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-यूपी के थाना कैराना के अंतर्गत भूरा गांव की लड़की पिंकी की पानीपत में मौत
Updated Mon, 30 Oct 2017 12:14 AM IST
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गांव भूरा में दबिश देने गए एसएचओ ने युवती को मारी लात, अस्पताल में मौत
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। यूपी के कैराना थाना क्षेत्र के गांव भूरा में पिता को गिरफ्तार करने आई पुलिस के साथ खींचतान के बीच बचाने आई लड़की को थाना प्रभारी ने पेट में लात मार दी। परिजनों का आरोप है कि, इससे घायल लड़की ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि, अस्पताल की ओर से घटना का रुक्का देने के बाद भी कैराना थाना पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए नहीं आई। यह मामला एसपी शामली तक पहुंचा तो पुलिस अधिकारी भी आरोप नकारने लगे। बाद में कैराना थाना पुलिस ने इस मामले में भूरा गांव के दो लोगों को नामजद कर कई अन्य के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। परिजनों के मुताबिक, पुलिस पड़ोसी के बच्चों के साथ दो सौ रुपयों को लेकर हुए झगड़े में शिकायत के आरोप में गिरफ्तारी करने आई थी। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक भेजने की बात कह दी।
मिली जानकारी के अनुसार शहर के सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन पिंकी (21) निवासी गांव भूरा थाना कैराना की मौत हो गई। परिजनों ने शव को सिविल अस्पताल स्थित शवगृह में रखवा दिया। डॉक्टरों ने इसका रुक्का थाना शहर पानीपत के माध्यम से कैराना थाना को भेजा। बताया जा रहा है कि कैराना थाना से रविवार शाम को पुलिस पहुंची और परिजनों ने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए। कहा कि, भूरा गांव निवासी मनीष ने बताया कि उनका पड़ोसी जयपाल के साथ झगड़ा हो गया था। कैराना थाना में इसकी शिकायत दर्ज करा दी गई। आरोप लगाया कि थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार दूसरे पक्ष का साथ दे रहे हैं और उनको प्रताड़ित कर रहे हैं। इधर, थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार शनिवार शाम को उनके घर आए और उसके पिता इलम सिंह को गिरफ्तार कर ले जाने लगे। उसकी बहन पिंकी (21) बीच-बचाव करने लगी तो थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार ने उसकी बहन के पेट और प्राइवेट पार्ट्स पर लात मार दिए। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसको लगातार खून की उल्टियां आने लगीं। वे उसको शामली अस्पताल में इलाज को ले गए। यहां से डॉक्टरों ने उसको शनिवार शाम को ही रेफर कर दिया। वे पिंकी को लेकर पानीपत में सनौली रोड स्थित एक अस्पताल में ले आए। यहां पर रविवार सुबह करीब सात बजे पिंकी ने दम तोड़ दिया।
बच्चों की दो सौ रुपये को लेकर हुआ था झगड़ा
पिंकी की मां ने बताया कि उनके और पड़ोसी जसपाल के बच्चों का दो सौ रुपयों को लेकर 14 अक्तूबर को झगड़ा हो गया था। उन्होंने इसकी शिकायत कैराना थाना में शिकायत दी। आरोप है कि, थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार की दूसरे पक्ष के साथ रिश्तेदारी है, जिससे दूसरे पक्ष को लेकर वह उन पर दबाव बना रहा था। जबकि इस मामले में इलम सिंह की 26 अक्तूबर को जमानत भी करा ली गई थी। पुलिस अब उनको जान बूझकर परेशान कर रही थी। उनके कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बाद भी उनको गिरफ्तार कर रहा था।
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पुलिस पहले पोस्टमार्टम कराने तक को तैयार नहीं हुई
कैराना थाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल शुरू से ही उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने सिविल अस्पताल पानीपत में रविवार सुबह करीब सात बजे ही शव रखवा दिया था। सिविल अस्पताल प्रबंधन ने थाना शहर पानीपत के माध्यम कैराना थाना पुलिस को सूचित किया। बताया जा रहा है कि कैराना थाना पुलिस सूचना देने के बाद भी रविवार दोपहर तक शव का पोस्टमार्टम कराने नहीं पहुंची। परिजनों ने दोपहर बाद करीब एक बजे एसपी शामिल डॉ. अजय पाल को फोन किया। इसके बाद ही कैराना पुलिस पानीपत सिविल अस्पताल पहुंची। इधर, देर शाम शव को रोहतक पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की तैयारी थी।
