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गैगस्टर ऋषि चुलकाना के निशाने पर सोमपाल का भाई भी था, इसको अंजाम देने से पहले ही ऋषि को करनाल सीआईए ने दबोचा

Thu, 30 Aug 2018 10:32 PM IST
Updated Thu, 30 Aug 2018 10:32 PM IST
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गैगस्टर ऋषि चुलकाना के निशाने पर सोमपाल का भाई भी था, इसको अंजाम देने से पहले ही ऋषि को करनाल सीआईए ने दबोचा
फोटो संख्या-10
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तीसरे मर्डर की फिराक में था गैंगस्टर ऋषिपाल, करनाल पुलिस ने हथियारों के साथ पकड़ा
-50 हजार का इनाम, हत्या, लूट, हत्या करने का प्रयास, पूर्व विधायक को जान से मारने की धमकी सहित 20 मामले हैं दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/करनाल। 50 हजार के इनामी गैंगस्टर व 20 वारदात को अंजाम देने वाले गैंगस्टर ऋषि चुलकाना को करनाल की सीआईए ने गिरफ्तार कर लिया है। ऋषि ने एक माह पहले गांव के जिस सोमपाल की गोली मारकर हत्या की थी, अब वह उसके भाई की हत्या की भी प्लानिंग कर रहा था। जल्द ही इसको अंजाम देने की फिराक में भी था। ऋषि चुलकाना कांग्रेस नेता व उसके बेटे को भी गोली मार चुका है। जबकि समालखा के पूर्व विधायक भरत सिंह छौक्कर से फिरौती मांगने व जान से मारने की धमकी देने के मामले का भी आरोपी है। फिलहाल वह 2004 में रमेश हत्याकांड में सजायाफ्ता मुजरिम है। सोमपाल की हत्या के मामले में वह वांछित था।
पुलिस की क्राइम यूनिट एंटी स्नेचिंग टीम ने 50 हजार रुपये के इनामी पानीपत के गैंगस्टर ऋषिपाल उर्फ प्रदीप निवासी चुलकाना को गिरफ्तार कर लिया है। दिनेश चुलकाना के एनकाउंटर के बाद ऋषिपाल ही इस गैंग को चला रहा था।
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बता दें इस बदमाश को चुलकाना निवासी रमेश की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है और वह काफी दिनों से हाईकोर्ट से बेल लेकर जेल से बाहर आया हुआ था। गैंगस्टर ऋषिपाल के खिलाफ हत्या, लूट, हत्या के प्रयास व पूर्व विधायक को जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य विभिन्न धाराओं में 20 मामले दर्ज हैं। इनमें से एक करनाल और एक सोनीपत में दर्ज है, बाकी के सभी मामले समालखा थाना में दर्ज है। गैंगस्टर ऋषिपाल की अपने गांव चुलकाना में ही आपसी रंजिश है। इस रंजिश के चलते ही इसने पहले रमेश की हत्या की व अब एक माह पहले उसके चचेरे भाई सोमपाल की गोली मारकर हत्या करवा दी थी। उसके बाद से ही पानीपत पुलिस की तीन टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही थी। ऋषि अब सोमवार के भाई की भी हत्या की फिराक में था। फिलहाल आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
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आठ अवैध बरामद
एसपी सुरेंद्र सिंह भौरिया ने बताया कि 29 अगस्त की रात को करीब साढ़े 11 बजे क्राइम यूनिट एंटी स्नेचिंग स्टाफ के इंचार्ज एएसआई प्रवीन कुमार अपनी टीम के साथ मेरठ चौक जीटी रोड करनाल पर गश्त कर रहा था। तभी एक अज्ञात व्यक्ति ने गुप्त तरीके से सूचना दी कि आवर्धन नहर पुल के पास मेरठ रोड पर एक संदिग्ध व्यक्ति एक बैग के साथ मौजूद है। उसके पास अवैध असलाह भी है। सूचना मिलते ही प्रवीन कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर जाकर आरोपी गैंगस्टर ऋषिपाल को गिरफ्तार कर लिया और गैंगस्टर से एक पिस्तौल 9 एमएम उसके बैग से 5 पिस्तौल 315 बौर और 2 पिस्तौल 12 बोर बरामद हुई। सभी अवैध पिस्तौल लोडेड थीं। इन सभी में एक-एक जिंदा रौंड था।

2004 में गांव के मंदिर में हुई थी कहासुनी
गैंगस्टर ऋषिपाल की गांव चुलकाना में ही आपसी रंजिश है। बताया जाता है कि 2004 में इसकी मंदिर में ही कहासुनी हुई थी। उसके दौरान उसने अपने गांव के ही रमेश की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने गांव के ही सोमपाल की हत्या कर दी। अब वह गांव के ही नकल सिंह की हत्या करने वाला था। इससे अलग इस बदमाश ने पूर्व विधायक भगत सिंह छोक्कर को भी जान से मारने की धमकी दी हुई है।

कांग्रेसी नेता को भी मारी थी गोली : कांग्रेसी नेता देवराज चोपड़ा और उसके बेटे को भी ऋषि ने गोली मार दी थी। ऋषि ने कई बार उनको पैसे देने के लिए धमकी दी थी। उनको 10 साल पहले समालखा में बल्ले ढाबे पर गोली मार दी गई थी। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

दिनेश चुलकाना का खास गुर्गा था ऋषि
दिनेश चुलकाना का 2005 में दिल्ली पुलिस ने एककाउंटर कर दिया था। ऋषि उसका खास गुर्गा था। रमेश की हत्या करने के बाद ऋषि को दिनेश का संरक्षण मिल गया था। उसके संरक्षण में उसने कई वारदात को अंजाम दिया था।


ऋषि की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी कामयाबी
ऋषि की गिरफ्तारी पुलिस की बड़ी कामयाबी है। ऋषि अब भी कई वारदात को अंजाम दे सकता था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। उसको करनाल पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अब उसको पानीपत प्रोडक्शन रिमांड पर लेकर आएंगे।
- नरेश अहलावत, डीएसपी, समालखा

2004 से यूं चला वारदात को अंजाम देने का खेल
1 : 29 अप्रैल 2004 को धारा 379 के तहत थाना पानीपत में मामला दर्ज।
2 : 29 अक्टूबर 2004 को धारा 323, 506 के तहत थाना सिविल लाइन सोनीपत में मामला दर्ज।
3 : 13 मई 2005 को धारा 379 के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
4 : 13 मई 2005 को धारा 379 के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
5 : 30 मई 2005 को धारा 392 के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
6 : 14 जुलाई 2005 को धारा 387, 506 के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
7 : 19 जुलाई 2005 को धारा 302, 34 के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
8 : 11 सितंबर 2007 को धारा 302, 34 व धारा शस्त्र अधिनियम के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
9 : 12 अप्रैल 2006 को धारा 307, 34 धारा शस्त्र अधिनियम के तहत थाना समालखा पानीपत में केस दर्ज।
10 : 11 सितंबर 2007 को धारा 307,120-बी,34 के तहत थाना समालखा पानीपत में केस दर्ज।
11 : 14 सितंबर 2007 को धारा 307, 34 के तहत थाना समालखा पानीपत मे मामला दर्ज।
12 : 18 जुलाई 2008 को धारा 307,120-बी,34 के तहत थाना समालखा पानीपत में केस दर्ज।
13 : 27 अप्रैल 2009 को धारा 387,386, 506 के तहत थाना सदर करनाल मे मामला दर्ज।
14 : 29 अप्रैल 2009 को धारा 323, 506 के तहत थाना मॉडल टाउन पानीपत में मामला दर्ज।
15 : 24 मार्च 2013 को धारा 323, 452, 506 व धारा शस्त्र अधिनियम थाना समालखा पानीपत में केस।
16 : 11 मई 2014 को धारा 307 के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
17 : 9 अगस्त 2015 को धारा शस्त्र अधिनियम थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
18 : 21 जुलाई 2018 को धारा 148, 149, 323, 379-बी, 427, 506 व धारा शस्त्र अधिनियम थाना समालखा पानीपत में केस दर्ज।
19 : 17 जुलाई 2017 को धारा 148,149, 323, 452 के तहत थाना समालखा पानीपत में मामला दर्ज।
20 : 30 अगस्त 2018 को धारा धारा शस्त्र अधिनियम के तहत थाना सदर करनाल में मामला दर्ज।
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