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मिल में आठ श्रमिकों की मौत पर भड़के सीटू और श्रमिक संगठन
अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत।
Updated Sun, 27 Nov 2016 12:57 AM IST
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पानीपत। सीटू और श्रमिक संगठनों ने कुराड़ एवीएस स्पीनिंग मिल में हुए अग्निकांड पर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। सीटू और श्रमिक संगठनों ने प्रशासन पर मामले में लीपा-पोती करने का आरोप लगाया है। संगठनों का कहना है कि फक्ट्रियों और मिलों में हादसा होने के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचकर कार्रवाई का दिखावा करता है। दो दिन के बाद प्रशासनिक अधिकारी हादसे और श्रमिकों की मौतों को भूल जाते हैं। शनिवार को सीटू और श्रमिक संगठनों ने हाली पार्क में एक शोक सभा का आयोजन कर मृतक श्रमिकों की आत्मा की शांति के लिए दुआ की।
सभा में सीटू के जिला उप प्रधान सुनील दत्त ने कहा कि शुक्रवार का दिन पानीपत के इतिहास में काले दिन के नाम से जाना जाएगा। कुराड़ में मिल में आग लगने से आठ श्रमिकों की मौत हो गई। दो श्रमिकों की हालत गंभीर है। पानीपत में हर साल औसतन 20 श्रमिक फैक्ट्रियों और मिल में हादसों में मारे जाते हैं। इसकी वजह प्रशासन की लापरवाही है। फैक्ट्रियों में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होती। उन्होंने हादसे में मारे गए आठ श्रमिकों के शवों का शनिवार सुबह जल्द पोस्टमार्टम कराने पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के आने का भी इंतजार नहीं किया। प्रशासन ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों को सौंप। इसके लिए परिजनों का इंतजार करना चाहिए था। सीटू ने मृतकों के परिजनों के लिए सरकार से दस लाख और घायलों के लिए मुफ्त इलाज के साथ ही एक लाख रुपये की मांग की। इस मौके पर जिला सचिव आनंद जवाहरा, जयभगवान, गुलाब चंद, राजेश, कर्मबीर, जयपाल, सोमबीर, रामेहर, ओमप्रकाश, रामकुमार, लखीराम, जितेंद्र, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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सभा में सीटू के जिला उप प्रधान सुनील दत्त ने कहा कि शुक्रवार का दिन पानीपत के इतिहास में काले दिन के नाम से जाना जाएगा। कुराड़ में मिल में आग लगने से आठ श्रमिकों की मौत हो गई। दो श्रमिकों की हालत गंभीर है। पानीपत में हर साल औसतन 20 श्रमिक फैक्ट्रियों और मिल में हादसों में मारे जाते हैं। इसकी वजह प्रशासन की लापरवाही है। फैक्ट्रियों में सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं होती। उन्होंने हादसे में मारे गए आठ श्रमिकों के शवों का शनिवार सुबह जल्द पोस्टमार्टम कराने पर भी सवाल खड़े किए। कहा कि प्रशासन ने मृतकों के परिजनों के आने का भी इंतजार नहीं किया। प्रशासन ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर उनके रिश्तेदारों और पड़ोसियों को सौंप। इसके लिए परिजनों का इंतजार करना चाहिए था। सीटू ने मृतकों के परिजनों के लिए सरकार से दस लाख और घायलों के लिए मुफ्त इलाज के साथ ही एक लाख रुपये की मांग की। इस मौके पर जिला सचिव आनंद जवाहरा, जयभगवान, गुलाब चंद, राजेश, कर्मबीर, जयपाल, सोमबीर, रामेहर, ओमप्रकाश, रामकुमार, लखीराम, जितेंद्र, नरेंद्र आदि मौजूद रहे।
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