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स्टंट के नाम पर 24 घंटे के लिए गड्ढे में दबाया किशोर, 11 हजार नहीं मिलने पर पांच घंटे देरी से निकाला, मौत
Updated Tue, 27 Jun 2017 12:20 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत/समालखा। गांव चुलकाना में साइकिल का खेल दिखाते समय मिट्टी के गड्ढे में एक किशोर को दबा दिया गया। दावा किया कि 24 घंटे बाद उसे जिंदा निकाल लिया जाएगा। लेकिन, ग्राम पंचायत के सरपंच से 11 हजार रुपये न मिलने पर टीम के मुखिया ने किशोर को 24 घंटे बाद भी उसे बाहर नहीं निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने निर्धारित समय से करीब पांच घंटे बाद किशोर को बाहर निकला। तब तक वह बेसुध हो चुका था। इसके बाद मुखिया ग्रामीणों से बचाकर किशोर को लेकर समालखा के एक अस्पताल में पहुंचा। वहां डॉक्टर ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। इस पर आरोपी मुखिया शव को अस्पताल के पार्क में ही छोड़कर भाग गया। थाना समालखा पुलिस ने टीम के मुखिया और अन्य लोगों खिलाफ केस दर्ज कर मुखिया को सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
थाना समालखा के अंतर्गत गांव चुलकाना में कुछ किशोर और युवा 18 जून से गांव की एक चौपाल में साइकिल का खेल कर रहे थे। इनकी अगुवाई सतबीर निवासी महेंद्रपुर खेड़ा जिला शामली यूपी हाल निवासी कुराड़ कर रहा था। बताया जा रहा है कि कुराड़ निवासी सुमित (17) साइकिल पर स्टंट दिखा रहा था। वह इस खेल का मुख्य कलाकार था। पुलिस के अनुसार खेल के दौरान 24 जून को कलाकार सुमित को उसके साथी चार-पांच कलाकारों ने जमीन में करीब सात फुट गहरा गड्ढा खोदकर 24 घंटे के लिए दबाने का स्टंट किया। बताया जा रहा है कि टीम के मुखिया ने ग्राम पंचायत के सरपंच से इसके लिए 11 हजार रुपये का चंदा देने की मांग की। सरपंच ने आठ हजार रुपये देेने की घोषणा कर दी थी, लेकिन मुखिया अपनी मांग पर अड़ा रहा। 25 जून को शाम पांच बजे 24 घंटे पूरे होने के बाद भी सुमित को बाहर नहीं निकाला। ग्रामीणों ने उससे सुमित को बाहर निकालने के लिए कहा, लेकिन वह 11 हजार रुपये देने के बाद ही सुमित को निकालने पर अड़ा रहा। ग्रामीणों के दबाव बनाने बाद सतबीर सुमित को बाहर निकालने के लिए तैयार हुआ। उसने गड्ढा खोदा तो बोरी में बंद सुमित बाहर बेहोश पड़ा था। यह देख सब घबरा गए। टीम का मुखिया और अन्य सदस्य उसे ग्रामीणों से बचाते हुए समालखा के एक अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
परिवार में छाया मातम
पुलिस ने सुमित की मौत का समाचार उसके परिजनों को दिया तो वहां मातम पसर गया। बताया जा रहा है कि उसका पिता मामचंद उर्फ पप्पू लंबे समय से बीमार चल रहा है और काम करने की स्थिति में नहीं है। वे सब गांव में ही मकान में किराए रहते हैं। सुमित की एक छोटी बहन और एक भाई है। सुमित ही अपने परिवार को संभाले हुए था। उसकी मौत के बाद परिवार का सहारा टूट गया।
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बोरी पर 11 गांठ बांधकर दबाया था
बताया जा रहा है कि सुमित को बोरी में बंद कर उसके ऊपर 11 गांठ बांधी गई थीं। इसके बाद उसे सात फुट गहरे गड्ढे में साइकिल के साथ ही दबाया गया था। बताया जा रहा है कि करीब 39 डिग्री तापमान के बीच सुमित गड्ढे में खुद को रोक नहीं पाया और उसका दम घुटने लगा तो वह बोरी में ही छटपटाया। बताया जा रहा है कि उसने बाहर निकलने के लिए बोरी तक को फाड़ दिया, लेकिन ऊपर मिट्टी होने के चलते बाहर नहीं निकल सका।
कई जगह चल रहे हैं इस तरह खेल
चुलकाना में ही नहीं शहर समेत कई जगह साइकिल पर स्टंट दिखाने के खेल चल रहे हैं। यहां पर सब जगह किशोरों के हाथ में ही साइकिल है। एक जगह पर एक सप्ताह तक कार्यक्रम होता है। साइकिल के इस खेल में साइकिल कलाकार को 24 घंटे के लिए मिट्टी के गड्ढे में दबाया जाता है।
पुलिस ने कुराड़ निवासी पिता मामचंद कि शिकायत पर थाना समालखा पुलिस ने आरोपी दीपक, दिपल्ला उर्फ दीपक, अंकित, अमन निवासी कुराड़ और सतबीर निवासी महेंद्रपुर खेड़ा जिला शामली यूपी हाल निवासी कुराड़ के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्जकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। सुमित के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने एक आरोपी सतबीर को सोमवार शाम गिरफ्तारकर लिया है। पुलिस बाकी आरोपियों को भी जल्द ही काबू कर लेगी।
नरेश अहलावत, डीएसपी समालखा।
