फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Panipat News ›   Civil hospital will get equipment worth lakhs

सिविल अस्पताल को मिलेंगे लाखों के उपकरण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 02 Sep 2021 02:11 AM IST
विज्ञापन
Civil hospital will get equipment worth lakhs
पानीपत। कोविड-19 की संभावित तीसरी लहर से निपटने के लिए सिविल अस्पताल का प्रशासन हर संभव अत्याधुनिक उपकरण जुटा लेना चाहता है। इसी दिशा में सिविल अस्पताल को जल्द ही चार अत्याधुनिक उपकरण मिलेंगे। जिसकी मांग की फाइल बनाकर उपायुक्त को सौंप दी गई, जो एक कमेटी गठित करा उपकरणों की खरीदारी कराएंगे। इनमें एबीजी मशीन, होरिजोंटल आटोक्लेव, बाइपेप मशीन, एचएफएनसी मशीन शामिल हैं।
विज्ञापन

एमपी लेड फंड (संसद सदस्य स्थानीय क्षेत्र विकास योजना) से अनुमानित 40 लाख रुपये कीमत के उपकरणों की खरीदारी की जानी है। 17 जुलाई को प्रिंसिपल मेडिकल आफिसर (पीएमओ) डॉ. संजीव ग्रोवर ने सिविल सर्जन डॉ. जितेंद्र कादियान के जरिए जिला परिषद पानीपत एवं जिला परिषद को उपकरणों की सूची भिजवा दी थी, लेकिन अब तक ये फाइल अटकी थी।
विज्ञापन

जिला परिषद की ओर से स्वास्थ्य विभाग को कहा गया कि वे खुद उपकरणों की खरीदारी करें, लेकिन सिविल सर्जन डॉक्टरों को उपकरणों की खरीदारी से दूर रखना चाहते हैं, ताकि डॉक्टर अपनी ड्यूटी पर ध्यान दे सकें। इसलिए सिविल सर्जन की ओर से डिमांड की फाइल उपायुक्त सुशील सारवान को भेज दी गई है। वे अब एक कमेटी गठित करेंगे, जो इन उपकरणों की खरीदारी करेंगे। इसके साथ ही ईसीजी मशीन और पांच हजार एन-95 मास्क की खरीदारी भी की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

सांसद ने डॉक्टरों को दिया अपने फंड से 40 लाख रुपये का अनुदान
मई-2021 में सिविल अस्पताल, आइसोलेशन वार्ड के नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र ढांडा और डॉ. केतन भारद्वाज सांसद संजय भाटिया से मिले थे। सांसद ने सिविल अस्पताल को एमपी लेड फंड से 40 लाख रुपये देने की घोषणा की थी, ताकि जिन जरूरी उपकरणों की जरूरत है, उनकी पूर्ति हो सके। मई के अंत में 30 लाख 90 हजार के उपकरणों एवं अन्य सामान की सूची सिविल सर्जन कार्यालय को सौंप दी गई थी। सूची में एबीजी मशीन, होरिजोंटल आटोक्लेव, बाइपेप मशीन, एचएफएनसी मशीन, ईसीजी मशीन, पांच हजार एन-95 मास्क आदि शामिल हैं।
उपकरणों की अनुमानित कीमत
02 होरिजोंटल आटोक्लेव 10 लाख रुपये
12 मल्टी पैरामीटर 12 लाख रुपये
01 एबीजी मशीन 05 लाख रुपये
20 इंफ्यूजन पंप 03 लाख रुपये
02 ईसीजी मशीन 1.5 लाख रुपये
50 ऑक्सीजन फ्लोमीटर 02 लाख रुपये
02 एचएफएनसी मशीन 1.6 लाख रुपये
05 बाइपेप मशीन 2.5 लाख रुपये
50 एनआइपी मास्क 15 हजार रुपये
100 एनआरएम मास्क 40 हजार रुपये
5000 एन-95 मास्क 01 लाख रुपये
50 ग्लूकोमीटर 75 हजार रुपये
जानिए क्यों जरूरी हैं ये उपकरण
एबीजी मशीन : आर्टिरीअल ब्लड-गैस एनालाइसिस (एबीजी) मशीन गहन चिकित्सा यूनिट (आइसीयू) के लिए आवश्यक है। सिविल अस्पताल में यह मशीन नहीं है। मशीन से ब्लड सैंपल लेकर मरीजों के शरीर में ऑक्सीजन, कार्बन डाई ऑक्साइड, अमोनिया, हीमोग्लोबिन, सोडियम और पोटेशियम की स्थिति जानने में आसानी होगी। दिल, गुर्दे और फेफड़ों की स्थिति का पता चल सकेगा।
बाइपेप मशीन : बाइलेवल पॉजिटिव एयरवे प्रेशर मशीन का उपयोग गंभीर मरीज सांस लेने के लिए करता है। मशीन फेफड़ों में ऑक्सीजन पहुंचाती है। कोरोना के गंभीर मरीज, जिन्हें श्वास लेने में कठिनाई होती है, उनके लिए मशीन कारगर है।
एचएफएनसी मशीन : हाई फ्लो नेजल कैनुला मशीन जीवन रक्षक की भूमिका निभाएगी। इससे एक मिनट में मरीज को 60 लीटर तक ऑक्सीजन देकर जीवन बचा सकते हैं। कोरोना के मरीजों के लिए मशीन कारगर होगी।
होरिजोंटल आटोक्लेव मशीन : उपकरणों को स्टरलाइज, यानि साफ करने के लिए आटोक्लेव मशीन काम में आती है। कोरोना संकट में संक्रमण बढ़ने की कोई आशंका न रहे, इसलिए हर अस्पताल में इस मशीन का होना जरूरी है।

फाइल उपायुक्त को भेज दी है, वहां से बनेगी कमेटी
हमने अपनी उपकरणों की फाइल उपायुक्त को सौंप दी है। उपायुक्त इस संबंध में कमेटी का गठन करेंगे। ये कमेटी सामान खरीदेगी। इन मशीनों के मिलने से स्वास्थ्य सेवाओं में इजाफा होगा और इनसे मरीजों को बहुत सहूलियत होगी। - डॉ. जितेंद्र कादियान, सिविल सर्जन, पानीपत।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed