{"_id":"5935a3304f1c1b16338b45b6","slug":"14966874223-panipat-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"-चोरों की सारी गतिविधियां सीसीटीवी में कैद हुई","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
-चोरों की सारी गतिविधियां सीसीटीवी में कैद हुई
Updated Tue, 06 Jun 2017 12:00 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैक्ट्री में छठे दिन फिर चोरी की कोशिश
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। धूप सिंह नगर स्थित एक फैक्ट्री में छह दिन बाद एक बार फिर चोरी का प्रयास किया गया। चोरों की सारी गतिविधियां सीसीटीवी में कैद हो गईं। चोर इससे पहले भी फैक्ट्री से सामान ले जा चुके हैं। अब काला आंब चौकी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। बिजेंद्र शर्मा निवासी धूप सिंह नगर की कॉलोनी में ही फैक्ट्री है। रविवार रात को चोर फैक्ट्री में घुस आए। उन्होंने इसकी जानकारी लगते ही पुलिस को सूचना दी। काला आंब चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। बता दें कि फैक्ट्री में 30 मई को फैक्ट्री में चोरी कर ली थी। चोर फैक्ट्री से एक एलईडी, इंवर्टर और कुछ अन्य सामान समेत करीब 70 हजार का सामान चोरी ले गए थे। थाना चांदनी बाग पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी थी। आरोप है कि पुलिस पहले मामले की कार्रवाई ठीक से नहीं कर पाई। अब दूसरी वारदात को गई है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ करने की बजाय उसी की फैक्ट्री के श्रमिकों को पूछताछ के नाम पर धमका रही है।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
पानीपत। धूप सिंह नगर स्थित एक फैक्ट्री में छह दिन बाद एक बार फिर चोरी का प्रयास किया गया। चोरों की सारी गतिविधियां सीसीटीवी में कैद हो गईं। चोर इससे पहले भी फैक्ट्री से सामान ले जा चुके हैं। अब काला आंब चौकी पुलिस ने कार्रवाई शुरू की है। बिजेंद्र शर्मा निवासी धूप सिंह नगर की कॉलोनी में ही फैक्ट्री है। रविवार रात को चोर फैक्ट्री में घुस आए। उन्होंने इसकी जानकारी लगते ही पुलिस को सूचना दी। काला आंब चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। बता दें कि फैक्ट्री में 30 मई को फैक्ट्री में चोरी कर ली थी। चोर फैक्ट्री से एक एलईडी, इंवर्टर और कुछ अन्य सामान समेत करीब 70 हजार का सामान चोरी ले गए थे। थाना चांदनी बाग पुलिस ने इस मामले में कार्रवाई शुरू कर दी थी। आरोप है कि पुलिस पहले मामले की कार्रवाई ठीक से नहीं कर पाई। अब दूसरी वारदात को गई है। पुलिस आरोपियों की धरपकड़ करने की बजाय उसी की फैक्ट्री के श्रमिकों को पूछताछ के नाम पर धमका रही है।