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Panipat News: नागरिक अस्पताल को मिले तीन नए डॉक्टर बढ़ेगी सेवाएं
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पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल को तीन डॉक्टर मिले हैं। पंचकूला मुख्यालय से डॉ. अमित कुमार, डॉ. रितु व डॉ. जितेंद्र का नागरिक अस्पताल में तबादला किया गया है। बुधवार को इनके तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। अब इमरजेंसी वार्ड में विशेषज्ञों की ड्यूटी नहीं लगानी पड़ेगी। जिला नागरिक अस्पताल में अब डॉक्टरों की संख्या बढ़कर 39 हो जाएगी।
शहर के 14 लाख लोगों का इलाज 34 डॉक्टरों पर ही निर्भर है। ऐसे में मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाता। मरीजों को पीजीआई खानपुर या कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल रेफर करना पड़ता है। नागरिक अस्पताल 200 बेड का है।
विभाग के पास 86 डॉक्टर की जगह, केवल 39 दे रहे सेवाएं
नियमानुसार यहां 86 डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास अब महज 39 डॉक्टर ही हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण विशेषज्ञों की इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी लगानी पड़ती है। इसलिए इनसे संबंधित मरीजों को कई बार बिना इलाज ही घर लौटना पड़ता है। नए डॉक्टर मिलने से विशेषज्ञों की अब इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी नहीं लगानी पड़ेगी।
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बॉक्स
12 डॉक्टर 15 सालों से गैरहाजिर
12 डॉक्टर पिछले 15 सालों से गैर हाजिर चल रहे हैं। इनको कई बार विभाग की ओर से नोटिस भी जारी हो चुका है। इनको अब तक विभाग के रिकॉर्ड में गिना जा रहा है। इसलिए भी यहां डॉक्टरों की नियुक्ति करने में परेशानी आ रही है।
बॉक्स
इन डॉक्टरों की कमी
14 लाख लोगों पर बने 200 बेड के अस्पताल पर 42 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की कमी को पूरा नहीं कर पाया। नागरिक अस्पताल में एक मनोरोग विशेषज्ञ, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, एक फिजिशयन, न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलोजिस्ट व रेडियोलोजिस्ट की कमी है।
वर्जन-
नए डॉक्टर आने से बढ़ेंगी सेवाएं
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि नए डॉक्टर आने से सेवाएं भी बढ़ेंगी। डॉक्टरों की कमी के कारण आपातकाल वार्ड में भी विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई जा रही है। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।
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शहर के 14 लाख लोगों का इलाज 34 डॉक्टरों पर ही निर्भर है। ऐसे में मरीजों को पर्याप्त इलाज नहीं मिल पाता। मरीजों को पीजीआई खानपुर या कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज करनाल रेफर करना पड़ता है। नागरिक अस्पताल 200 बेड का है।
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विभाग के पास 86 डॉक्टर की जगह, केवल 39 दे रहे सेवाएं
नियमानुसार यहां 86 डॉक्टर होने चाहिए, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के पास अब महज 39 डॉक्टर ही हैं। डॉक्टरों की कमी के कारण विशेषज्ञों की इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी लगानी पड़ती है। इसलिए इनसे संबंधित मरीजों को कई बार बिना इलाज ही घर लौटना पड़ता है। नए डॉक्टर मिलने से विशेषज्ञों की अब इमरजेंसी वार्ड में ड्यूटी नहीं लगानी पड़ेगी।
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12 डॉक्टर 15 सालों से गैरहाजिर
12 डॉक्टर पिछले 15 सालों से गैर हाजिर चल रहे हैं। इनको कई बार विभाग की ओर से नोटिस भी जारी हो चुका है। इनको अब तक विभाग के रिकॉर्ड में गिना जा रहा है। इसलिए भी यहां डॉक्टरों की नियुक्ति करने में परेशानी आ रही है।
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इन डॉक्टरों की कमी
14 लाख लोगों पर बने 200 बेड के अस्पताल पर 42 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग डॉक्टरों की कमी को पूरा नहीं कर पाया। नागरिक अस्पताल में एक मनोरोग विशेषज्ञ, फॉरेंसिक एक्सपर्ट, एक फिजिशयन, न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलोजिस्ट व रेडियोलोजिस्ट की कमी है।
वर्जन-
नए डॉक्टर आने से बढ़ेंगी सेवाएं
जिला सिविल सर्जन डॉ. जयंत आहूजा ने बताया कि नए डॉक्टर आने से सेवाएं भी बढ़ेंगी। डॉक्टरों की कमी के कारण आपातकाल वार्ड में भी विशेषज्ञों की ड्यूटी लगाई जा रही है। डॉक्टरों की कमी को पूरा करने का लगातार प्रयास किया जा रहा है।