फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   panipat,trrorist, sleep, red, alert, pass, city

रेड अलर्ट के बाद भी नहीं टूटी नींद, दो आतंकी गुजरे शहर से

Tue, 29 Nov 2016 12:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत Updated Tue, 29 Nov 2016 12:28 AM IST
विज्ञापन
panipat,trrorist, sleep, red, alert, pass, city
पानीपत - फोटो : bureau
पंजाब की नाभा जेल को तोड़कर आतंकवादी और गैंगस्टर फरार हो गए थे। गृह राज्य मंत्रालय के रेड अलर्ट के बाद भी जिले की पुलिस की नींद नहीं टूटी। रेड अलर्ट के बीच आतंकी और गैंगस्टर पानीपत की 40 किलोमीटर सीमा को बिना किसी परेशानी के पार कर गए।
विज्ञापन


जेल से भागे अन्य गैंगस्टर के पानीपत और आस-पास के क्षेत्रों में छिपे होने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है। इतना कुछ होने के बाद भी जिला पुलिस की नींद नहीं टूटी। सोमवार को जिले के सभी पुलिस नाके वीरान पड़े रहे। किसी भी नाके पर वाहनों की चेकिंग नहीं की गई।
विज्ञापन


सभी नाकों से पुलिस कर्मचारी गायब रहे। पुलिस ने जिले की सुरक्षा को राम भरोसे छोड़ दिया। पुलिस अपने थानों और चौकियों में दुबकी रही। दो आतंकियों हरमिंदर सिंह मिंटू, कश्मीर सिंह और गैगस्टर परमिंदर उर्फ पैंदा के पानीपत से गुजरने का खुलासा होने के बाद जिला पुलिस की जमकर किरकिरी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


रेड अलर्ट के बाद भी कुंभकर्णी नींद नहीं टूटी। सोमवार को अमर उजाला टीम ने जिला पुलिस के अलर्ट और नाकों पर सुरक्षा को अपने कैमरे में कैद किया। इस दौरान कहीं भी सख्ती देखने को नहीं मिली।

यह है शहर की सुरक्षा की लाइव रिपोर्टिंग
सोमवार दोपहर 12:40 बजे अमर उजाला की टीम जीटी रोड स्थित टोल प्लाजा पर पहुंची। टोल प्लाजा नाके पर पुलिस की सुरक्षा नजर नहीं आई। वाहन और व्यक्ति बिना किसी चेकिंग के शहर में आ-जा रहे थे। स्थानीय लोगों के अनुसार पुलिस की टीम सप्ताह में एक या दो बार आधा घंटे के लिए चेकिंग करने आती है।

इस दौरान सिर्फ बाइक सवारों के चालान किए जाते हैं। यह वही नाका है, जिसको आंतकियों ने सबसे पहले पार किया था। इसके बाद माई सिटी की टीम दोपहर 1:05 बजे असंध नहर नाका पर पहुंची। इस नाके पर भी पुलिस नजर नहीं आई। जींद और कैथल की तरफ से आने वाले वाहन बिना किसी रोक-टोक के शहर में आ-जा रहे थे।

1:25 मिनट पर टीम गोहाना रोड स्थित एनएफएल नाके पर पहुंची। यह नाका पुलिस भी रेड अलर्ट के आदेशों की धज्जियां उड़ाता नजर आया। नाके पर किसी भी प्रकार की सुरक्षा नजर नहीं आई। नाके पर पुलिस कर्मी महज जाम खुलवाते नजर आए। इसी नाके से रोहतक और गोहाना की तरफ ये आने वाले वाहन पानीपत में दाखिल होते हैं।

माई सिटी की टीम दोपहर दो बजे बलजीत नगर नाके पर पहुंची। यह वही नाका है, जिसकों गैगस्टर परमिंदर उर्फ पैदा बिना किसी परेशानी के पार कर यूपी में प्रवेश कर गया था। यह नाका यूपी से हरियाणा आने और जाने वाले वाहनों की चेकिंग के लिए बनाया गया है। यहां की सुरक्षा रामभरोसे मिली।

पुलिस मुस्तैद होती तो पानीपत में ही पकड़ा जाता आतंकी  
पुलिस के अपुष्ट सूत्रों की माने तो गैंगस्टर परमिंदर उर्फ पैंदा अपनी फॉर्च्यूनर गाड़ी में जीटी रोड टोल प्लाजा से रविवार शाम करीब चार बजे निकला है। उसने बाकी साथियों को करनाल के गांव मुनक के पास गाड़ी से उतार दिया था।

इनमें दिल्ली पुलिस की पकड़ में आया खालिस्तान लिबरेशन फोर्स का मुखिया हरविंद्र सिंह मिंटो भी शामिल था। हरविंदर सिंह मिंटो भी पानीपत बस स्टैंड से बस में सवार होकर दिल्ली चला गया था। जिला पुलिस सतर्क होती तो सभी पानीपत में ही दबोच लिए जाते।

डीजीपी के आदेशों की उड़ाई धज्जियां
नाभा जेल से आतंकियों और गैंगस्टरों के फरार होने के बाद गृह राज्य मंत्रालय ने रेड अलर्ट जारी किया था। इसी के बाद भी आतंकी और गैंगस्टर पानीपत क्रॉस कर गए। इसी सूचना मिलते ही रविवार को राज्य पुलिस के डीजीपी केपी सिंह पानीपत पहुंच गए।

उन्होंने शहर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सभी नाकों पर वाहनों की जांच के आदेश दिए थे। सुबह होते ही जिला पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने डीजीपी सिंह के आदेशों की धज्जियां उड़ा दीं। सुबह शहर के किसी भी नाके पर सुरक्षा व्यवस्था नजर नहीं आई।

तीन बार हो चुका बम विस्फोट, बम निरोधक दस्ता तक नहीं
पानीपत मेें तीन बार ट्रेन में बम विस्फोट हो चुका है। 2007 में गांव सिवाह के पास अटारी ट्रेन में हुए बम धमाके में 69 लोग मारे गए थे। इसी साल अप्रैल और मई में भी रेलवे स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों में धमाके हो चुके हैं। सुरक्षा एजेंसियों ही नहीं पुलिस ने भी धमाकों को आतंकी घटना माना था।

पानीपत प्रदेश के सबसे संवेदनशील क्षेत्र होने के बाद भी आज तक यहां बम निरोधक दस्ता नहीं है। आतंकी घटना होने के बाद मधुबन से बम निरोधक दस्ते को बुलाना पड़ता है।


राज्य में रेड अलर्ट है। इसी के मद्देनजर पुलिस कर्मचारियों को नाकों पर वाहनों की चेकिंग करने और संदिग्धों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। यदि पुलिस नाकों पर वाहनों की जांच नहीं जा रही है, तो वहां तैनात पुलिस कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाएगी।
जगदीप दूहन, डीएसपी हेडक्वार्टर पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed