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Panipat News: बुखार की चपेट में शहर, स्वास्थ्य केंद्रों पर हर रोज पहुंच रहे 10 हजार मरीज

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 21 Nov 2023 02:14 AM IST
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City in grip of fever, 10 thousand patients reaching health centers every day
पानीपत। पिछले 10 दिन में तापमान में एक साथ आई कमी लोगों की सेहत पर भारी पड़ गई है। छोटे से लेकर बड़े तक बुखार, जुकाम व खांसी की चपेट में आ रहे हैं। सुबह शाम की ठंड शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। सिविल अस्पताल में बुखार के रोगियों की ओपीडी 350 पार हो चुकी है। जिले के लगभग 150 सरकारी, निजी व अन्य छोटे क्लीनिक में बुखार की ओपीडी 10 हजार से अधिक हो चुकी है। टायफाइड भी बड़ी चुनौती बना हुआ है। डेंगू के संदिग्ध रोगियों की जांच का आंकड़ा लगभग 800 पहुंच चुका है। सिविल अस्पताल की लैब में प्रतिदिन 194 सैंपल की जांच हो रही है। सिविल अस्पताल की ओपीडी अब 1300 पार पहुंच चुकी है। 20 सितंबर से पहले ओपीडी 800-900 के बीच रहती थी। डॉक्टर सुबह शाम की ठंड से बचने के लिए परामर्श दे रहे हैं। जिले में डेंगू के अब तक 323 केस मिल चुके हैं।
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इस साल जिले में डेंगू का कहर भी है। इस साल अब तक डेंगू के 323 मरीज मिल चुके हैं। पांच साल तक के 19 बच्चे भी डेंगू की चपेट में आ चुके हैं। बाहरी कॉलोनियों व ग्रामीण परिवेश में लोग डेंगू का शिकार हो रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग की 100 टीमें फील्ड में एंटी लार्वा एक्टिविटी चला रही हैं। सिविल अस्पताल व अन्य सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू के मरीजों के लिए 64 बेड आरक्षित किए गए हैं। सिविल अस्पताल में अब की जांच भी दोगुना हो चुकी है। हर रोज लगभग 50 मरीजों को डेंगू व मलेरिया जांच का परामर्श दिया जा रहा है।
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मौसम में बदलाव से वायरल बुखार शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। सबसे अधिक बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। नागरिक अस्पताल में बाल रोग संबंधी ओपीडी 200 पार हो चुकी है। बच्चे खांसी, बुखार व छाती में दर्द से पीड़ित हो रहे हैं। नागरिक अस्पताल में तीन बाल रोग विशेषज्ञ ओपीडी कर रहे हैं।
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सिविल अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट डॉ. जितेंद्र त्यागी ने बताया कि उनके पास रोजाना ओपीडी में 350-400 मरीज आ रहे हैं। इसमें वायरल बुखार व सर्दी, जुकाम के ही 200-250 मरीज रोजाना मिल रहे हैं। वायरल-टायफाइड में मरीजों की प्लेटलेट्स घट रही है। बदलता मौसम लोगों की सेहत बिगाड़ रहा है। हम मरीजों की डेंगू व मलेरिया की भी जांच लिख रहे हैं। सर्दी, जुकाम और बुखार होने पर घबराएं नहीं। एहतियात के तौर पर डेंगू-मलेरिया की जांच कराएं। लापरवाही न बरतें, दवा का सेवन करें। टाइफाइड का मुख्य कारण दूषित खानपान है। दूषित जल सेवन करने से टायफाइड बुखार होता है। रक्त की जांच अवश्य कराएं। बुखार होने पर अनुभवी चिकित्सक से परामर्श लें।

टाइफाइड बुखार के लक्षण-
- शरीर में अत्यधिक कमजोरी आना

- दस्त लगना
- त्वचा पर लाल रेशे

- गले में खराश और कंपकंपी
- दो सप्ताह तक डायरिया या खांसी

- खांसी, जुकाम, तेज बुखार
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