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Panipat News: अहर में चौधर की जंग, सरपंच पर फर्जी वोट डलवाने के दोष तय
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पानीपत। अहर गांव में चौधर पर संग्राम जारी है। जिला सेशन कोर्ट ने दो नवंबर 2022 को अहर गांव में हुए पंचायती चुनाव को रद्द कर दिया है। कोर्ट ने सरकार को दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए हैं। चुनाव में पराजित माने गए उम्मीदवार ने विजेता उम्मीदवार पर फर्जी वोट डलवाने के आरोप लगाए थे। आरोप था कि विजेता घोषित आरोपी उम्मीदवार ने विदेश में बैठे युवकों व मृतकों के वोट भी पोल कराए हैं इसलिए उनकी 34 वोट से हार हुई है। जबकि 61 फर्जी वोट डाले गए हैं। सिविल जज जूनियर डिवीजन हरलील पाल सिंह की कोर्ट ने आठ अक्टूबर 2023 को चुनाव को रद्द करने के आदेश दिए थे। कोर्ट के इस आदेश को सरपंच चुने गए प्रत्याशी ने सेशन जज की कोर्ट में चुनौती दी थी। अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. नरेश कुमार सिंघल ने अहर गांव के चुनाव को रद्द करने व दोबारा चुनाव के आदेश दिए हैं।
दो नवंबर 2022 को हुए पंचायती चुनाव में महेंद्र सिंह गांव अहर के 34 वोटों से सरपंच बने थे। हारे हुए प्रत्याशी भगवान दास ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट के दरवाजे खटखटाए थे। याची पक्ष के वकील राजकुमार जीवन ने बताया कि चुनाव में भगवान दास भी सरपंच के प्रत्याशी थे। दूसरी तरफ से महेंद्र सिंह चुनाव मैदान में थे। भगवान दास का आरोप था कि महेंद्र सिंह ने पोलिंग पार्टी से मिलीभगत कर मृत लोगों का भी मतदान करा दिया। कुछ लोगों के दो बार मतदान किए। गांव से विदेश में गए लोगों तक का मतदान करा दिया गया। इन सबके चलते भगवान दास 34 वोट से चुनाव हार गए।
कोर्ट ने पोलिंग पार्टी से रिकॉर्ड मंगवाया गया। इसमें साफ हुआ कि 15 वोट पोलिंग पार्टी ने अपनी मर्जी से प्रयोग किया था। 31 वोट दोबारा प्रयोग में लाए गए थे। कुछ वोट तीन बार भी पोल हुए। इस तरह 61 वोट फर्जी तरीके से डलवाए गए। जबकि भगवान दास 34 वोटों से पीछे रहे थे। सिविल जज जूनियर डिवीजन हरलील पाल सिंह की कोर्ट ने आठ अक्तूबर 2023 को चुनाव को रद्द करने के आदेश दिए थे। महेंद्र सिंह इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में गए थे। सेशन कोर्ट ने नवंबर 2023 में दोबारा चुनाव कराने पर स्टे लगा दिया था। अब सेशन काेर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अहर गांव के पंचायती चुनाव को रद्द करने व दोबारा चुनाव करने के आदेश दिए हैं।
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वह कोर्ट के फैसले से खुश- भगवान
याचिकाकर्ता भगवान दास ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से खुश हैं। उनको सच्चाई साबित करने में डेढ़ साल का समय लग गया। उन्हें कोर्ट पर पूरा विश्वास था कि उन्हें न्याय मिलेगा। महेंद्र सिंह को जल्द चार्ज प्रशासन को सौंप देना चाहिए।
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दो नवंबर 2022 को हुए पंचायती चुनाव में महेंद्र सिंह गांव अहर के 34 वोटों से सरपंच बने थे। हारे हुए प्रत्याशी भगवान दास ने इस फैसले के खिलाफ कोर्ट के दरवाजे खटखटाए थे। याची पक्ष के वकील राजकुमार जीवन ने बताया कि चुनाव में भगवान दास भी सरपंच के प्रत्याशी थे। दूसरी तरफ से महेंद्र सिंह चुनाव मैदान में थे। भगवान दास का आरोप था कि महेंद्र सिंह ने पोलिंग पार्टी से मिलीभगत कर मृत लोगों का भी मतदान करा दिया। कुछ लोगों के दो बार मतदान किए। गांव से विदेश में गए लोगों तक का मतदान करा दिया गया। इन सबके चलते भगवान दास 34 वोट से चुनाव हार गए।
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कोर्ट ने पोलिंग पार्टी से रिकॉर्ड मंगवाया गया। इसमें साफ हुआ कि 15 वोट पोलिंग पार्टी ने अपनी मर्जी से प्रयोग किया था। 31 वोट दोबारा प्रयोग में लाए गए थे। कुछ वोट तीन बार भी पोल हुए। इस तरह 61 वोट फर्जी तरीके से डलवाए गए। जबकि भगवान दास 34 वोटों से पीछे रहे थे। सिविल जज जूनियर डिवीजन हरलील पाल सिंह की कोर्ट ने आठ अक्तूबर 2023 को चुनाव को रद्द करने के आदेश दिए थे। महेंद्र सिंह इस फैसले के खिलाफ सेशन कोर्ट में गए थे। सेशन कोर्ट ने नवंबर 2023 में दोबारा चुनाव कराने पर स्टे लगा दिया था। अब सेशन काेर्ट ने दलीलें सुनने के बाद अहर गांव के पंचायती चुनाव को रद्द करने व दोबारा चुनाव करने के आदेश दिए हैं।
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वह कोर्ट के फैसले से खुश- भगवान
याचिकाकर्ता भगवान दास ने कहा कि वह कोर्ट के फैसले से खुश हैं। उनको सच्चाई साबित करने में डेढ़ साल का समय लग गया। उन्हें कोर्ट पर पूरा विश्वास था कि उन्हें न्याय मिलेगा। महेंद्र सिंह को जल्द चार्ज प्रशासन को सौंप देना चाहिए।