{"_id":"5b5626ae4f1c1bed5e8b4ecb","slug":"61532372654-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पत्नी को भगाने के शक में युवक को अपहरण कर 7 दिन तक बंधक बनाए रखा, बाद में अधमरा कर सड़क पर फेंका","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पत्नी को भगाने के शक में युवक को अपहरण कर 7 दिन तक बंधक बनाए रखा, बाद में अधमरा कर सड़क पर फेंका
Updated Tue, 24 Jul 2018 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फोटो संख्या- 26 व 27
पत्नी को भगाने के शक में युवक को बंधक बनाए रखा, बाद में अधमरा कर सड़क पर फेंका
-मई 12 को किला थाना में करवाया था पीड़ित के खिलाफ पत्नी भगाने का मामला दर्ज, 6 जून को कोर्ट ने निर्दोष बता कर किया था केस से बरी
-15 जुलाई की रात को घर से कुछ दूरी पर युवक को पिकअप गाड़ी में बैठा ले गए आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। किला थाना क्षेत्र के अंतर्गत दलबीर नगर निवासी एक युवक का डाबर कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने उसकी पत्नी को भगाने के शक के चलते भाई और दो दोस्तों संग अपहरण कर लिया। चोरों आरोपियों ने युवक को पिकअप गाड़ी में डाला व उसे शहर से बाहर किसी कमरे में ले गए। वहां आरोपियों ने उसका 7 दिन तक उसे बंधक बनाए रखा और आठवें दिन उसे अधमरी हालत में नूरवाला अड्डे पर फे ंककर फरार हो गए। अचानक हुई बारिश की बूंदों से युवक को होश आया व किसी अन्य गाड़ी वाले की सहायता से सरकारी अस्पताल पहुंचा। सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके घर का नंबर लेकर उसके घर सूचना दी। इसके बाद पीड़ित अपना इलाज करवा कर किला थाने में गया, जहां उन्होंने सोमवार सुबह आने की हिदायत दी।
आठ दिन की दर्दनाक कहानी, पीड़ित की जुबानी
15 जुलाई की शाम 6 बजे मैं घर से बस स्टैंड दवाई लेने के लिए गया। डाबर कॉलोनी बनिए के श्मशान रोड पर सोनू, मोनू पुत्र धर्मबीर, मन्नी पुत्र रमेश निवासी दलबीर नगर ने एक अन्य युवक के साथ मेरा रास्ता रोका व मुझे उनकी पिकअप गाड़ी में जबरदस्ती डाल दिया और मेरा मुंह बंद कर दिया। चारों ने गाड़ी में ही मेरे साथ मारपीट करनी शुरू कर दी थी। जब मैं चिल्लाने लगा तो मुझे एक कपड़ा में दवाई डाल कर सुंघा दिया। इसके बाद मैं पूरी तरह से होश में नहीं था। करीब 1 घंटे बाद वे मुझे किसी जंगल के बीच में बने कमरे में ले गए। वहां उन्होंने मुझे धक्का मार कर नीचे गिराया व बोले कि यहां कितनी भी आवाज कर, कोई सुनने वाला नहीं है। उस रात चारों ने शराब पी व मुझे बेल्टों और डंडों से मारा। मेरे पूरे कपड़े उतार दिए और पूरी रात हाथ बांध कर मुंह में कपड़ा ठूस दिया। अगली सुबह उन्होंने फिर 1 घंटे तक मेरी पिटाई की व वहां से चले गए और मुझे खाने के लिए 2 रोटी व 1 बोतल पानी दिया। इसको खाने के बाद उन्होंने मुझे फिर से नशीली दवाई सुंघा दी और मैं बेहोश हो गया। रात को चारों फिर शराब के नशे में धुत होकर आए व मेरे साथ मारपीट की। सातों दिन उन्होंने मेरे साथ ऐसा ही किया। आठवीं रात को आरोपी मुझे उसी पिकअप गाड़ी में डाल कर मारते हुए ले आए। हरे रंग के कपड़े के साथ मेरी आंखें और हाथ बांध दिए। रात करीब 10 बजे मुझे अधमरी हालात में वे नूरवाला अड्डे पर फेंक कर फरार हो गए। मैं बेहोश था, कुछ देर बाद बारिश की बूंदें जब मेरे मुंह पर गिरी तो मैं होश में आया व किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरी पट्टी खोली। इस बारे में किला पुलिस थाना प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि मामले में बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
पत्नी को भगाने का केस दर्ज करवाया था, जून में कोर्ट ने बताया था निर्दोष
