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दूसरे दिन एक और नवजात बच्चा लावारिस मिला
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Fri, 16 Sep 2016 12:51 AM IST
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पानीपत
- फोटो : पानीपत
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पानीपत। हुडा सेक्टर-11 व 12 में जहां पर बुधवार देर रात को दो नवजात बच्चियां लावारिस हाल में मिली थी, उसी सेक्टर के साथ लगते सेक्टर-25 स्थित एक पेट्रोल के साथ लगते खाली प्लाट में वीरवार को एक बच्चा लावारिस हाल में मिला। लगातार दूसरे दिन लावारिस बच्चे मिलने के बाद सेक्टरवासियों में दहशत का माहौल बना हुआ है। बच्चा गंदे कपड़ों में लपेटकर छोड़ा गया था। थाना चांदनी बाग पुलिस ने बच्चे को सिविल अस्पताल में दाखिल करा दिया। जहां पर उसको भी एसएनसीयू वार्ड (स्मॉल न्यू बोरन केयर वार्ड) में दाखिल करा दिया गया है। वहीं बुधवार देर रात को सेक्टर-11 में एक डॉक्टर के मकान बाहर मिली दोनों लावारिस बच्चियों में से एक को पीलिया की शिकायत है, जबकि दूसरी सामान्य है। सिविल अस्पताल के चार डॉक्टरों की देखरेख में तीनों नवजात बच्चों का इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस सेक्टर 11 में घरों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है।
जिले में एक बार फिर बच्चियों को दुत्कार दिया गया। सेक्टर व जिलावासियों की जुबां से बुधवार को लावारिस मिली दोनों बच्चियों का जिक्र नहीं गया था कि सेक्टर-11-12 के साथ लगते सेक्टर-25 स्थित एक पेट्रोल के साथ लगते एक खाली प्लाट में वीरवार को एक और बच्चा लावारिस हाल में मिला। राहगीर विनोद ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। उसकी सूचना पर आसपास के लोग व थाना चांदनी बाग पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्चे को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। जहां पर बच्चे को एसएनसीयू में इलाज शुरू कर दिया। सिविल अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया व डॉ. अभिषेक के अनुसार बच्चा करीब पांच घंटे पहले पैदा हुआ है। उसका वजन करीब सवा दो किलोग्राम है। बच्चा भूख की वजह से रो रहा था। उसको तापमान दिया जा रहा है और आक्सीजन लगा दी गई है।
बता दें कि बुधवार देर रात को दो जुड़वा बच्चियों को टोकरी में डालकर सेक्टर-11 में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर के मकान के बाहर डाल दिया गया। पुलिस ने दोनों बच्चियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
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चार सदस्यीय डॉक्टरों की टीम तीनों बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए है। थाना चांदनी बाग पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
बच्चियों को लगा हुआ है कोड क्लेम
सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया ने बताया कि दोनों बच्चियों को कोड क्लेम लगा हुआ है। कोड क्लेम से प्रतीत हो रहा है महिला की डिलीवरी किसी अस्पताल में हुई है। पुलिस अगर आस पास के अस्पतालों से इसका पता लगाए तो जुड़वां बच्चियों के माता-पिता का पता चल सकता है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस दोनों बच्चियों को लावारिस हालत में छोड़ने के आरोपियों के खिलाफ गहन जांच कर रही है। पुलिस सेक्टर 11-12 में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि बच्चियों को लावारिस छोड़ने वालों की हरकतें सीसीटीवी कैमरों में जरूर कैद हुई होंगी।
बच्चियां अच्छे घराने की
बाल रोग विशेषज्ञ ने डॉ. दिनेश दहिया ने बताया कि दोनों बच्चियों के कपड़े उसके पास मिले पांच हजार रुपये व ब्रेड पैकेट को देखकर यह प्रतीत हो रहा है कि दोनों बच्चियों का जन्म किसी अच्छे घराने में हुआ है। बच्चियों को लगे कोड क्लेम भी इसी बात की तरफ इशारा कर रहे हैं।
बच्चियों को बचाना चाहते थे छोड़ने वाले
बच्चियों के लावारिस हालत में छोड़ने वाले यह चाहते थे कि बच्चियां बच जाएं। इसलिए उन्होंने बच्चियों को सेक्टर 11 में एक निजी अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर के घर के बाहर रखा और घर की बैल बजाकर चले गए। बच्चियों के पास पांच हजार रुपये भी रखे गए थे, ताकि यह उनके इलाज में काम आ सकें। बैल की आवाज सुनने के बाद घर से बाहर आए डॉक्टर ने दोनों बच्चियों को देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
दोनों बच्चियों की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। दोनों बच्चियों को समय.समय पर ऑक्सीजन व तापमान दिया जा रहा है। एक बच्ची को पीलिया है और उसका वजन भी कम है। डॉक्टर अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहे है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि दोनों बच्चियां जल्द स्वास्थ्य हो जाएगी।
