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Panipat News: प्रियंका गांधी की जनसभा से कांग्रेसियों का जोश हाई

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Fri, 24 May 2024 06:21 AM IST
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Congressmen's enthusiasm high from Priyanka Gandhi's public meeting
पानीपत। अब तक करनाल लोकसभा क्षेत्र में प्रचार के लिए जब-जब गांधी परिवार ने जनसभाएं की तो कांग्रेस प्रत्याशियों को जीत मिली है। कम से कम 1984 से लेकर अब तक के परिणाम तो यही बताते हैं। 2014 और 2019 में गांधी परिवार से यहां प्रचार के लिए कोई नहीं पहुंचा, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी को शिकस्त का सामना करना पड़ा था। इससे पहले लोकसभा चुनाव में चार बार गांधी परिवार के सदस्यों ने यहां जनसभाएं कीं। इसमें इंदिरा गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी और राहुल गांधी शामिल हैं, जिसमें चारों बार कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में इस बार प्रियंका गांधी की जनसभा क्या रंग लाएगी, यह तो चार जून को ही पता चलेगा, लेकिन इससे कांग्रेसियों का जोश हाई है।
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1975 में कांग्रेस सरकार ने देश में इमरजेंसी लागू की थी, जिसके बाद चुनाव में उसे करारी शिकस्त मिली थी। ऐसे में दोबारा देशवासियों का विश्वास जीतने के लिए इंदिरा गांधी ने जीतोड़ मेहनत की थी। इसके तहत उन्होंने पहली बार 1984 में पानीपत के नौल्था गांव के सरकारी स्कूल में रैली की, जिसके बाद यहां की राजनीतिक आबोहवा बदल गई थी और करनाल लोकसभा के प्रत्याशी पंडित चिरंजीलाल शर्मा की बंपर वोटों से जीत हुई थी। इसके बाद 1991 के लोकसभा चुनाव में भी करनाल लोकसभा से लोकदल और कांग्रेस प्रत्याशी में कांटे की टक्कर मानी जा रही थी। तब राजीव गांधी ने 16 मई 1991 को करनाल में रैली कर सीट पर पासा पलट दिया था। यहां से पंडित चिरंजीलाल चौथी बार सांसद चुने गए थे। फिर 2004 में लोकसभा चुनाव में सोनिया गांधी ने पानीपत के नौल्था गांव में रैली की थी और यहां से कांग्रेस के अरविंद शर्मा को जीत मिली थी। 2009 में राहुल गांधी ने पानीपत के सेक्टर-25 में रैली की और दूसरी बार यहां से अरविंद शर्मा विजयी हुई। इसके बाद मोदी लहर कहें या फिर संयोग। 2014 और 2019 में करनाल लोकसभा सीट पर कांग्रेस प्रत्याशियों को करारी शिकस्त मिली है। 2019 में यहां छह लाख से भी अधिक वोटों से भाजपा के संजय भाटिया विजयी हुए थे। अब वीरवार को प्रियंका गांधी की रैली इस बड़े अंतर को कितना पाट पाएगी यह तो समय बताएगा लेकिन इससे कांग्रेसियों में नया उत्साह दिख रहा है।
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मौत से पांच दिन पहले करनाल आए थे राजीव गांधी-

21 मई 1991 को आतंकी हमले में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की मौत हो गई। मौत से पांच दिन पहले राजीव गांधी करनाल में पंडित चिरंजीलाल शर्मा के लिए रैली करने आए थे। पंडित चिरंजीलाल शर्मा उस वक्त अस्वस्थ थे, वह चुनाव प्रचार अभियान भी सही तरीके से नहीं कर पा रहे थे। बताया जाता है कि उनको जीत दिलाने के लिए उस समय पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल ने राजीव गांधी की करनाल में रैली कराई थी।
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