले तीनों दिनों से शराब के ठेकों का विरोध हो रहा है। मंगलवार को बतरा कॉलोनी और समालखा में शराब के ठेके बंद करवाए गए थे। बुधवार को हरिसिंह चौक और गांव बबैल में खोले जाने वाले शराब के ठेकों को बंद करवाया गया।
फौजी कैंटीन से शराब की बिक्री बंद
असंध रोड के नजदीक भगत सिंह मार्केट में बनी फौजी कैंटीन भी स्टेट हाईवे के 500 मीटर दायरे में आ गई है। ऐसे में यहां से शराब की बिक्री बंद करा दी गई है। कई सैनिक और पूर्व सैनिक कोटा लेने आ रहे हैं, लेकिन उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कई पूर्व सैनिक तो मैनेजर के पास पहुंच गए। एक अधिकारी के अनुसार फौजी कैंटीन पर हर माह 40 से 50 हजार रुपये की शराब की बिक्री होती है।
पिछले साल मिला था 667 करोड़ का राजस्व
जिले में शराब बिक्री के चलते पिछले साल 667 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। उस वक्त 101 देसी शराब और 60 अंग्रेजी शराब की दुकानों की परमिशन दी गई थी। जिले में अब तक 11 जोन में 84 दुकानों की ही बोली हो सकी है। इनका राजस्व करीब 129.97 करोड़ रुपये है। तीन जोन में दुकानों की बोली अभी बाकी है। विभाग के अनुसार एक जोन में छह दुकानों को दिया जाता है।


जिले में नेशनल और स्टेट हाईवे से 500 मीटर दूरी पर ठेकों की बोली दी गई है। कई कॉलोनियों में इसका विरोध हो रहा है। बाबरपुर गांव में खोले गए ठेके का भी विरोध हुआ है। यह काम संबंधित ठेकेदार का है। उनका काम बोली देकर ठेके को लेकर जगह बताना है। किसी तरह के नियमों में प्रावधान आता है तो आगे उसी अनुसार काम किया जाएगा।
आलोक पासी, डीईटीसी, आबकारी एवं कराधान विभाग पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed