फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   crime, police, suicide

रेप के झूठे केस में फसाने की धमकी दे रहा था रिटायर्ड डीएसपी, दुकानदार ने किया सुसाइड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 21 Aug 2019 02:24 AM IST
विज्ञापन
crime, police, suicide
बलजीत नगर नाका स्थित कॉलोनी में एक इलेक्ट्रॉनिक शॉप संचालक ने रिटायर्ड डीएसपी सहित 13 लोगों की धमकियों से परेशान होकर सोमवार रात जहरीला पदार्थ निगल कर आत्महत्या कर ली। परिजनों को सामान्य अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के कपड़ों से निकले सुसाइड नोट से उसके मौत का पता चला। इस सुसाइड नोट में करीब 13 लोगों के नाम लिखे हैं। पुलिस ने परिजनों के बयान पर केस दर्ज करते हुए पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया और जांच शुरू कर दी।
विज्ञापन

बलजीत नगर वार्ड-12 निवासी अजय ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके पिता मोहनलाल सैनी की सनौली रोड पर सैनी इलेक्ट्रानिक्स के नाम से दुकान है। वहीं सनौली रोड पर ही उग्राखेड़ी निवासी राजेश मलिक नामक फाइनेंसर का ऑफिस भी है। जिसे उसके पिता ने 2009 में 20 लाख रुपये ब्याज पर दिए थे। वे जब उससे रुपये मांगते थे, वो कहता था कि उसने ये रुपये उग्राखेड़ी निवासी अमित उर्फ काला को दिए हुए है, वो लौटा देगा, तब वह दे देगा। अजय के मुताबिक आरोपी ने 10 लाख रुपये लौटा दिए थे, लेकिन शेष 10 लाख रुपये लौटाने के लिए आनाकानी कर रहा था।
विज्ञापन

छह पेज के सुसाइड नोट के कुछ मुख्य अंश
- मैं मोहन सैनी अपने पूरे होश हवास में लिख रहा हूं कि मेरी मौत के लिए ये सब जिम्मेदार है।
राजेश मलिक, डीएसपी प्रदीप श्योकंद, दो महिलाएं, एसआई देवेंद्र राठोर, एसआई ओमप्रकाश त्यागी, एसआई जोगेंद्र, राजेश भारद्वाज, मैनेजर भूपेंद्र, करुण खान, दीपचंद, एसआई प्रताप शर्मा व सतीश।
विज्ञापन
विज्ञापन

- 2011 में मोहन के गांव के ही जानकार प्रताप ने थाना चांदनीबाग में एक केस दर्ज करवाया था। इसमें मोहनलाल मुख्य गवाह था। जिस केस में एसआई प्रताप शर्मा ने शिकायतकर्ता प्रताप से ढाई लाख रुपये लिए थे। इस केस की पैरवी तत्कालीन डीएसपी प्रदीप श्योकंद कर रहे थे। आरोप है कि श्योकंद ने आरोपी पक्ष के साथ मिलकर शिकायतकर्ता प्रताप व गवाह मोहनलाल पर दो महिलाओं को पीड़िता बना कर उनके साथ दुष्कर्म करने का झूठा केस दर्ज करवा दिया। जिस केस में दोनों 7 साल बाद हाई कोर्ट से बरी भी हो गए थे। मोहनलाल ने सुसाइड नोट में लिखा कि उसे इस पूरे केस को लड़ने में करीब 20 लाख रुपयों का नुकसान हुआ है, जिसकी भरपाई उक्त आरोपियों से करने के लिए मोहन ने एक याचिका हाई कोर्ट में डाल दी थी। इसी अपील को वापस उठाने का दबाव प्रदीप श्योकंद सहित अन्य पुलिसकर्मी बना रहे थे। अब उक्त आरोपी उसे फिर से एक झूठे रेप केस में फंसवाने की धमकी दे रहे थे। इसी से परेशान होकर उसने सुसाइड किया।
- 12 जुलाई 2019 को एक देवेंद्र राठौर नामक एसआई ने मोहन को फोन किया और वो उसे अपशब्द बोलने लगा और कहा कि वो दिल्ली पुलिस का पुलिसकर्मी है। मोहनलाल के खिलाफ तीस हजारी कोर्ट में एक केस दर्ज है। जिस केस में उसके वारंट तक जारी हुए है। इससे परेशान व डर कर मोहनलाल ने डीजीपी, आईजी सहित एसपी को सबूतों के साथ एक शिकायत दी। लेकिन उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कार्रवाई न होते देख 15 जुलाई को आरोपी राजेश भारद्वाज ने, 24 जुलाई को एसआई जोगेंद्र 14 जुलाई को देवेंद्र राठोर ने, 15 जुलाई को ओमप्रकाश त्यागी ने, 19 जुलाई को राजेश भारद्वाज ने व 24 जुलाई को एसआई जोगेंद्र ने कॉल कर मोहनलाल को धमकाया व उसे तरह-तरह की धमकी दी।
- वहीं सुसाइड नोट में इंडसड बैंक के क्रेडिट मैनेजर भूपेंद्र के खिलाफ मोहनलाल ने लिखा कि भूपेंद्र भी बार-बार मोहनलाल को ब्लैकमेल कर रहा था। भूपेंद्र लगातार लोन लेने के लिए फोन कर के दबाब बना रहा था। जिस पर मोहन ने हां की तो उसके घर मनोज नामक एक बैंक कर्मचारी अन्य एक के साथ पहुंचा। जो कि मोहन से कुछ फोटो सहित अन्य कागज ले गए। साथ ही भूपेंद्र ने मोहन से चेक, एफिडेविट, एग्रीमेंट पहले ही ले लिए थे। भूपेंद्र ने 15 हजार, 9100, सहित 5900 के तीन चेक ले गया। अब भूपेंद्र ने मोहनलाल से रिश्वत के 20 हजार रुपयों की मांग की। जिस रकम को देने से मोहन ने मना कर दिया तो भूपेंद्र ने कागजों में लिख दिया कि उक्त मकान, जिस पर मोहन लोन लेना चाहता है, वो मकान इसका नहीं है और लोन कैंसल कर दिया। इस बारे में भी मोहन ने एसपी पानीपत सहित सीएम विंडो पर शिकायत दी। लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

- वर्जन
सुसाइड नोट के आधार पर सभी 13 आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या करने को मजबूर करने की धारा सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच चल रही है। जांच में जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। दोषी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
- संदीप कुमार, चांदनीबाग थाना प्रभारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed