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पिछले तीन दिन से एक निजी अस्पताल में चल रहा था उपचार
Updated Tue, 26 Dec 2017 12:26 AM IST
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हार्ट की बीमारी से तंग भीरा हो समालखा कोर्ट काम्प्लेक्स में तीन दिन पहले निगला था जहर, इलाज के दौरान अस्पताल में तोड़ा दम
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
समालखा कोर्ट में वकीलों के चैंबर के बाहर जहर खाने वाला आट्टा गांव वासी भीरा तीन दिन बाद अस्पताल में अपनी जिंदगी की जंग हार गया। परिजनों के अनुसार भीरा हार्ट का मरीज था और वह अपनी बीमारी से तंग था। वह खुद ही जहर निगलकर जज के सामने बयान दर्ज कराने गया था। समालखा थाना पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
मिली जानकारी के अनुसार आट्टा गांव निवासी भीरा (60) ने सोमवार तड़के गोहाना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। थाना समालखा पुलिस सूचन मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को शवगृह में रखवा दिया। परिजनों ने बताया कि भीरा हार्ट का मरीज था और छह माह पहले ही हार्ट का आपरेशन कराया था। लेकिन उसकी बीमारी ठीक नहीं हो पा रही थी। परिजनों ने बताया कि उसने समालखा कोर्ट स्थित वकीलों के चैंबर में जहरीला पदार्थ निगल लिया था और वह जज के सामने अपने बयान दर्ज कराए जा रहा था। इसी बीच उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। समालखा थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। विदित है कि आट्टा निवासी भीरा ने 22 दिसंबर को समालखा कोर्ट स्थित वकीलों के चैंबर के नजदीक जहरीला पदार्थ निगल लिया था। एएसआई रामेश्वर ने उसके बयान दर्ज कराने चाहे, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। एएसआई उसको पीएचसी में ले गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसको रेफर कर दिया। परिजन सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और उसको गोहाना रोड पानीपत स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल करा दिया। जहां पर उसका आईसीयू में इलाज चल रहा था। जांच अधिकारी एएसआई रामेश्वर ने बताया कि मृतक के बेटे संदीप के बयान के आधार पर पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और बिसरा जांच के लिए मधुबन लैब में भेज दिया है। पुलिस बिसरा रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई करेगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत।
समालखा कोर्ट में वकीलों के चैंबर के बाहर जहर खाने वाला आट्टा गांव वासी भीरा तीन दिन बाद अस्पताल में अपनी जिंदगी की जंग हार गया। परिजनों के अनुसार भीरा हार्ट का मरीज था और वह अपनी बीमारी से तंग था। वह खुद ही जहर निगलकर जज के सामने बयान दर्ज कराने गया था। समालखा थाना पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया।
मिली जानकारी के अनुसार आट्टा गांव निवासी भीरा (60) ने सोमवार तड़के गोहाना रोड स्थित एक निजी अस्पताल में दम तोड़ दिया। थाना समालखा पुलिस सूचन मिलते ही मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को शवगृह में रखवा दिया। परिजनों ने बताया कि भीरा हार्ट का मरीज था और छह माह पहले ही हार्ट का आपरेशन कराया था। लेकिन उसकी बीमारी ठीक नहीं हो पा रही थी। परिजनों ने बताया कि उसने समालखा कोर्ट स्थित वकीलों के चैंबर में जहरीला पदार्थ निगल लिया था और वह जज के सामने अपने बयान दर्ज कराए जा रहा था। इसी बीच उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। समालखा थाना पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। विदित है कि आट्टा निवासी भीरा ने 22 दिसंबर को समालखा कोर्ट स्थित वकीलों के चैंबर के नजदीक जहरीला पदार्थ निगल लिया था। एएसआई रामेश्वर ने उसके बयान दर्ज कराने चाहे, लेकिन उसकी तबीयत बिगड़ गई थी। एएसआई उसको पीएचसी में ले गया। जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसको रेफर कर दिया। परिजन सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे और उसको गोहाना रोड पानीपत स्थित एक निजी अस्पताल में दाखिल करा दिया। जहां पर उसका आईसीयू में इलाज चल रहा था। जांच अधिकारी एएसआई रामेश्वर ने बताया कि मृतक के बेटे संदीप के बयान के आधार पर पुलिस ने 174 की कार्रवाई कर शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और बिसरा जांच के लिए मधुबन लैब में भेज दिया है। पुलिस बिसरा रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई करेगी।
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