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हेल्थ इंस्पेक्टर के कार्यालय से उठाई कुर्सी-मेज, जमीन पर बैठ किया काम
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sat, 22 Apr 2017 12:22 AM IST
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सिविल अस्पताल के हेल्थ इंस्पेक्टर शमशेर सिंह के कार्यालय में रखी कुर्सी-मेज उठा ली गई। जिस कारण हेल्थ इंस्पेक्टर को जमीन पर बैठकर काम करना पड़ा। हेल्थ इंस्पेक्टर ने महिला चिकित्सक पर जानबूझकर मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। वहीं महिला चिकित्सक ने लगाए गए आरोपों को गलत बताते हुए सिविल सर्जन के आदेशों पर ही कुर्सी-मेज उठवाने की बात कही है।
हेल्थ इंस्पेक्टर शमशेर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को वह अपने अर्बन मलेरिया स्कीम के कार्यालय में बैठे हुए थे। तभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वहां आए और कुर्सी-मेज उठाने की बात कही। पूछने पर उसने बताया कि सिविल सर्जन के आदेश पर ही कुर्सी-मेज उठाई जा रही हैं। शमशेर सिंह ने आरोप लगाया कि एक डिप्टी सीएमओ के कहने पर ही उसके कार्यालय से कुर्सी-मेज उठाई गई हैं। जिस कारण उन्हें जमीन पर बैठकर कार्य करना पड़ा। शमशेर सिंह ने आरोप लगाया कि वे लोग जब भी डिप्टी सीएमओ के पास काम के लिए जाते हैं तो उनके काम के लिए कई-कई चक्कर लगवाए जाते हैं। महिला डॉक्टर उसको मानसिक रूप से परेशान कर रही है। सिविल सर्जन को भी इस बारे में पता है, लेकिन उनके आदेश पर ही कार्यालय से कुर्सीं-मेज उठाई गई हैं।
इस बारे में डिप्टी सीएमओ डॉ. शशी गर्ग ने बताया कि कर्मचारियों को काम के लिए कहना गलत बात नहीं है। समय पर काम पूरा करने की बात को लेकर ही इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। कार्यालय से कुर्सी-मेज उठाने का काम सिविल सर्जन के आदेश पर किया गया है।
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हेल्थ इंस्पेक्टर के कार्यालय में रखी कुर्सी-मेज बॉयोलॉजिस्ट की उठाकर लाई गई थी। जिन्हें वापस किया गया है। उनके बराबर वाले कमरे में कई कुर्सियां व मेज रखी हुई हैं। कुर्सी-मेज उठने के बाद वे बराबर वाले कमरे की कुर्सी-मेज लेकर काम कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मानसिक रूप से परेशान करने वाली बात सरासर गलत है।
डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सिविल सर्जन, पानीपत।
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हेल्थ इंस्पेक्टर शमशेर सिंह ने बताया कि शुक्रवार को वह अपने अर्बन मलेरिया स्कीम के कार्यालय में बैठे हुए थे। तभी चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी वहां आए और कुर्सी-मेज उठाने की बात कही। पूछने पर उसने बताया कि सिविल सर्जन के आदेश पर ही कुर्सी-मेज उठाई जा रही हैं। शमशेर सिंह ने आरोप लगाया कि एक डिप्टी सीएमओ के कहने पर ही उसके कार्यालय से कुर्सी-मेज उठाई गई हैं। जिस कारण उन्हें जमीन पर बैठकर कार्य करना पड़ा। शमशेर सिंह ने आरोप लगाया कि वे लोग जब भी डिप्टी सीएमओ के पास काम के लिए जाते हैं तो उनके काम के लिए कई-कई चक्कर लगवाए जाते हैं। महिला डॉक्टर उसको मानसिक रूप से परेशान कर रही है। सिविल सर्जन को भी इस बारे में पता है, लेकिन उनके आदेश पर ही कार्यालय से कुर्सीं-मेज उठाई गई हैं।
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इस बारे में डिप्टी सीएमओ डॉ. शशी गर्ग ने बताया कि कर्मचारियों को काम के लिए कहना गलत बात नहीं है। समय पर काम पूरा करने की बात को लेकर ही इस प्रकार के आरोप लगाए जा रहे हैं। कार्यालय से कुर्सी-मेज उठाने का काम सिविल सर्जन के आदेश पर किया गया है।
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हेल्थ इंस्पेक्टर के कार्यालय में रखी कुर्सी-मेज बॉयोलॉजिस्ट की उठाकर लाई गई थी। जिन्हें वापस किया गया है। उनके बराबर वाले कमरे में कई कुर्सियां व मेज रखी हुई हैं। कुर्सी-मेज उठने के बाद वे बराबर वाले कमरे की कुर्सी-मेज लेकर काम कर सकते थे, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। मानसिक रूप से परेशान करने वाली बात सरासर गलत है।
डॉ. इंद्रजीत धनखड़, सिविल सर्जन, पानीपत।