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Panipat News: बरसात में खराब हुई फसलों के मुआवजे के लिए कमेटी गठित
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पानीपत। दो दिन हुई बरसात में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों की गेहूं व सरसों की फसल गिर गई। दोनों फसलों को काफी नुकसान हुआ है। अब किसानों की फसलों की गिरदावरी के लिए कृषि विभाग ने टीमों का गठन किया है। ये टीम किसानों की शिकायतों पर फील्ड में उतकर फसलों की जांच करेगी। अब किसान फसलों में हुए नुकसान के लिए मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं। वहीं पर सरकार ने किसानों को मुआवजा आवेदन करने के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया है। जिस पर किसान मुआवजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के बाद कृषि विभाग के अधिकारी और रेन्वयू अधिकारी मिलकर गिरदावरी का काम शुरू करेंगे और रिपोर्ट बनाकर देंगे। जिससे किसान के खाते में सीधा पैसे ट्रांसफर हो जाएंगे। पोर्टल के अवलोकन के लिए कृषि विभाग की ओर से टीम तैयार की गई है। सोमवार को अभी तक पोर्टल पर किसी किसान ने मुआवजे के लिए आवेदन नहीं किया है।
बीते दिनों हुई बारिश व तेज हवाओं से गेहूं व सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि पानीपत में ओलावृष्टि कम हुई हैं फिर ब्लॉक इसराना, मतलौडा में ज्यादा तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई है। कृषि विभाग ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसलों के नुकसान का मुआवजा आवेदन करने वालों के लिए टीम का गठन कर दिया है। जैसे ही आवेदन आएंगे। कृषि विभाग के अधिकारी राजस्व अधिकारी के साथ मिलकर गिरदावरी करने का काम करेंगे। क्षेत्र में गेहूं की फसल को केवल 20 प्रतिशत तथा सरसों की फसल को 30 से 35 प्रतिशत तक नुकसान होने की संभावना है।
किसानों ने कहा कि फसलें पकने के वक्त हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। बारिश के कारण सब्जी उत्पादक किसान भी प्रभावित हुए हैं। हालांकि पानीपत क्षेत्र में सोमवार को आसमान साफ हो गया और तेज धूप खिल उठी। किसानों का कहना है कि तेज धूप खिलने के कारण फसलें एकदम से भड़क जाएगी अर्थात जल्दी पक जाएगी, जिससे उनमें दाना परिपक्व हो नहीं पाऐगा। इससे उत्पादन पर फर्क पड़ने की संभावना है।
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वर्जन-
कृषि उपनिदेशक आदित्य डबास ने बताया कि सरकार फसलों के नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया है। आवेदन करने वालों किसानों को पोर्टल पर डाटा अपलोड करवाना होगा। उसके बाद वैरिफिकेशन का कार्य किया जाएगा। कृषि विभाग ने इसके लिए टीमें तैयार कर दी है।
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बीते दिनों हुई बारिश व तेज हवाओं से गेहूं व सरसों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि पानीपत में ओलावृष्टि कम हुई हैं फिर ब्लॉक इसराना, मतलौडा में ज्यादा तेज बारिश व ओलावृष्टि हुई है। कृषि विभाग ने क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसलों के नुकसान का मुआवजा आवेदन करने वालों के लिए टीम का गठन कर दिया है। जैसे ही आवेदन आएंगे। कृषि विभाग के अधिकारी राजस्व अधिकारी के साथ मिलकर गिरदावरी करने का काम करेंगे। क्षेत्र में गेहूं की फसल को केवल 20 प्रतिशत तथा सरसों की फसल को 30 से 35 प्रतिशत तक नुकसान होने की संभावना है।
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किसानों ने कहा कि फसलें पकने के वक्त हुई ओलावृष्टि ने किसानों की कमर तोड़ने का काम किया है। बारिश के कारण सब्जी उत्पादक किसान भी प्रभावित हुए हैं। हालांकि पानीपत क्षेत्र में सोमवार को आसमान साफ हो गया और तेज धूप खिल उठी। किसानों का कहना है कि तेज धूप खिलने के कारण फसलें एकदम से भड़क जाएगी अर्थात जल्दी पक जाएगी, जिससे उनमें दाना परिपक्व हो नहीं पाऐगा। इससे उत्पादन पर फर्क पड़ने की संभावना है।
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वर्जन-
कृषि उपनिदेशक आदित्य डबास ने बताया कि सरकार फसलों के नुकसान के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल बनाया है। आवेदन करने वालों किसानों को पोर्टल पर डाटा अपलोड करवाना होगा। उसके बाद वैरिफिकेशन का कार्य किया जाएगा। कृषि विभाग ने इसके लिए टीमें तैयार कर दी है।