थाना प्रभारी पर केस खारिज करने के नाम पर 30 हजार मांगने का आरोप
परिजनों ने बताया कि पिंकी बीए फाइनल में पढ़ती थी और उसका बड़ी होकर बड़ा अफसर बनने का सपना था। कैराना थाना प्रभारी ने अपनी रिश्तेदारी निभाने के चक्कर में उसकी लड़की की हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि झगड़े के मामले में इलम सिंह को 26 अक्तूबर को जमानत भी मिल गई थी। परिजनों का आरोप है कि एसएचओ अब केस खारिज करने के नाम पर 30 हजार रुपयों की मांग कर रहा था।
पुलिस ने आरोपों को नकारा, पड़ोस के दो लोगों को नामजद किया
एसपी शामली के आदेशों के बाद कैराना थाना पुलिस सिविल अस्पताल पानीपत पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों के बयान भी सुने, लेकिन थाना प्रभारी का नाम सामने आने पर जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर नंद किशोर ने तेरसपाल व गुरदयाल सिंह को नामजद कर कई अन्य पर हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सब इंस्पेक्टर नंद किशोर ने दो टूक कहा कि मुझे कैमरे व मीडिया के सामने बोलने की परमिशन नहीं है। थाना कैराना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार ने बताया कि उन पर लड़की के पेट में लात मारने के आरोप निराधार है। वह इस मामले में हर जांच के लिए तैयार हैं।
कैराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत भूरा गांव में लड़ाई झगड़े के बीच एक युवती की चोट के चलते मौत हो गई। कैराना थाना पुलिस ने युवती के भाई के बयानों को दर्ज कर लिया है। पुलिस ने तेरसपाल व गुरदयाल को नामजद कर चार के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। कैराना थानाध्यक्ष पर युवती को पेट में लात मारने के आरोप निराधार है। वे फिर भी मामले की जांच कराएंगे। किसी तरह का आरोप साबित होता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अजय पाल, एसपी, शामली, यूपी।
यूपी पुलिस सुना रही अलग कहानी
उधर, कैराना पुलिस का कहना है कि गांव के चार युवकों ने युवती से दुष्कर्म की कोशिश की, इसका विरोध करने पर जमकर पीटा। इसी में युवती की मौत हो गई।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। यूपी के कैराना थाना क्षेत्र के गांव भूरा में पिता को गिरफ्तार करने आई पुलिस के साथ खींचतान के बीच बचाने आई लड़की को थाना प्रभारी ने पेट में लात मार दी। परिजनों का आरोप है कि, इससे घायल लड़की ने इलाज के दौरान अस्पताल में दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि, अस्पताल की ओर से घटना का रुक्का देने के बाद भी कैराना थाना पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए नहीं आई। यह मामला एसपी शामली तक पहुंचा तो पुलिस अधिकारी भी आरोप नकारने लगे। बाद में कैराना थाना पुलिस ने इस मामले में भूरा गांव के दो लोगों को नामजद कर कई अन्य के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। परिजनों के मुताबिक, पुलिस पड़ोसी के बच्चों के साथ दो सौ रुपयों को लेकर हुए झगड़े में शिकायत के आरोप में गिरफ्तारी करने आई थी। बाद में शव को पोस्टमार्टम के लिए रोहतक भेजने की बात कह दी।
मिली जानकारी के अनुसार शहर के सनौली रोड स्थित एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन पिंकी (21) निवासी गांव भूरा थाना कैराना की मौत हो गई। परिजनों ने शव को सिविल अस्पताल स्थित शवगृह में रखवा दिया। डॉक्टरों ने इसका रुक्का थाना शहर पानीपत के माध्यम से कैराना थाना को भेजा। बताया जा रहा है कि कैराना थाना से रविवार शाम को पुलिस पहुंची और परिजनों ने पुलिस के सामने अपने बयान दर्ज कराए। कहा कि, भूरा गांव निवासी मनीष ने बताया कि उनका पड़ोसी जयपाल के साथ झगड़ा हो गया था। कैराना थाना में इसकी शिकायत दर्ज करा दी गई। आरोप लगाया कि थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार दूसरे पक्ष का साथ दे रहे हैं और उनको प्रताड़ित कर रहे हैं। इधर, थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार शनिवार शाम को उनके घर आए और उसके पिता इलम सिंह को गिरफ्तार कर ले जाने लगे। उसकी बहन पिंकी (21) बीच-बचाव करने लगी तो थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार ने उसकी बहन के पेट और प्राइवेट पार्ट्स पर लात मार दिए। जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसको लगातार खून की उल्टियां आने लगीं। वे उसको शामली अस्पताल में इलाज को ले गए। यहां से डॉक्टरों ने उसको शनिवार शाम को ही रेफर कर दिया। वे पिंकी को लेकर पानीपत में सनौली रोड स्थित एक अस्पताल में ले आए। यहां पर रविवार सुबह करीब सात बजे पिंकी ने दम तोड़ दिया।
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बच्चों की दो सौ रुपये को लेकर हुआ था झगड़ा
पिंकी की मां ने बताया कि उनके और पड़ोसी जसपाल के बच्चों का दो सौ रुपयों को लेकर 14 अक्तूबर को झगड़ा हो गया था। उन्होंने इसकी शिकायत कैराना थाना में शिकायत दी। आरोप है कि, थाना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार की दूसरे पक्ष के साथ रिश्तेदारी है, जिससे दूसरे पक्ष को लेकर वह उन पर दबाव बना रहा था। जबकि इस मामले में इलम सिंह की 26 अक्तूबर को जमानत भी करा ली गई थी। पुलिस अब उनको जान बूझकर परेशान कर रही थी। उनके कानूनी प्रक्रिया अपनाने के बाद भी उनको गिरफ्तार कर रहा था।
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कैराना थाना पुलिस की कार्रवाई पर सवाल शुरू से ही उठ रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने सिविल अस्पताल पानीपत में रविवार सुबह करीब सात बजे ही शव रखवा दिया था। सिविल अस्पताल प्रबंधन ने थाना शहर पानीपत के माध्यम कैराना थाना पुलिस को सूचित किया। बताया जा रहा है कि कैराना थाना पुलिस सूचना देने के बाद भी रविवार दोपहर तक शव का पोस्टमार्टम कराने नहीं पहुंची। परिजनों ने दोपहर बाद करीब एक बजे एसपी शामिल डॉ. अजय पाल को फोन किया। इसके बाद ही कैराना पुलिस पानीपत सिविल अस्पताल पहुंची। इधर, देर शाम शव को रोहतक पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की तैयारी थी।
थाना प्रभारी पर केस खारिज करने के नाम पर 30 हजार मांगने का आरोप
परिजनों ने बताया कि पिंकी बीए फाइनल में पढ़ती थी और उसका बड़ी होकर बड़ा अफसर बनने का सपना था। कैराना थाना प्रभारी ने अपनी रिश्तेदारी निभाने के चक्कर में उसकी लड़की की हत्या कर दी। उन्होंने आरोप लगाया कि झगड़े के मामले में इलम सिंह को 26 अक्तूबर को जमानत भी मिल गई थी। परिजनों का आरोप है कि एसएचओ अब केस खारिज करने के नाम पर 30 हजार रुपयों की मांग कर रहा था।
पुलिस ने आरोपों को नकारा, पड़ोस के दो लोगों को नामजद किया
एसपी शामली के आदेशों के बाद कैराना थाना पुलिस सिविल अस्पताल पानीपत पहुंच गई। पुलिस ने परिजनों के बयान भी सुने, लेकिन थाना प्रभारी का नाम सामने आने पर जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर नंद किशोर ने तेरसपाल व गुरदयाल सिंह को नामजद कर कई अन्य पर हत्या समेत अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है। सब इंस्पेक्टर नंद किशोर ने दो टूक कहा कि मुझे कैमरे व मीडिया के सामने बोलने की परमिशन नहीं है। थाना कैराना प्रभारी धर्मेंद्र पंवार ने बताया कि उन पर लड़की के पेट में लात मारने के आरोप निराधार है। वह इस मामले में हर जांच के लिए तैयार हैं।
कैराना थाना क्षेत्र के अंतर्गत भूरा गांव में लड़ाई झगड़े के बीच एक युवती की चोट के चलते मौत हो गई। कैराना थाना पुलिस ने युवती के भाई के बयानों को दर्ज कर लिया है। पुलिस ने तेरसपाल व गुरदयाल को नामजद कर चार के खिलाफ हत्या व अन्य धाराओं के तहत रिपोर्ट दर्ज कर लिया है। कैराना थानाध्यक्ष पर युवती को पेट में लात मारने के आरोप निराधार है। वे फिर भी मामले की जांच कराएंगे। किसी तरह का आरोप साबित होता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. अजय पाल, एसपी, शामली, यूपी।
यूपी पुलिस सुना रही अलग कहानी
उधर, कैराना पुलिस का कहना है कि गांव के चार युवकों ने युवती से दुष्कर्म की कोशिश की, इसका विरोध करने पर जमकर पीटा। इसी में युवती की मौत हो गई।