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पानीपत/समालखा। गांव चुलकाना में साइकिल का खेल दिखाते समय मिट्टी के गड्ढे में एक किशोर को दबा दिया गया। दावा किया कि 24 घंटे बाद उसे जिंदा निकाल लिया जाएगा। लेकिन, ग्राम पंचायत के सरपंच से 11 हजार रुपये न मिलने पर टीम के मुखिया ने किशोर को 24 घंटे बाद भी उसे बाहर नहीं निकाला। इसके बाद ग्रामीणों ने दबाव बनाया तो आरोपियों ने निर्धारित समय से करीब पांच घंटे बाद किशोर को बाहर निकला। तब तक वह बेसुध हो चुका था। इसके बाद मुखिया ग्रामीणों से बचाकर किशोर को लेकर समालखा के एक अस्पताल में पहुंचा। वहां डॉक्टर ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। इस पर आरोपी मुखिया शव को अस्पताल के पार्क में ही छोड़कर भाग गया। थाना समालखा पुलिस ने टीम के मुखिया और अन्य लोगों खिलाफ केस दर्ज कर मुखिया को सोमवार देर शाम गिरफ्तार कर लिया। अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस ने युवक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है।
थाना समालखा के अंतर्गत गांव चुलकाना में कुछ किशोर और युवा 18 जून से गांव की एक चौपाल में साइकिल का खेल कर रहे थे। इनकी अगुवाई सतबीर निवासी महेंद्रपुर खेड़ा जिला शामली यूपी हाल निवासी कुराड़ कर रहा था। बताया जा रहा है कि कुराड़ निवासी सुमित (17) साइकिल पर स्टंट दिखा रहा था। वह इस खेल का मुख्य कलाकार था। पुलिस के अनुसार खेल के दौरान 24 जून को कलाकार सुमित को उसके साथी चार-पांच कलाकारों ने जमीन में करीब सात फुट गहरा गड्ढा खोदकर 24 घंटे के लिए दबाने का स्टंट किया। बताया जा रहा है कि टीम के मुखिया ने ग्राम पंचायत के सरपंच से इसके लिए 11 हजार रुपये का चंदा देने की मांग की। सरपंच ने आठ हजार रुपये देेने की घोषणा कर दी थी, लेकिन मुखिया अपनी मांग पर अड़ा रहा। 25 जून को शाम पांच बजे 24 घंटे पूरे होने के बाद भी सुमित को बाहर नहीं निकाला। ग्रामीणों ने उससे सुमित को बाहर निकालने के लिए कहा, लेकिन वह 11 हजार रुपये देने के बाद ही सुमित को निकालने पर अड़ा रहा। ग्रामीणों के दबाव बनाने बाद सतबीर सुमित को बाहर निकालने के लिए तैयार हुआ। उसने गड्ढा खोदा तो बोरी में बंद सुमित बाहर बेहोश पड़ा था। यह देख सब घबरा गए। टीम का मुखिया और अन्य सदस्य उसे ग्रामीणों से बचाते हुए समालखा के एक अस्पताल में ले गए। वहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया।
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परिवार में छाया मातम
पुलिस ने सुमित की मौत का समाचार उसके परिजनों को दिया तो वहां मातम पसर गया। बताया जा रहा है कि उसका पिता मामचंद उर्फ पप्पू लंबे समय से बीमार चल रहा है और काम करने की स्थिति में नहीं है। वे सब गांव में ही मकान में किराए रहते हैं। सुमित की एक छोटी बहन और एक भाई है। सुमित ही अपने परिवार को संभाले हुए था। उसकी मौत के बाद परिवार का सहारा टूट गया।
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बोरी पर 11 गांठ बांधकर दबाया था
बताया जा रहा है कि सुमित को बोरी में बंद कर उसके ऊपर 11 गांठ बांधी गई थीं। इसके बाद उसे सात फुट गहरे गड्ढे में साइकिल के साथ ही दबाया गया था। बताया जा रहा है कि करीब 39 डिग्री तापमान के बीच सुमित गड्ढे में खुद को रोक नहीं पाया और उसका दम घुटने लगा तो वह बोरी में ही छटपटाया। बताया जा रहा है कि उसने बाहर निकलने के लिए बोरी तक को फाड़ दिया, लेकिन ऊपर मिट्टी होने के चलते बाहर नहीं निकल सका।
कई जगह चल रहे हैं इस तरह खेल
चुलकाना में ही नहीं शहर समेत कई जगह साइकिल पर स्टंट दिखाने के खेल चल रहे हैं। यहां पर सब जगह किशोरों के हाथ में ही साइकिल है। एक जगह पर एक सप्ताह तक कार्यक्रम होता है। साइकिल के इस खेल में साइकिल कलाकार को 24 घंटे के लिए मिट्टी के गड्ढे में दबाया जाता है।
पुलिस ने कुराड़ निवासी पिता मामचंद कि शिकायत पर थाना समालखा पुलिस ने आरोपी दीपक, दिपल्ला उर्फ दीपक, अंकित, अमन निवासी कुराड़ और सतबीर निवासी महेंद्रपुर खेड़ा जिला शामली यूपी हाल निवासी कुराड़ के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 के तहत मुकदमा दर्जकर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी। सुमित के शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने एक आरोपी सतबीर को सोमवार शाम गिरफ्तारकर लिया है। पुलिस बाकी आरोपियों को भी जल्द ही काबू कर लेगी।
नरेश अहलावत, डीएसपी समालखा।