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रिश्वत का आरोपी ईएसआई न्यायिक हिरासत में भेजा
ब्यूरो/अमर उजाला/ पानीपत
Updated Fri, 25 Nov 2016 12:23 AM IST
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Haryana Police
- फोटो : demo pic
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विजिलेंस ने 15 हजार की रिश्वत लेने के आरोपी सीआईए-टू के ईएसआई इंद्र सिंह को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया। आरोपी हवलदार डिंपी की तलाश तेज कर दी है। अधिकारियों ने नाम सामने आने पर अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी पर भी कार्रवाई का फैसला लिया है।
विजिलेंस सीआईए-टू प्रभारी से भी पूछताछ कर सकती है। जिला पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। ऐसे में अतिरिक्त प्रभारी समेत दोनों पुलिसकर्मियों पर किसी भी वक्त विभागीय कार्रवाई हो सकती है। विजिलेंस ने वीरवार को आरोपी ईएसआई इंद्र सिंह को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की कोर्ट में पेश किया।
मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने पुलिस की रिपोर्ट के बाद आरोपी ईएसआई इंद्र सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विजिलेंस ने अब फरार सीआईए-टू के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी व मुख्य आरोपी हवलदार डिम्पी की धरपकड़ तेज कर दी है।
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बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी को भी आरोपों में शामिल करने का फैसला लिया है। बिजिलेंस सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा से भी पूछताछ कर सकती है।
यह है मामला
विदित है कि गांव नारायणा निवासी रमेश चंद्र की शिकायत पर विजिलेंस पानीपत ने सीआईए-टू में तैनात ईएसआई इंद्र सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया था। अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी भाग निकले थे। इस मामले का तीसरा आरोपी डिंपी उस वक्त थाने में नहीं था।
रमेश चंद्र ने शिकायत में बताया था कि सीआईए-टू उसके दामाद प्रदीप निवासी गांव सुताना को मोबाइल चोरी के झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाकर उससे एक लाख रुपये मांग रहे थे। उन्होंने 25 हजार में सौदा तय किया था। रमेश चंद्र ने हवलदार डिंपी को 15 हजार रुपये होने की बात कही थी।
आरोप है कि डिंपी ने पैसे अनाज मंडी स्थित सीआईए-टू के कार्यालय में देने के लिए कहा था। मंगलवार को विजिलेंस ने सीआईए-टू के कार्यालय में छापा मारा था। डीएसपी विजिलेंस सुशील कुमार और डीएसपी देशराज समेत विजिलेंस प्रभारी नरेंद्र सिंह और सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक विजिलेंस दफ्तर में बैठक की थी।
इसके बाद रिश्वत के पैसों के साथ पकड़े गए ईएसआई इंद्र सिंह को सरकारी गवाह बनाकर हवलदार डिंपी को मुख्य आरोपी बना दिया था। बुधवार को कोर्ट के आदेशों के बाद विजिलेंस ने ईएसआई इंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
रिश्वत लेने के आरोपी सीआईए-टू के ईएसआई इंद्र सिंह को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विजिलेंस की तीन टीमें आरोपी अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी और हवलदार डिंपी की तलाश कर रही है। तफ्तीश में यदि इंस्पेक्टर मनोज वर्मा से पूछताछ करने की जरूरत पड़ी तो विजिलेंस उनसे भी पूछताछ करेगी।
नरेंद्र सिंह, प्रभारी सीआईए-टू पानीपत
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विजिलेंस सीआईए-टू प्रभारी से भी पूछताछ कर सकती है। जिला पुलिस अधिकारियों ने भी मामले की जानकारी ली। ऐसे में अतिरिक्त प्रभारी समेत दोनों पुलिसकर्मियों पर किसी भी वक्त विभागीय कार्रवाई हो सकती है। विजिलेंस ने वीरवार को आरोपी ईएसआई इंद्र सिंह को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी मुकेश कुमार की कोर्ट में पेश किया।
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मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने पुलिस की रिपोर्ट के बाद आरोपी ईएसआई इंद्र सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया। विजिलेंस ने अब फरार सीआईए-टू के अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी व मुख्य आरोपी हवलदार डिम्पी की धरपकड़ तेज कर दी है।
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बताया जा रहा है कि पुलिस अधिकारियों ने इस मामले में अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी को भी आरोपों में शामिल करने का फैसला लिया है। बिजिलेंस सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा से भी पूछताछ कर सकती है।
यह है मामला
विदित है कि गांव नारायणा निवासी रमेश चंद्र की शिकायत पर विजिलेंस पानीपत ने सीआईए-टू में तैनात ईएसआई इंद्र सिंह को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों काबू कर लिया था। अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी भाग निकले थे। इस मामले का तीसरा आरोपी डिंपी उस वक्त थाने में नहीं था।
रमेश चंद्र ने शिकायत में बताया था कि सीआईए-टू उसके दामाद प्रदीप निवासी गांव सुताना को मोबाइल चोरी के झूठे मामले में फंसाने का डर दिखाकर उससे एक लाख रुपये मांग रहे थे। उन्होंने 25 हजार में सौदा तय किया था। रमेश चंद्र ने हवलदार डिंपी को 15 हजार रुपये होने की बात कही थी।
आरोप है कि डिंपी ने पैसे अनाज मंडी स्थित सीआईए-टू के कार्यालय में देने के लिए कहा था। मंगलवार को विजिलेंस ने सीआईए-टू के कार्यालय में छापा मारा था। डीएसपी विजिलेंस सुशील कुमार और डीएसपी देशराज समेत विजिलेंस प्रभारी नरेंद्र सिंह और सीआईए-टू प्रभारी मनोज वर्मा ने बंद कमरे में करीब तीन घंटे तक विजिलेंस दफ्तर में बैठक की थी।
इसके बाद रिश्वत के पैसों के साथ पकड़े गए ईएसआई इंद्र सिंह को सरकारी गवाह बनाकर हवलदार डिंपी को मुख्य आरोपी बना दिया था। बुधवार को कोर्ट के आदेशों के बाद विजिलेंस ने ईएसआई इंद्र सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया था।
रिश्वत लेने के आरोपी सीआईए-टू के ईएसआई इंद्र सिंह को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। विजिलेंस की तीन टीमें आरोपी अतिरिक्त प्रभारी बिजेंद्र त्यागी और हवलदार डिंपी की तलाश कर रही है। तफ्तीश में यदि इंस्पेक्टर मनोज वर्मा से पूछताछ करने की जरूरत पड़ी तो विजिलेंस उनसे भी पूछताछ करेगी।
नरेंद्र सिंह, प्रभारी सीआईए-टू पानीपत