डॉ. दिनेश दहिया, बाल रोग विशेषज्ञ सिविल अस्पताल पानीपत
पुलिस को सेक्टर-25 में एक अन्य बच्चा लावारिश हालात में मिला है। पुलिस ने बच्चे को सिविल अस्पताल के वार्ड में दाखिल करा दिया है। वहीं दोनों बच्चियों को लावारिश हालत में छोडने के मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों बच्चियों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है।
बलवान सिंह, अतिरिक्त इंचार्ज थाना चांदनी बाग पानीपत।
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जिले में एक बार फिर बच्चियों को दुत्कार दिया गया। सेक्टर व जिलावासियों की जुबां से बुधवार को लावारिस मिली दोनों बच्चियों का जिक्र नहीं गया था कि सेक्टर-11-12 के साथ लगते सेक्टर-25 स्थित एक पेट्रोल के साथ लगते एक खाली प्लाट में वीरवार को एक और बच्चा लावारिस हाल में मिला। राहगीर विनोद ने बच्चे के रोने की आवाज सुनी। उसकी सूचना पर आसपास के लोग व थाना चांदनी बाग पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने बच्चे को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया। जहां पर बच्चे को एसएनसीयू में इलाज शुरू कर दिया। सिविल अस्पताल में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया व डॉ. अभिषेक के अनुसार बच्चा करीब पांच घंटे पहले पैदा हुआ है। उसका वजन करीब सवा दो किलोग्राम है। बच्चा भूख की वजह से रो रहा था। उसको तापमान दिया जा रहा है और आक्सीजन लगा दी गई है।
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बता दें कि बुधवार देर रात को दो जुड़वा बच्चियों को टोकरी में डालकर सेक्टर-11 में एक निजी अस्पताल के डॉक्टर के मकान के बाहर डाल दिया गया। पुलिस ने दोनों बच्चियों को सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
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चार सदस्यीय डॉक्टरों की टीम तीनों बच्चों के स्वास्थ्य पर लगातार नजर रखे हुए है। थाना चांदनी बाग पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
बच्चियों को लगा हुआ है कोड क्लेम
सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. दिनेश दहिया ने बताया कि दोनों बच्चियों को कोड क्लेम लगा हुआ है। कोड क्लेम से प्रतीत हो रहा है महिला की डिलीवरी किसी अस्पताल में हुई है। पुलिस अगर आस पास के अस्पतालों से इसका पता लगाए तो जुड़वां बच्चियों के माता-पिता का पता चल सकता है।
सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस दोनों बच्चियों को लावारिस हालत में छोड़ने के आरोपियों के खिलाफ गहन जांच कर रही है। पुलिस सेक्टर 11-12 में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाल रही है। पुलिस को उम्मीद है कि बच्चियों को लावारिस छोड़ने वालों की हरकतें सीसीटीवी कैमरों में जरूर कैद हुई होंगी।
बच्चियां अच्छे घराने की
बाल रोग विशेषज्ञ ने डॉ. दिनेश दहिया ने बताया कि दोनों बच्चियों के कपड़े उसके पास मिले पांच हजार रुपये व ब्रेड पैकेट को देखकर यह प्रतीत हो रहा है कि दोनों बच्चियों का जन्म किसी अच्छे घराने में हुआ है। बच्चियों को लगे कोड क्लेम भी इसी बात की तरफ इशारा कर रहे हैं।
बच्चियों को बचाना चाहते थे छोड़ने वाले
बच्चियों के लावारिस हालत में छोड़ने वाले यह चाहते थे कि बच्चियां बच जाएं। इसलिए उन्होंने बच्चियों को सेक्टर 11 में एक निजी अस्पताल में काम करने वाले डॉक्टर के घर के बाहर रखा और घर की बैल बजाकर चले गए। बच्चियों के पास पांच हजार रुपये भी रखे गए थे, ताकि यह उनके इलाज में काम आ सकें। बैल की आवाज सुनने के बाद घर से बाहर आए डॉक्टर ने दोनों बच्चियों को देखकर इसकी सूचना पुलिस को दी थी।
दोनों बच्चियों की हालत में तेजी से सुधार हो रहा है। दोनों बच्चियों को समय.समय पर ऑक्सीजन व तापमान दिया जा रहा है। एक बच्ची को पीलिया है और उसका वजन भी कम है। डॉक्टर अपनी तरफ से पूरा प्रयास कर रहे है। उन्हें पूरी उम्मीद है कि दोनों बच्चियां जल्द स्वास्थ्य हो जाएगी।
डॉ. दिनेश दहिया, बाल रोग विशेषज्ञ सिविल अस्पताल पानीपत
पुलिस को सेक्टर-25 में एक अन्य बच्चा लावारिश हालात में मिला है। पुलिस ने बच्चे को सिविल अस्पताल के वार्ड में दाखिल करा दिया है। वहीं दोनों बच्चियों को लावारिश हालत में छोडने के मामले में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। दोनों बच्चियों का सिविल अस्पताल में इलाज चल रहा है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है।
बलवान सिंह, अतिरिक्त इंचार्ज थाना चांदनी बाग पानीपत।