दलबीर नगर निवासी सोनू पुत्र धर्मबीर ने पीड़ित सोनू पुत्र प्रमोद पर उसकी पत्नी को शादी की नीयत से भगा ले जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित को मामले में जांच के शामिल किया। मामला कोर्ट तक गया। वहां दो सुनवाई के बाद कोर्ट ने पीड़ित को आरोप मुक्त करते हूए जून 6 को बरी कर दिया था। इसके बावजूद फरार महिला के पति ने सोनू से रंजिश रखी। इसके तहत उसने उसका अपहरण कर उसके साथ मारपीट की।
विज्ञापन
विज्ञापन
पत्नी को भगाने के शक में युवक को बंधक बनाए रखा, बाद में अधमरा कर सड़क पर फेंका
-मई 12 को किला थाना में करवाया था पीड़ित के खिलाफ पत्नी भगाने का मामला दर्ज, 6 जून को कोर्ट ने निर्दोष बता कर किया था केस से बरी
-15 जुलाई की रात को घर से कुछ दूरी पर युवक को पिकअप गाड़ी में बैठा ले गए आरोपी
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। किला थाना क्षेत्र के अंतर्गत दलबीर नगर निवासी एक युवक का डाबर कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने उसकी पत्नी को भगाने के शक के चलते भाई और दो दोस्तों संग अपहरण कर लिया। चोरों आरोपियों ने युवक को पिकअप गाड़ी में डाला व उसे शहर से बाहर किसी कमरे में ले गए। वहां आरोपियों ने उसका 7 दिन तक उसे बंधक बनाए रखा और आठवें दिन उसे अधमरी हालत में नूरवाला अड्डे पर फे ंककर फरार हो गए। अचानक हुई बारिश की बूंदों से युवक को होश आया व किसी अन्य गाड़ी वाले की सहायता से सरकारी अस्पताल पहुंचा। सामान्य अस्पताल के डॉक्टरों ने उसके घर का नंबर लेकर उसके घर सूचना दी। इसके बाद पीड़ित अपना इलाज करवा कर किला थाने में गया, जहां उन्होंने सोमवार सुबह आने की हिदायत दी।
आठ दिन की दर्दनाक कहानी, पीड़ित की जुबानी
15 जुलाई की शाम 6 बजे मैं घर से बस स्टैंड दवाई लेने के लिए गया। डाबर कॉलोनी बनिए के श्मशान रोड पर सोनू, मोनू पुत्र धर्मबीर, मन्नी पुत्र रमेश निवासी दलबीर नगर ने एक अन्य युवक के साथ मेरा रास्ता रोका व मुझे उनकी पिकअप गाड़ी में जबरदस्ती डाल दिया और मेरा मुंह बंद कर दिया। चारों ने गाड़ी में ही मेरे साथ मारपीट करनी शुरू कर दी थी। जब मैं चिल्लाने लगा तो मुझे एक कपड़ा में दवाई डाल कर सुंघा दिया। इसके बाद मैं पूरी तरह से होश में नहीं था। करीब 1 घंटे बाद वे मुझे किसी जंगल के बीच में बने कमरे में ले गए। वहां उन्होंने मुझे धक्का मार कर नीचे गिराया व बोले कि यहां कितनी भी आवाज कर, कोई सुनने वाला नहीं है। उस रात चारों ने शराब पी व मुझे बेल्टों और डंडों से मारा। मेरे पूरे कपड़े उतार दिए और पूरी रात हाथ बांध कर मुंह में कपड़ा ठूस दिया। अगली सुबह उन्होंने फिर 1 घंटे तक मेरी पिटाई की व वहां से चले गए और मुझे खाने के लिए 2 रोटी व 1 बोतल पानी दिया। इसको खाने के बाद उन्होंने मुझे फिर से नशीली दवाई सुंघा दी और मैं बेहोश हो गया। रात को चारों फिर शराब के नशे में धुत होकर आए व मेरे साथ मारपीट की। सातों दिन उन्होंने मेरे साथ ऐसा ही किया। आठवीं रात को आरोपी मुझे उसी पिकअप गाड़ी में डाल कर मारते हुए ले आए। हरे रंग के कपड़े के साथ मेरी आंखें और हाथ बांध दिए। रात करीब 10 बजे मुझे अधमरी हालात में वे नूरवाला अड्डे पर फेंक कर फरार हो गए। मैं बेहोश था, कुछ देर बाद बारिश की बूंदें जब मेरे मुंह पर गिरी तो मैं होश में आया व किसी अज्ञात व्यक्ति ने मेरी पट्टी खोली। इस बारे में किला पुलिस थाना प्रभारी बलवान सिंह ने बताया कि मामले में बयान दर्ज कर लिए गए हैं।
विज्ञापन
पत्नी को भगाने का केस दर्ज करवाया था, जून में कोर्ट ने बताया था निर्दोष
दलबीर नगर निवासी सोनू पुत्र धर्मबीर ने पीड़ित सोनू पुत्र प्रमोद पर उसकी पत्नी को शादी की नीयत से भगा ले जाने का आरोप लगाया था। इसके बाद पुलिस ने पीड़ित को मामले में जांच के शामिल किया। मामला कोर्ट तक गया। वहां दो सुनवाई के बाद कोर्ट ने पीड़ित को आरोप मुक्त करते हूए जून 6 को बरी कर दिया था। इसके बावजूद फरार महिला के पति ने सोनू से रंजिश रखी। इसके तहत उसने उसका अपहरण कर उसके साथ मारपीट की।
विज्ञापन